कोर्ट खुद संज्ञान लेकर यादव सिंह और उसकी पत्नी को कठोर दंड दे और नजीर कायम करे

प्रिय यशवंत भाई,  पिछले कई महीनों से लिखने की सोच रहा था लेकिन काम की व्यस्तता के कारण लिख नहीं पाया और कई बार टाइम होने के बाद भी लिखने का मन नहीं किया क्योंकि सरकार, कर्मचारी, अफसर, राजनेता सब इतने ढीठ हो गए हैं कि तुम उनको कितना भी सुनाते रहो, लिखते रहो उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती क्योंकि वो करते वहीं हैं जो उनको करना है क्योंकि उनको पता है कि भारत का कानून इतना लचीला है कि उनका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता।