देखिए प्रभु की रेल किस तरह आपकी जेब से लूट रही है 525 करोड़ रुपये

Sanjaya Kumar Singh : भारतीय रेल ने ‘तत्काल’ के नाम पर रेल आरक्षण की अधिकृत कालाबाजारी शुरू की थी और रेलवे में मांग व पूर्ति का अंतर इतना ज्यादा है कि इस सरकारी कालाबाजारी के बाद भी तत्काल टिकट लोगों को नहीं मिलता था। आम आदमी के लिए खुद तत्काल टिकट लेना लगभग असंभव था। यह काम दलाल और ज्यादा पैसे लेकर दूसरे लोग करते थे। कई बार शिकायतों के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। दूसरी ओर, संयोग से मुझे तत्काल टिकट की जरूरत ही नहीं पड़ी। या यूं कहिए कि इसका कोई भरोसा ही नहीं था, तो जब, जहां तत्काल टिकट लेकर जाना था वहां मैं गया ही नहीं। और मौका मिला तो उड़ लिया।

रेलवे के इतने बड़े झूठ और फर्जीवाड़े पर मीडिया और मंत्रालय ने चुप्पी क्यों साध रखी है?

Sanjaya Kumar Singh : रेल मंत्री ट्वीटर पर व्यस्त और अपराधी-ठग अपने धंधे में… अब स्पष्टीकरण से क्या लाभ जब चिड़िया चुग गई खेत… रेल मंत्री सुरेश प्रभु जब ट्वीटर के सहारे मुश्किल में फंसे रेल यात्रियों को खाना, पानी और डायपर पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे तो ठगों, अपराधियों और संभवतः रेलवे से जुड़े लोगों का एक गिरोह आम युवाओं, रोजगार तलाश करने वालों को ठगने-लूटने में लगा हुआ था। जरूरी नहीं है कि यह सूचना सही हो। यह भी संभव है कि रेल मंत्रालय की जानकारी के बगैर या कायदे-कानूनों को पूर्ण किए बगैर रेल सुरक्षा बल में 17,000 कांसटेबल की नियुक्ति के विज्ञापन निकाल दिए गए हों और अब जब पता चला तो नियुक्ति की घोषणा को फर्जी करार दिया गया।

शिकायत पुस्तिका का नाम सुनते ही ट्रेन के कैटरिंग स्टाफ में करंट सी फुर्ती का संचार हो गया

सरकारनामा : राम भरोसे प्रभुजी की रेल (2)

….गतान्क से आगे

रविवार की शाम घर पहुँचने के बाद सबसे पहले मैंने भोजन किया और फिर जूते खरीदे। मैं जिस काम से पटना गया था, सोमवार को उसे निपटाते-निपटाते शाम हो गई और वापसी की ट्रेन पकड़ने का वक़्त भी। उस काम के बारे में मैं अगली कड़ी में विस्तार से चर्चा करूँगा। खैर, ऑटो रिक्शा से राजेन्द्र नगर स्टेशन पहुंचा तो राजधानी एक्सप्रेस पहले से ही प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर खड़ी थी। मैं अपने निर्धारित सीट पर आकर बैठ गया। तत्काल में टिकट लेने की वजह से मुझे करीब 2100 रूपए चुकाने पड़े थे। वैसे मैं अन्य किसी ट्रेन में भी टिकट ले सकता था, लेकिन पटना आते वक़्त जो फजीहत झेलनी पड़ी, उसे फिर से दोहराना नहीं चाहता था। विश्वास था कि राजधानी एक्सप्रेस बमुश्किल 1-2 घंटे लेट होगी, फिर भी मंगलवार सुबह 10 बजे तक दिल्ली स्थित आवास पहुँच जाऊंगा।

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के इस ट्रेन लुटेरे से यात्रियों ने पुलिसिया अंदाज में पूछताछ कर बनाया वीडियो (देखें)

इस शख्स के चेहरे को याद रखिए. खुद को पुलिस वाला बताता है लेकिन इसका काम ट्रेनों में लूटपाट करना है. परसों रात दिल्ली आ रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी कोच में यह बनारस के पास चाकू लेकर घुसा और यात्रियों के मोबाइल लूटने लगा. बाद में किसी तरह पुलिस वालों ने इसे पकड़ा. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लूट करने वाले इस लुटेरे से यात्रियों ने अपने तरीके से हाथ साफ करते हुए जमकर की पूछताछ.

