ब्रजेश ठाकुर ऑफिस में ही कैसेट लाकर ब्लू फिल्म देखा करता था!

पुलिस गिरफ्त में भी हंस रहा है मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर

मुजफ्फरपुर के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार कुमार हर्षवर्धन दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे संस्थानों में वरीय पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वे एक समय उसी प्रात:काल नामक अखबार में कार्यरत थे जिसके मालिक ब्रजेश ठाकुर व उनके करीबी सफेदपोशों पर चौंतीस बच्चियों से रेप का आरोप लगा है. हर्षवर्धन का कहना है कि वे करीब साल भर तक ब्रजेश ठाकुर के अख़बार प्रातः कमल में कार्यकारी संपादक रहे. उस दौरान ब्रजेश ऑफिस में ही कैसेट लाकर ब्लू फिल्म देखा करता था. Continue reading

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राज्य संरक्षित यौन हिंसा के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच के लिए नीतीश का इस्तीफा जरूरी

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन (एनएफआईडब्लू), स्त्रीकाल, राइड फॉर जेंडर फ्रीडम और अखिल इण्डिया प्रोग्रेसिव वीमेन असोसिएशन, तथा टेढ़ी उंगली द्वारा के संयुक्त आवाहन से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के तहत दिल्ली में आज दोपहर बिहार भवन में विभिन्न संगठनों के सैकड़ों इक्क्ठे हुए और मुजफ्फरपुर के शेलटर होम में बच्चियों से बर्बर यौन शोषण का विरोध किया. प्रदर्शन की खबरें देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही हैं. प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में गॉड लिए गए गांव ‘परचुर ‘ में भी प्रदर्शन की खबर है. Continue reading

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एक कैंपस में 34 बच्चियों से बलात्कार : सरगना पत्रकार रहा है इसलिए चुप है पटना की पत्रकारिता?

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Ravish Kumar : एक कैंपस के भीतर 34 बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहा, बिहार सोता रहा… बिहार के मुज़फ्फरपुर में एक बालिका गृह है। इसे चलाते हैं एन जी ओ और सरकार पैसे देती है। इस बालिका गृह में भागी भटकी हुई लड़कियों को ला कर रखा जाता है, जिनका कोई ठिकाना नहीं होता है, मां बाप नहीं होते हैं। इस बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों की उम्र 7 से 15 साल के बीच बताई जाती है। Continue reading

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अब यह जैन मुनि निकला रेपिस्ट, हुआ अंदर!

Shishir Soni : बहुरूपिये समाज के तेजी से स्खलित होने का परिणाम है जैन मुनि का कुकृत्य और उनकी गिरफ्तारी. इन्हे जूते की माला पहना कर सार्वजनिक अभिनन्दन करना चाहिए. आये दिन ये खबरें आती हैं की फलां करोड़पति सांसारिक वैभव को छोड़ जैन मुनि बन गया. लेकिन उन तपस्वी मुनियों के बीच से ऐसी बजबजाती दुर्गन्ध आये तो समाज का स्वरुप क्या होगा? मन सिहरता है ये सोच कर.

अपने एक जैन मित्र के साथ कई जैन मुनियों से मिला. यकीन मानिये किसी से प्रभावित नहीं हुआ. बातों में कोई गहराई नहीं. वाणी में माधुर्यता का रसखान नहीं. बेहद सतही प्रवचन. कई तो स्वनामधन्य महा-मूर्ख भी मिले. हो सकता है ऐसे मुनि हों जिन्हें सुनने का अवसर नहीं मिला हो और वो अच्छा ज्ञान रखते हों. अच्छा कनेक्ट करने की विधा में पारंगत हों. लेकिन ज़्यदातर मुनियों की एक ही लालसा होती है कि हमारे चातुर्मास या अन्य धार्मिक समागम में बड़े-बड़े राजनेता आएं.

क्यों भाई! ये नेताओं की लालसा क्यों? क्यूंकि मुनियों में आपसी प्रतिद्वंता जबरदस्त है. खुद को दूसरे मुनियों से श्रेष्ठ दिखाने के लिए वीवीआईपी आमद कैसे बैढे इसकी खुशामद में वे कुछ जैन धन्ना सेठों का बगलबच्चा बने रहते हैं. उसके ऐवज में, धर्म की आड़ में वो धन्ना सेठ अपना उल्लू सीधा करने में लगा रहता है. ऐसा कमोबेश हर धर्म में प्रचलित रहा है. सादगी की प्रतिमूर्ती माने जाने वाले जैन धर्म गुरुओं और जैन धर्मावलम्बियों में ऐसी गंदगी तेजी से घर कर रही है. जो सर्वथा शर्मनाक है. वृहत समाज के लिए घातक भी.

दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सोनी की एफबी वॉल से.

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इंडिया न्यूज, नोएडा के पत्रकार ललित मोहन के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण का मुकदमा लिखा

इण्डिया न्यूज चैनल के पत्रकार ललित मोहन के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मुकदमा लिखा है. यह मुकदमा महिला आयोग के आदेश पर थाना सराय रोहिला पुलिस की तरफ से दर्ज किया गया. एक महिला ने नोएडा के पत्रकार ललित मोहन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. महिला शादीशुदा है और उसका आरोप है कि पत्रकार के कारण उसका पति से अलगाव हो गया.

महिला के मुताबिक यौन शोषण की शिकायत नोएडा पुलिस में की लेकिन पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी. यही नहीं, नोएडा पुलिस ने पीड़िता को ही डरा धमका कर शांत रहने को कह दिया. महिला के मुताबिक वह भी कभी नोएडा में एक न्यूज चैनल में पत्रकार थी. तभी उसकी ललित मोहन से मुलाकत हुई. बाद में शादी तय होने पर महिला ने नौकरी छोड़ दी. आरोप है कि ललित मोहन ने फोन और एसएमएस के जरिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. महिला के मुताबिक ललित डरा धमका कर अपने पास बुलाया और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर अश्लील फोटो खींच ली.

महिला का कहना है कि वह दिल्ली से ग्रेटर नॉएडा के दादरी में एक कालेज में एक्जाम देने पहुंची तो वहां भी ललित पहुँच गया. वह महिला को परेशान करने लगा और जबरदस्ती अपनी गाडी में बैठाने लगा. इसकी शिकायत महिला ने दादरी थाने में की. ललित ने पुलिस को मैनेज कर लिया और थाने से छूट गया. महिला का कहना है कि आए दिन के उत्पीड़न से तंग आकर उसने चैनल इन्डिया न्यूज के असाइनमेंट हेड प्रशांत मिश्रा और क्राइम हेड रवि शर्मा से लिखित शिकायत की.

चैनल के इन दोनों अधिकारियों ने दोनों को आमने सामने बैठा कर लिखित रूप समझौता करा दिया. ललित मोहन ने लिखकर दिया कि वह परेशान नहीं करेगा. लेकिन कुछ दिनों बाद ही ललित मोहन फिर नए नए नंबरों से परेशान करने लगा. पीड़िता के मुताबिक ललित उसे और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी देने लगा. महिला ने फिर नोएडा पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद महिला ने थक हार कर दिल्ली महिला आयोग में अपनी आप बीती सुनाते हुए ललित मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. महिला आयोग के आदेश पर दिल्ली के थाना सराय रोहिला में ललित मोहन के खिलाफ 18 अप्रैल को धारा 354 (D), 506, 509 के तहत मामला दर्ज किया गया.

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छेड़छाड़ प्रकरण मैनेज न कर पाने की सजा ‘समय’ चैनल के हेड ने कई रिपोर्टरों को दी

सहारा मीडिया के न्यूज चैनल ‘सहारा समय’ में अंधेरगर्दी मची हुई है. चैनल हेड मनोज मनु समेत कई बड़े पदाधिकारियों के खिलाफ छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज करने के कोर्ट के आदेश को लेकर कई रिपोर्टरों पर गाज गिरा दी गई है. इन्हें पूरे मामले को न मैनेज कर पाने की सजा सुनाई गई है. इन पत्रकारों में आलोक द्विवेदी, आलोक मोहन नायक, मृगांक, बिजेंद्र सिंह, कोमल, खालिद वसीम, ऋषिकेश आदि का नाम शामिल है.

ये पत्रकार प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, दिल्ली सरकार से लेकर बिजनेस और एंटरटेनमेंट बीट आदि पर तैनात रहे हैं. लेकिन अब इन्हें पीसीआर में काम करना पड़ रहा है. इनसे पहले इस्तीफा मांगा गया. इस्तीफा नहीं देने पर इन सभी लोगों को प्रताड़ित करते हुए पीसीआर में डाल दिया गया. इस मामले की जानकारी कंपनी में सर्वेसर्वा बनाकर लाये गए कौस्तुब रे को भी पत्रकारों ने दी और विस्तार से अपनी समस्या बताई. लेकिन कोई भी सहारा की राजनीति में पैठ बना चुके मनोज मनु के खिलाफ मोर्चा नहीं खोलना चाहता है.

