संजय गुप्ता समेत पूरी जागरण टीम गिरफ्तार न होने का मतलब चुनाव आयोग भी किसी दबाव में है!

Ram Janm Pathak : हेकड़ी, एक्जिट पोल और खानापूरी… चुनाव आयोग के स्पष्ट मनाही की जानकारी होने के बावजूद अगर दैनिक जागरण की आनलाइन साइट ने एक्जिट पोल छापने की हिमाकत की है तो यह सब अचानक या गलती से नहीं हुआ है, जैसा कि उसके स्वामी-संपादक संजय गुप्ता ने सफाई दी है। गुप्ता ने कहा कि यह ब्योरा विज्ञापन विभाग ने साइट पर डाल दिया। अपने बचाव में इससे ज्यादा कमजोर कोई दलील नहीं हो सकती। अखबार के बारे में थोड़ा -बहुत भी जानकारी रखने वाले जानते हैं कि समाचार संबंधी कोई भी सामग्री बिना संपादक की इजाजत के बगैर नहीं छप सकती।

अखिलेश यादव की तारीफ करने वाले उनके चमचे पत्रकार और बुद्धिजीवी यह जरूर पढ़ें…

Chandan Srivastava : यूपी के बेहाल हाल के लिए अखिलेश यादव के पास दो बहाने होते हैं। एक वह खुद बोलते हैं, दूसरा उनके टुकड़ों पर पल रहे चमचे पत्रकार, बुद्धिजीवी आदि बोलते हैं। अखिलेश कहते हैं कि यूपी के आपराधिक वारदातों की कवरेज ज्यादा ही होती है जबकि चमचे कहते हैं अखिलेश के काम में मुलायम, शिवपाल वगैरह अड़ंगा लगाते रहते हैं, समस्या वहीं है। कुल मिलाकर अखिलेश पाक-साफ। आपको ढाई साल पहले ले चलता हूं जब हमारे मुख्यमंत्री के दोस्ताना ने प्रदेश में सैकड़ों लोगों की जान ले ली।