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में चाकू के बल पर एसी बोगी में कइयों से लूट, नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हुआ लुटेरा (देखें वीडियो)

मुजफ्फरपुर से चलकर गाजीपुर, बनारस, इलाहाबाद, कानपुर होते हुए नई दिल्ली को आने वाली ट्रेन स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 12561 के AC बोगी में बीती रात एक लुटेरा घुस आया और पूरे 40 मिनट तक चाकू के बल पर लोगों के मोबाइल वगैरह छीनता लूटता रहा. ट्रेन बनारस से इलाहाबाद पहुंच गई पर कोई पुलिस सहायता नहीं मिली. RPF के सिपाही भी नहीं आए. लुटेरे ने विरोध करने वाले एक पैसेन्जर को चाकू मारकर घायल भी कर दिया.

सरकारनामा : राम भरोसे प्रभुजी की रेल (1)

दुनियाभर के सबसे लंबे रेल नेटवर्क में से एक भारतीय रेल के साथ यूँ तो मेरे कई छोटे मोटे सकारात्मक और नकारात्मक अनुभव रहे हैं, लेकिन इस बार का अनुभव कुछ अलग रहा। चार दिन की छुट्टी में तीन दिन न सिर्फ ट्रेन में बीते, बल्कि सरकारी व्यवस्था के कई अन्य पहलुओं से भी अवगत होने का अवसर प्राप्त हुआ।  शुरुआत करते हैं पहले दिन से। शनिवार 23 जनवरी की सुबह आनंद विहार रेलवे स्टेशन से 7 बजकर 30 मिनट पर गाड़ी संख्या 12488, आनंद विहार-जोगबनी सीमांचल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के शयनयान श्रेणी में पटना के लिए रवाना हुआ। गाड़ी सही समय से चली और दिन की ट्रेन होने के कारण कोहरे की समस्या भी नहीं थी, जिसे ट्रेन के विलम्ब होने के लिए अक्सर ज़िम्मेदार ठहराया जाता है।

लखनऊ के रेलवे बीट देखने वाले पत्रकारों को नए आए रेल अफसर का सम्मान क्यों करना पड़ा?

Gulam Jeelani : How times change! There was a time when journalists would be known for stories and here we are felicitating a newly posted railway official in Lucknow. And don’t tell me you don’t know why.

गुलाम जिलानी के फेसबुक वॉल से.

हे संसद वाले प्रभु! रेल हादसा प्राकृतिक आपदा नहीं, इसके जिम्मेदार सिर्फ तुम सब !!

रात में कामायनी एक्स. के दुर्घटनाग्रस्त होने के मैसेज आने लगे थे। सुबह हादसे की भयावहता का पता चला। भोपाल जाने के लिए यही मेरी ट्रेन थी। 

इटारसी रेल अग्निकाण्ड : जरा सी चूक, हजारों करोड़ स्वाहा

रेल्वे सेफ्टी महकमा और जबलपुर जोन कार्यालय के बीच तालमेल की कमी के चलते लगभग उम्र पूरी कर चुके जले आरआरआई सिस्टम की जगह लेने पहले से तैयार नए आपग्रेडेड सिस्टम को ट्रायल की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। अब तक 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। केवल पहले 14 दिनों में 600 से ज्यादा पैसेन्जर ट्रेन कैंसल हो चुकी हैं और 350 से ज्यादा के रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं। रेल परिचालन को सामान्य करने में 35 दिन लगेंगे और इसकी समय सीमा 22 जुलाई तय की गई है।

रेलवे के बुरे दिन : दो बार पैसा एकाउंट से कट गया लेकिन रेल टिकट बुक न हो सका

Yashwant Singh : दो बार एकाउंट से पैसा कट गया, रेलवे की वेबसाइट आईआरसीटी पर टिकट बुक करने के प्रयास में, लेकिन टिकटवा ससुरा न मेल पर न ही एसएमएस पर आ रहा. एकाउंट से पैसा डिडक्ट करने के बाद आईआरसीटीसी का सर्वर गड़बड़ा जा रहा है. तीसरी बार ट्राई करना शुरू किया तो पता चला कि पूरी वेबसाइट मेंटेनेंस मोड में चली गई है. ये अच्छे दिन हैं. दिल्ली से गोरखपुर चला तो गोरखधाम एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट दिल्ली आई. गोरखपुर में दोपहर बाद ढाई बजे पहुंची जबकि इसके पहुंचने का टाइम सुबह साढ़े नौ है.

कब आएंगे रेलवे में अच्छे दिन : …तो क्या रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा झूठ बोल रहे हैं!

Padampati Sharma : कहां आए रेलवे में अच्छे दिन ‘प्रभु’ यह गाजियाबाद है!! काश! मैं पूरा दृश्य दिखा पाता. गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ जाना है. टैक्सस (अमेरिका) से बेटे ने तत्काल में टिकट कराया मजबूरी में क्योंकि शताब्दी सहित किसी भी ट्रेन में जगह नहीं थी. पता लगा कि कभी राजा गाड़ी समझी जाने वाली यह ट्रेन आज की तारीख में बतौर बैलगाड़ी जानी जाती है. पता चला कि इस ट्रेन को नौ बजे रात्रि में पहुंचना होता है पर ११ के पहले कभी नहीं पहुंचती. मजा देखिए कि तत्काल में भी टूटीयर एसी में ऊपर की बर्थ एलाट की गयी जबकि दावा यह कि सीनियर सिटिजन को लोवर बर्थ दी जाएगी. दावा मजाक बन कर रह गया….!!

होशियार ! ‘ईमानदार’ आर. प्रभु के नेतृत्व में रेलवे ने खोली भ्रष्टाचार की नई खिड़की

भारत सरकार और भारतीय रेलवे की ओर से नई तकनीक के साथ भ्रष्टाचार रोकने व यात्रियों को सुविधाएं देने का समय समय पर दावा किया जाता है। इसी कड़ी में इंडियन रेलवे केटरिंग एण्ड टयूरिस्म कारपोरेMन (आई.आर.सी.टी.सी) द्वारा गत वर्ष एक ही दिन में 5 लाख 80 हजार टिकटें आरक्षित करने का रिकार्ड कायम किया गया था। हाल ही में यह रिर्काड 11 लाख पर पहुंच चुका है। परन्तु इसी साइट पर टिकट आरक्षित करने पर कई यात्रियों को लूट का भी शिकार होना पड़ता है।

Excuse Me MR. PM, Passengers to starve in Non VVIP trains as my Wife does in Amritsar Express for your Bullet PPP Dream!

My wife Sabita Biswas,aged 56 is travelling by 13049 Amitsar Express. Coach B-one,Berth number 48.She is in mourning as her elder brother died and she has to join her family in Bijnore. I saw her leaving Howrah on 13:50 by the train.Since,I could not go,we opted for 3A ticket and it was only available as all trains remain full until May 2nd. We could not manage a return ticket as she has to look for Tatkal on her return.

ये है इंडिया मेरी जान : भाजपाइयों ने स्टेशन पर कराया बैंड बाजा डांस… सुनिए स्टेशन मास्टर का अदभुत बयान

नीचे दो वीडियो लिंक हैं. पहले में बलिया के सुरेमनपुर रेलवे प्लेटफार्म पर बैंड बाजा डांस है. दूसरे में इस डांस और भीड़ पर स्टेशन मास्टर सुरेमन पुर टीएन यादव का बयान है. बलिया के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्टेशन मास्टर की मौजूदगी में हुआ डांस चर्चा का विषय बन गया है. हजारों लोगों ने बिना प्लेटफार्म टिकट लिये स्टेशन पर नाच का खूब मजा लिया. जनता ने खुश होकर नाचने वाली को पैसे भी खूब दिए.

‘न्यूज24’ का खुलासा : शौचालय के पानी से ट्रेनों में पक रहा है खाना!

न्यूज चैनल ‘न्यूज 24’ ने ‘अच्छे दिनों’ की पोल खोल दी है. रेल व्‍यवस्‍था में सबकुछ बदल डालने का दावा करने वाली केंद्र सरकार के शासन तले संचालित ट्रेनों में शौचालय के पानी से खाना बनाया जा रहा है. ‘न्यूज24’ न्यूज चैनल की पड़ताल में रेलवे की यह ‘डर्टी पिक्‍चर’ सामने आई है जिसे देखकर जनता हैरान है. मामला मुंबई से दिल्‍ली आने वाले पश्चिम एक्‍सप्रेस का है. इस ट्रेन में जिस पानी का इस्‍तेमाल शौचालय में किया जाना था उससे खाना बनाया जा रहा था.