मूल खबर…

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पत्रकारिता की ट्रेनिंग देने का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पत्रकारिता की ट्रेनिंग देने का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में युवती ने कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज कराया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय युवती को आरोपी संजय रायकवार ने विज्ञापन लाने के लिए नौकरी पर रखा। कुछ दिन बाद वह युवती से बोलने लगा कि मैं तुम्हें बहुत बड़ी पत्रकार बना दूंगा।

युवती उसके झांसे में आ गई। इस दौरान आरोपी ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चार से अधिक रूम किराए पर लेकर युवती को रखा। इसी बीच युवती को संजय पर संदेह हुआ तो उसने परिचित को अपनी आपबीती बताई और बोली संजय गुप्त तरीके से पत्रकारिता करने की ट्रेनिंग देने के नाम पर मुझे अलग-अलग रूम में रखता है। साथ ही मेरे साथ गलत काम करता है।

इस पर उसके परिचितों ने उसे हकीकत बताई। आरोपी का सच सामने आते ही युवती ने कोतवाली थाने पहुंचकर संजय के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कराया। इधर, मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मंगलवार को आरोपी संजय रायकवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।

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बलात्कार कर बेटी को गर्भवती करने वाले कलयुगी बाप पर महिला वकीलों ने किया हमला

आगरा के थाना शाहगंज के ज्ञासपुरा में अपनी बेटी का लगातार शारीरिक शोषण कर गर्भवती करने वाले कलयुगी बाप को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायलय में कलयुगी बाप के आने की खबर मिलते ही महिला अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। उनका साथ देने के लिए पुरुष अधिवक्ता भी आ मिले। दर्जनों की संख्या में माहिला और पुरुष अधिवक्ताओं ने न्यायलय परिसर को घेर लिया, जिसे देख पुलिस के हाथ पैर फूल गए।

पुलिस के लाख बचाने के बवजूद अधिवक्ताओं ने कलयुगी बाप की जमकर पिटाई लगाई। बेटी द्वारा बाप के ऊपर बलात्कार कर गर्भवती करने का बयान देने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज मुक़दमे में पिता को नामजद करते हुए हिरासत में ले लिया और न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया। महिला अधिवक्ताओं ने आरोपी को पीटना शुरू कर दिया। देखना है कि 6 माह की गर्भवती के साथ आगे क्या होता है क्या न्यायालय उसे अबॉर्शन की इजाजत देगा या फिर उसे उसकी इस औलाद के साथ समाज स्वीकार करेगा?

संबंधित वीडियोज देखने के लिए नीचे क्लिक करें >

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https://www.youtube.com/watch?v=AeFj9XNzAB8

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https://www.youtube.com/watch?v=13lu6fcHdmg

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https://www.youtube.com/watch?v=DoHpwokICHs

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https://www.youtube.com/watch?v=9D_5mCk-jEA

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उपमन्यु पर लगा रेप का आरोप झूठ का पुलिंदा साबित हुआ

मथुरा। ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष, उपजा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट पर आरोप लगाने वाली एमबीए की छात्रा न्यायालय में हुए अपने बयानों एवं लगाए शपथ पत्रों में अपनी पूर्व की कहानी से पल्ला झाड़ते हुए उपमन्यु को निर्दोष करार दिया है। कोर्ट में उसने शपथ पत्र दाखिल कर कहा है कि उसके साथ बलात्कार एवं छेडख़ानी जैसी कोई वारदात नहीं हुई थी। अपने भाई को एक मामले में जेल जाने से बचाने के लिए तथा कुछ लोगों की सलाह पर उसने कमलकांत उपमन्यु पर आरोप लगाया था जो गलत था। वादिया का 5/01/2016 को न्यायालय में शपथ बयान हुआ है। इसमें उसने अंतिम आख्या पर अपनी सहमति जताते हुए कहा है कि वह इस संबंध में न्यायालय में पूर्व में बिना किसी प्रलोभन एवं बिना किसी दबाव के अपने शपथ पत्र भी दे चुकी है।

बलात्कार के आरोप को झेल रहे कमलकांत उपमन्यु एक बार फिर पाक साफ साबित हुए हैं। आरोप लगाने वाली लड़की ने कोर्ट में अपने बयानों में खुद स्वीकार किया कि विरोधियों के कहने पर श्री उपमन्यु को फंसाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कोर्ट में वादी द्वारा मामले को आगे न बढ़ाने का हलफनामा दे खुद कहा कि उसके साथ कुछ नहीं हुआ था।  जो आरोप लगाए गए वह गलत थे और लोगों के कहने पर लगाए थे। उसने यहां तक कहा कि हाइवे थाने में जो रिपोर्ट दर्ज हुई उस तहरीर पर बिना पढ़े हस्ताक्षर किए थे। यहां तक कि न्यायालय में उसने दबाव में अपने बयान दिए थे। कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि यदि उपमन्यु के खिलाफ बयान नहीं दिए तो उसे जेल जाना पड़ेगा, लेकिन अब वह सारी घटना का सच  फिरोजाबाद के आईओ को दिए शपथ पत्र एवं न्यायालय एसीजेएम (चतुर्थ) के सम्मुख दिए गए शपथ पत्रों एवं अपने बयान में भी बता चुकी है। वह इस मुकद्मे को आगे लडऩा नहीं चाहती है। पीडि़ता के अनुसार इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जो पीआईएल की गई है उसमें उसकी सहमति नहीं है तथा उसमें दर्शाए गए साक्ष्य निराधार एवं मनगढ़ंत हैं।

दो जून 2015 को न्यायालय में दिए शपथ पत्र में पीडि़ता ने कहा कि उसके पडौस में रहने वाले मुकेश शर्मा  पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी नटवर नगर मथुरा से वाद-विवाद हो गया था। उसके पिता ने इस मामले को निपटाने के लिए कमलकांत उपमन्यु से कहा तो कमलकातं उपमन्यु ने मुकेश शर्मा का सहयोग किया। इसके साथ ही उसके भाई अतुल के विरूद्ध एक तहरीर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दो दिसम्बर 2014 को दे आये थे। इस पर एसएसपी ने जांच कर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश भी कर दिये। एक अन्य शिवकुमार शर्मा के प्रार्थना पत्र जो हमारे परिवार के ही विरूद्ध था, को दे आये उस पर भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया ने संज्ञान ले लिया था।

उसके घरवालों को इस बारे में जानकारी मिली कि मेरे भाई अतुल के विरूद्ध मुकद्दमा कायम कराने का प्रयास चल रहा है और इस प्रयास में कमलकांत उपमन्यु की भूमिका है। कमलकांत उपमन्यु ने हमारे विरूद्ध रिपोर्ट करवाने व जेल भिजवाने को कहा, तो इस मामले पर मैने तथा मेरे परिवारीजनों ने समाज के लोगों से राय ली। इसी आधार पर समाज के लोगों द्वारा टाइप कागज को बिना पढ़ाये व सुनाये एक प्रार्थना पत्र एसएसपी कार्यालय में दिलाया। इसके आधार पर रिपोर्ट संख्या कमलकांत उपमन्यु के खिलाफ  बलात्कार का मामला थाना हाईवे में दर्ज हुआ।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कुछ लोगों ने उसे तहरीर को पढ़ाया और कहा कि यदि तहरीर के मुताबिक बयान नहीं दिए तो तुमको जेल जाना पड़ेगा। इसी दबाव में उसने कागज में लिखे अनुसार अपने बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए।  न्यायालय में दर्ज कराये गए बयान दबाव में दिये थे मेरे साथ ना ही बलात्कार हुआ, न ही मुख मैथुन, ना ही अप्राकृतिक मैथुन व ना ही कोई छेडखानी हुई थी और आज यही बात लिखकर बिना किसी दबाव के पढ़ व सुनकर शपथ पत्र दे रही हूं। यह सत्य है।

उसने कहा कि अपने परिवार व अपने इकलौते भाई को कुछ न हो और वह मुकद्दमे में जेल न जाये इस मानसिक दबाव में वह समाज के लोगों के दबाव में न्यायालय में बयान दिया था और शपथकर्ती को कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने बयान हलफी में अपनी स्वेच्छा से बिना किसी भय, दबाव अथवा प्रलोभन के इस कारण दे रही हूं कि सच्चाई श्रीमान जी के समक्ष आये और अन्याय होकर कोई गलत व्यक्ति न फंसे। मुझ शपथकर्ती द्वारा इसी संबंध में अपना बयान व शपथपत्र उपरोक्त मुकद्दमे के विवेचनाधिकारी को पूर्व में दिया जा चुका है। उसकी निजी जानकारी के अनुसार उपरोक्त मुकद्दमे में विवेचनाधिकारी द्वारा विवेचना के उपरांत मुकद्दमे में अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गयी है। इस अंतिम रिपोर्ट में वह पूर्ण रूप से सहमत है। वह इस मुकद्दमे को आगे लडऩा नहीं चाहती है।

इसके बाद वादिया/पीडि़ता ने 19 अगस्त 2015 को एसीजेएम चतुर्थ के यहां पुन: शपथ पत्र/प्रार्थना पत्र देकर कहा-

”मैं अपनी स्वेच्छा से हलफिया बयान, बिना किसी भय, दबाव अथवा प्रलोभन के इस कारण दे रही हूं ताकि सच्चाई श्रीमान जी के समक्ष आय आये और अन्याय होकर कोई गलत व्यक्ति न फंसे। मुझ शपथकर्ती द्वारा इसी संबंध में अपना पूरा सच का बयान व शपथपत्र उपरोक्त न्यायालय में एवं विवेचनाधिकारी को पूर्व में दिया जा चुका है। मुझ शपथकर्ती द्वारा दिनांक ०२.०६.२०१५ को एक प्रार्थना पत्र मय शपथपत्र न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर दिया गया था जिसके बावजूद मेरे अधिवक्ता द्वारा मुझे सूचित किया गया है कि कुछ लोग मुझे तंग व परेशान करने की नीयत से प्रार्थनापत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर रहे हैं जिससे उपरोक्त मुकद्दमें के निस्तारण में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है उन प्रार्थनापत्रों में मुझ शपथकर्ती की कोई सहमति नहीं है तथा वह २१.०७.२०१५ को भी न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर एक प्रार्थना पत्र देकर मुकद्दमें के निस्तारण की प्रार्थना कर चुकी है। मुझ शपथकर्ती को मेरे अधिवक्ता द्वारा मुझे यह भी जानकारी दी गयी है कि उपरोक्त मुकद्दमे के संबंध में किसी व्यक्ति द्वारा एक पी.आई.एल. नम्बर ३८८३/२०१५ माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गयी है जिसमें मुझ शपथकर्ती की किसी प्रकार की कोई सहमति नहीं है तथा पी.आई.एल. से पूर्व पी.आई.एल.कर्ता को मेरे पिता स्वयं पत्र देकर यह सत्य बता चुके थे कि पहले दिया गया प्रार्थना पत्र गलत फहमी मे दिया गया है। फिर पीआईएल के बाद दिये गये लेटर को छिपाते हुए पूर्व में दिये पत्र को दर्शाया गया है। पीआईएल का अवलोकन करने के उपरांत यह भी जानकारी में आया है कि उसे प्रस्तुत करने में जो भी आधार लिये गये हैं वह नितांत असत्य व गलत हैं। इस प्रकरण सत्यता यह है न तो हमारा कोई समझौता हुआ है औ रन ही होर्सट्रेडिंग जैसी कोई बात। कुछ लोग इस प्रकरण को उलझाये रखने के लिए इस तरह की बेबुनियाद और असत्य बातें कर रहे हैं। उनमें कोई न कोई दम न सच्चाई है। शपथकर्ती स्वयं ने प्रार्थना पत्र डीजीपी महोदय लखनऊ कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत किया था जिसके आधार पर विवेचना को फिरोजाबाद ट्रांसफर  किया गया था। अब इसमें अंतिम रिपोर्ट लग चुकी है और वह उससे पूर्ण रूप से सहमत है। वादिया को विवेचनाधिकारी द्वारा उपरोक्त मुकद्दमें में दी गई अंतिम रिपोर्ट पर कोई भी आपत्ति नहीं है तथा वह पूर्ण रूप से सहमत है। वह इस मुकद्दमे को आगे लडऩा नहीं चाहती है। कानून की जानकारी न होने एवं भाई को बचाने प्रार्थिया सामाजिक, गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। अत: इस मामले को लेकर प्रार्थिया के विवाह में भी अड़चनें आ रही हैं।”

ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई है, जिस पर पीडि़ता ने एसीजेएम चतुर्थ न्यायालय में कहा कि उसकी पीआईएल में कोई सहमति नहीं है और उसमें जो तथ्य दर्शाये गये हैं वह निराधार  और मनगढंत हैं। इस मामले में मथुरा न्यायालय में विजयपाल तोमर द्वारा प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल किया गया, जिस पर अदालत द्वारा यह लिखा गया कि उनको प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार नहीं है। इधर न्यायालय में पीडि़ता ने कई बार उपस्थित होकर अपने प्रार्थना पत्र एवं शपथ पत्र दिये तथा न्यायालय में उपस्थित होकर सशपथ बयान दिया कि उक्त मुकद्दमें पुलिस द्वारा दाखिल एफआर पर मैं इसका विरोध नहीं करना चाहती और इसको स्वीकार कराने के लिए मैंने स्वेच्छा से एवं बिना किसी दबाव के ही शपथ पत्र दिये हैं।  और वह अंतिम आख्या स्वीकार कराना चाहती हूं। अब इस मामले में न्यायालय ने १६ फरवरी २०१६ नियत करते हुए आदेशित किया कि पीआईएल में दोनों पक्ष उपस्थित होकर उसका निस्तारण करायें।

मथुरा से Vivek Priya Arya की रिपोर्ट. संपर्क : Mobile : +91-9719910557

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गुवाहाटी की महिला पत्रकार के साथ दिल्ली के पांच सितार होटल में दो वरिष्ठ पत्रकारों ने किया गैंग रेप!

गुवाहाटी में स्थित एक न्यूज़ चैनल की एक पत्रकार ने दो वरिष्ठ पत्रकारों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। महिला पत्रकार के मुताबिक एक आरोपी उसी के चैनल का एडिटर-इन-चीफ है। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक उसके संज्ञान में ये मामला कुछ वक्त पहले आया था लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। पीड़ित के मुताबिक दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में दोनों आरोपियों ने ये अपराध किया। पीड़ित का दावा है कि दोनों आरोपियों ने असम के एक वरिष्ठ नेता के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी ज़ोर डाला।

35 वर्षीय पीड़ित के मुताबिक एक आरोपी, वो जिस चैनल में काम करती थी उसी में एडिटर इन चीफ़ के तौर पर कार्यरत है। वहीं दूसरा आरोपी किसी और चैनल में काम करता है। उसने कहा कि आरोपियों ने नेता से इंटरव्यू के बहाने होटल में बुलाया और उसके एडिटर ने शादी का झांसा देकर कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया। ये पूरा मामला दिल्ली के राजौरी गार्डन पुलिस स्टेशन में दर्ज हो गया। साथ ही आरोपियों को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए नोटिस भी भेज दिया गया है। वहीं गुवाहाटी में पुलिस की एक टीम भी भेज दी गई। बताया गया है कि आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी की स्थानीय अदालत में अर्ज़ी भी दाखिल की, जिसे नामंजूर कर दिया गया।

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पहले ही कोर्ट मान चुका रेप का आरोप फर्जी, कल हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे IPS अमिताभ ठाकुर

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.नूतन ठाकुर ने कहा है कि जिस महिला के आरोपों पर गोमतीनगर पुलिस ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज की है, उसके संबंध में लिखित रूप में सीजेएम कोर्ट और हाईकोर्ट को बताया जा चुका है कि आरोप फर्जी हैं। 

उसी महिला की एफआईआर वहीं पुलिस तत्काल उस समय दर्ज कर लेती है, जब मेरे पति मुलायम सिंह पर धमकाने का आरोप लगाते हैं और एफआईआर करने की हिम्मत करते हैं। मैं तब तक समझती थी कि खनन का मामला मंत्री गायत्री प्रजापति तक ख़त्म हो जाता है पर अब मुझे यह साफ़ हो गया है कि इसके पीछे मुलायम सिंह ही हैं। हम इस मामले में सीबीआई जांच के लिए जायेंगे और मुझे पूर्ण विश्वास है, इसके बाद तमाम लोगों के पाप सामने आयेंगे।

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि मैं अपने और पत्नी डॉ नूतन के ऊपर गाजियाबाद की एक महिला द्वारा कल गोमतीनगर थाने पर दी गयी प्रार्थनापत्र पर बलात्कार का मुक़दमा दर्ज किये जाने का स्वागत करता हूँ और इसे मुलायम सिंह का रिटर्न गिफ्ट मानता हूँ। हमारे पास तमाम ऐसे साक्ष्य और तथ्य हैं, जो इस रेप के आरोप को पूरी तरह झूठा साबित कर देंगे। अच्छा यह है कि इसी बहाने राजनेता-अपराधी-प्रशासन गठजोड़ सामने आएगा। हमें स्थानीय पुलिस पर रत्ती भर भरोसा नहीं और हम इस मामले की सीबीआई जांच के लिए कल ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इस दौरान आने वाली सभी परेशानियों को मैं और नूतन एक सौगात मानते हैं।

