गुहा जैसों की वजह से ही भागवत पहले भी खबर थे और आगे भी बने रहेंगे

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उम्मीद नहीं थी कि इतिहासकार राम चन्द्र गुहा आरएसएस की खिलाफत के लिए इतना कमजोर दांव खेलेंगे। उन्हें दूरदर्शन पर मोहन भागवत के भाषण दिखाने पर आपत्ति है। वे कहते कि आरएसएस कम्यूनल है। लगे हाथ मोहन भागवत की तुलना इमामों और पादरियों से कर बैठे। तो क्या वे कहना चाहते कि इस देश के इमाम और पादरी कम्यूनल होते हैं?