भागवत साहब, “भारतीय रेलवे” को “हिंदू रेलवे” घोषित कर दें….

Sumant Bhattacharya :  मैं भारतीय रेल के बहाने श्रीयुत मोहन भागवत साहब के नाम खुला पत्र लिखना चाहता हूं। आदरणीय भागवत जी से मेरी अपील है कि वो भारतीय रेलवे को हिंदू घोषित करें। क्यों..? क्यों की इस पीड़ा का लेखाजोखा आपके सामने है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु के साथ बातचीत के लिए दिल्ली के ताज पैलेस में ज़ी टीवी ने एक कार्यक्रम रखा था। ज़ी के एडिटर सुधीर चौधरी ने सुरेश प्रभु के आगमन के पहले कहा, “आज इस कार्यक्रम में भारत (मेरी नजर में दिल्ली भी नहीं) के श्रेष्ठ दिमाग मौजूद हैं, और मुझे उम्मीद है कि जब रेल मंत्री यहां से जाएंगे तो उनके सामने एक अलग ही “ब्लू प्रिंट” होगा।“ सुधीर के ये शब्द मेरे मन में काफी उम्मीद जगा गए। बहरहाल, भारतीय ट्रेन की तरह रेल मंत्री भी लेट हुए।

जब रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कड़वी दवा’ पिला दी!

खर्चे कम करने के लिए नसीहत देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक जब रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा फिजूलखर्ची किए जाने का मामला पहुंचा तो उन्होंने मनोज सिन्हा को ‘कड़वी दवा’ पिलाने में देर नहीं की. कहा जा रहा है कि इस दवा के पीने के बाद मनोज सिन्हा आगे से आइंदा ऐसी हरकत नहीं करेंगे. पूरा मामला क्या है, इसके बारे में विस्तार से आउटलुक हिंदी मैग्जीन में खबर का प्रकाशन किया गया है. वहीं की खबर की कटिंग करके यहां प्रकाशित किया जा रहा है… पढ़ें….

शताब्दी और राजधानी का किराया पिछली सरकार के मुकाबले ड्योढ़ा हुआ, सुविधाएं निल, नाश्ते-भोजन की क्वालिटी जस की तस

आज रिजर्वेशन कराया। यकीनन रेलवे कर्मचारियों का मिजाज सुधरा है पर रेलवे का मिजाज बिगड़ा है। शताब्दी व राजधानी का किराया डॉक्टर मनमोहन सिंह के जमाने से करीब-करीब ड्योढ़ा हो गया है। और सुविधाएं निल। नाश्ते व भोजन की क्वालिटी जस की तस है। वही पुराने दो पीस ब्राउन ब्रेड के और उतने ही बासी कटलेट नाश्ते में। मैले कप में घटिया-सी चाय और पनियल सूप।

पांच महीने में मोदी के रेल मंत्री सदानंद गौड़ा की संपत्ति दोगुनी हो गई

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा पीएमओ में जमा किया है, उसमें चुनाव के वक्त से अब तक में कुछ मंत्रियों की संपत्ति बढ़ गई है, तो कई की घट भी गई है। इलेक्शन वॉच की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री सदानंद गौड़ा की संपत्ति पांच महीने में 10 करोड़ से ज़्यादा बढ़ गई है। हालांकि रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने सफ़ाई दी है कि लोकसभा चुनावों के नतीजों से पहले उन्होंने लोन लेकर जो संपत्ति ख़रीदी उससे ये भ्रम हो रहा है। लोकसभा चुनावों के दौरान रेलमंत्री ने घोषणा की थी कि उनके पास कुल 9.88 करोड़ की संपत्ति है और अब पीएमओ को दिए ब्योरे में उनकी संपत्ति अब 20.35 करोड़ हो गई है। यानी पिछले पांच महीने में उनकी संपत्ति में 10.46 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

रेल में खेल (2) : बैकडोर से पैसे लेकर पैन्ट्रीकार तक में ठूंसने का जो काम हो रहा है वो किस अच्छे दिन का नमूना है?

Vineet Kumar : स्लीपर की टॉयलेट में 12-14 लोग घुसे हैं… पैंट्री कार में 1500-2000 रुपए लेकर घुसाया जा रहा है…. आप कह सकते हैं कि इतनी भीड़ में क्या व्यवस्था होगी भला? लेकिन जिनकी टिकट बहुत पहले से कन्फर्म है, वो अन्दर तक नहीं जा सके और ट्रेन गुजर गयी? ये सिर्फ भीड़ है फिर इसमें भ्रष्टाचार के भी अंश घुले हैं? मोदी सरकार क्या, इससे पहले की भी सरकार नागरिक सुविधाओं में तेजी से कटौती करती आयी है. लेकिन ये मौजूदा सरकार जो नागरिक को ग्राहक मानती है, उनके बीच प्रशासन नहीं मार्केटिंग के जाल बिछाना चाहती है लेकिन ग्राहकों को चूसने के मामले में धंधेबाजों और कार्पोरेट से भी दो कदम आगे निकल जाए तो उसे आप क्या कहेंगे?

370 एकड़ वन जमीन सौंपकर उद्योगपति अडानी का कुछ एहसान चुका दिया मोदी जी ने

Yashwant Singh : मुंबई मिरर में आज खबर है कि मोदी की सरकार ने अपने प्रिय उद्योगपति मिस्टर अदानी के गोंडिया पावर प्रोजेक्ट के लिए 370 एकड़ वन जमीन की स्वीकृति दे दी है. यानि 370 एकड़ जंगल की जमीन पर अब अदानी का अधिकार होगा और उनका पावर प्रोजेक्ट चलेगा. अदानी को इस प्रस्ताव पर स्वीकृति पूरे छह साल तक इंतजार के बाद मिली है. यानि जब मोदी जी केंद्र में आए हैं तभी अदानी के प्रस्ताव पर ओके की मुहर लग गई है. और, इस प्रकार अदानी साब ने मोदी के लिए चुनाव में जो जो किया, उसका छोटा सा एहसान मोदी जी ने चुका दिया है. पावर प्रोजेक्ट चले, बिजली बढ़े, इस पर किसी को एतराज न होगा. लेकिन सवाल वही है कि आम जन का भला करने के नाम पर आई मोदी सरकार सबसे तेजी से उद्योगपतियों की जेब भरने में लगी है.

रेल में खेल (1) : ‎मोदी ‎सरकार‬ को इस ब्लंडर की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

Priyanka Dubey : हम फ्रीलांसर होकर भी हर छोटी से छोटी पेमेंट का एक चौथाई टैक्स भरते हैं. आम लोगों के टैक्स से सरकार काम करती है. हमारे खून पसीने की कमाई से ट्रेन चलाएंगे. और बैठेंगे उसमें प्रीमियम लोग? पहले ही जनरल डब्बे कम कर दिए गए हैं. अब सरकार यह चाहती है की गरीब अपने घर पैदाइश और मौत में न जा पाए? धीरे धीरे जनरल डब्बे खत्म कर दिए जाएंगे और स्लीपर में तत्काल का टिकट आम इंसान खरीद नहीं पाएगा. पूरा भारत व्यापारियों और उद्योगपतियों से भरा गुजरात नहीं है जो जन सुविधा के हर साधन के निजीकरण पर तुले हुए हैं. उम्मीद है कि ‎मोदी ‎सरकार‬ को अपने इस पोलिटिकल और स्ट्रेटेजिक ब्लंडर की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.

पत्रकार प्रियंका दुबे के फेसबुक वॉल से.

देखिए, रेलवे के इन सरकारी गुंडों को, बिना पैसे लिए यात्रा न करने देंगे, एक यात्री ने कर लिया स्टिंग (वीडियो)

Shovan Mitra : Dear friends last Saturday I have a very horrible experience while travelling by Darjeeling Mail on 28th September, 2014 .I had been to Kolkata to attend the last rite of my fr’nds mother’s. On my way back to NJP on 28th September.I had a Tatakl waiting ticket which was not confirmed and due to heavy Puja rush there was absolutely no place to sneak into general compartment too. Without having any option left with me at the last moment, I have to enter the coaches marked for the disabled persons as the same was totally empty.