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें- 

I and my wife Nutan welcome the rape case registered against us by a Ghaziabad woman taking it as a return gift from Sri Mulayam Singh Yadav against whom I, as an ordinary person, dared to go to register an FIR. We have ample amount of evidences to prove that the rape charges are completely false but it is good that in the process, we shall be able to play a role in exposing the Political-criminal-administration nexus in UP. We have no faith in the local police and we are going to file a petition in High Court tomorrow for CBI enquiry. We will take all the hardships on the way as our service for righteousness and justice.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.नूतन ठाकुर के एफबी वाल से

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यूपी : घिनौनी साजिश के तहत आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ रेप की रिपोर्ट

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्ता और शासन की ज्यादतियों से जूझ रहे सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ गोमती नगर थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया है। इसके पीछे प्रदेश सरकार का कोई बड़ा षड्यंत्र होने के संकेत हैं। गौरतलब है कि कल ही ठाकुर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह से मिली धमकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी।  

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.नूतन ठाकुर ने बताया कि मेरे पति अमिताभ ठाकुर ने थाना हजरतगंज सुबह 11 जा कर मुलायम सिंह यादव द्वारा कल उन्हें फोन पर धमकी देने के मामले में धारा 506 आईपीसी में एफआईआर के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इंस्पेक्टर हजरतगंज विजय पाल सिंह यादव ने पहले प्रार्थनापत्र रिसीव करने से मना कर दिया पर बाद में मेरे पति द्वारा वहीं बैठ जाने की बात कहने पर प्रार्थनापत्र रिसीव तो कर लिया पर कहा कि जांच के बाद जो सही होगा, वह कार्यवाही की जायेगी।

उन्होंने बताया कि प्रार्थनापत्र में मुलायम सिंह द्वारा ‘जसराना वाली घटना भूल गए, अब आपके साथ वही करना पड़ेगा, जसराना में आपके साथ जो हुआ था, उससे भी ज्यादा अब हो जाएगा, सुधर जाओ’ जैसी बातों को आपराधिक धमकी बतायी गयी है। साथ ही एफआईआर क्यों करवाया और आगे शिकायत नहीं करने की बात कही, जो मेरी दृष्टि में सीधे गायत्री प्रजापति के खिलाफ मेरे लोकायुक्त मामले की शिकायत से जुड़ी दिखती है क्योंकि उसी मामले में परसों एफआईआर हुआ था।

डॉ.ठाकुर ने बताया कि जसराना की जो घटना मुलायम सिंह कह रहे थे, वह यह है कि मेरे पति फिरोजाबाद में वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक थे, तब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। उस समय उनके समधी जसराना विधायक ने अपने गाँव पैडत में डीएम फिरोजाबाद संयुक्ता समद्दार के साथ वीआइपी कार्यक्रम की तैयारी देखने गए मेरे पति पर कातिलाना हमला किया था। उसके सम्बन्ध में मुलायम सिंह ने एफआईआर नहीं करने की ताकीद की थी पर उन्होंने फिर भी थाना एका पर एफआईआर दर्ज करा दी थी। इस मामले में पहले फाइनल रिपोर्ट लगी, फिर पुनर्विवेचना में आरोपपत्र लगा किन्तु कई गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण रामवीर सिंह तथा अन्य अभियुक्त साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गए।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा पटना की जो बात मुलायम सिंह कह रहे हैं, वह यह है कि मेरे पिता पूर्व में वर्ष 2005 में मुलायम सिंह से पटना में मिले थे और उस दौरान इस प्रकार की व्यक्तिगत वार्ता हुई थी। मेरे पति ने इसके अलावा मुख्य सचिव आलोक रंजन और डीजीपी जगमोहन यादव को अपनी सुरक्षा के लिए प्रार्थनापत्र दिया है और गृह सचिव, भारत सरकार को भी ईमेल से पूरी बात बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।

देश के गृह सचिव को प्रेषित ठाकुर का पत्र इस प्रकार है – 

सेवा में,  गृह सचिव, भारत सरकार, नयी दिल्ली  

विषय- श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा कल 10/07/2015 समय 16.43 बजे फोन नंबर 0522-2235477 से मेरे फ़ोन नंबर 094155-34526 पर धमकी पर हमारी सुरक्षा विषयक 

महोदय, कृपया निवेदन है कि मैं अमिताभ ठाकुर, उत्तर प्रदेश में एक आईपीएस अफसर हूँ और वर्तमान में आईजी नागरिक सुरक्षा के पद पर हूँ. कल 10/07/2015 को समय 16.43 बजे मेरे फ़ोन नंबर 094155-34526 पर फोन नंबर 0522-2235477 से एक फोन आया जिस पर कहा गया कि नेताजी बात करना चाहते हैं आपसे, मैं समझ नहीं पाया कि किनकी बात हो रही है और मैंने पूछा कौन नेताजी तो कहा गया माननीय मुलायम सिंह जी और उसके कुछ देर बाद उधर से श्री मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश की आवाज़ आई. 

मैं श्री मुलायम सिंह के साथ हुई वार्ता, जितना मैं समझ पाया, अंकित कर इस प्रार्थनापत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ. इसमें उन्होंने छूटते ही कहा कि आप जसराना वाली घटना भूल गए, अब आपके साथ वही करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मैंने एफआईआर क्यों करवाया? उन्होंने यह भी कहा कि जसराना में आपके साथ जो हुआ था उससे भी ज्यादा अब हो जाएगा. अंत में उन्होंने मुझे शिकायत नहीं करने की बात कहते हुए कहा कि मैं सुधर जाऊं नहीं. 

मैं इस वार्ता में प्रस्तुत कुछ तथ्यों की पृष्ठभूमि बताना चाहूँगा. मैं जसराना, फिरोजाबाद में वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक था जब श्री मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उस समय तत्कालीन जसराना विधायक श्री रामवीर सिंह, जो संभवतः श्री मुलायम सिंह के समधी हैं, के गाँव पैडत, थाना एका में श्री शिवपाल सिंह, मंत्री, उत्तर प्रदेश का वीआइपी कार्यक्रम था जहां वे हेलीकाप्टर से आने वाले थे. श्री रामवीर सिंह तमाम गलत आदेशों का पालन कराना चाहते थे जिसे नहीं कर पाने के कारण वे मुझसे काफी नाराज़ थे. उस वीआईपी कार्यक्रम के मद्देनज़र मैं तत्कालीन डीएम फिरोज़बदा सुश्री संयुक्ता समद्दार के साथ शाम में वहां गया था. मौके पर श्री रामवीर सिंह तथा उनके लोगों द्वारा अपनी उसी नाराजगी की वजह से मुझपर कातिलाना हमला किया गया जिसके सम्बन्ध में मैंने श्री मुलायम सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री को फोन पर बताया. उन्होंने मुझे एफआईआर नहीं करने की ताकीद की थी पर मैंने फिर भी थाना एका पर एफआईआर दर्ज कराया था. इस मामले में पहले फाइनल रिपोर्ट लगा, फिर पुनार्विवेचना में आरोपपत्र लगा किन्तु कई गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण श्री रामवीर सिंह तथा अन्य अभियुक्त साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गए. 

इसके अलावा पटना की जो बात श्री मुलायम सिंह कह रहे हैं वह यह है कि मेरे ससुर पूर्व में वर्ष 2005 में श्री मुलायम सिंह से पटना में मिले थे और उस दौरान इस प्रकार की व्यक्तिगत वार्ता हुई थी. श्री मुलायम सिंह डॉक्टर साहब आदि जो कह रहे थे उनके सम्बन्ध में मैं नहीं जानता. 

मैंने फोन नंबर 0522-2235477 को उत्तर प्रदेश सूचना डायरी में देखा तो यह श्री मुलायम सिंह का ही नंबर ज्ञात हुआ. इसके अलावा मैं भी श्री मुलायम सिंह की आवाज़ अच्छी तरह पहचानता हूँ और जो आवाज़ आई थी वह पूरी तरह उन्ही की दिख रही थी. इसके अलावा उन्होंने जसराना के अलावा मेरे ससुर से जुडी पटना की जो घटना कही वह जाहिर है कि अन्य कोई व्यक्ति नहीं कर सकता है. अतः मेरी जानकारी और मेरी समझ के अनुसार यह फोन श्री मुलायम सिंह का ही था. 

इसके अतिरिक्त यद्यपि श्री मुलायम सिंह ने मुझे बताया नहीं पर जितनी बात मैं समझ पाया उससे उनके इस धमकी की पृष्ठभूमि श्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, खनन मंत्री के खिलाफ मेरी पत्नी द्वारा थाना गोमतीनगर में ही दर्ज कराये गए मु०अ०स० 417/2015 धारा 467,468,471, 420,  203, 120बी आईपीसी से सीधे जुडी दिखती है क्योंकि श्री मुलायम सिंह ने बातचीत के शुरुआत में ही मेरे एफआईआर दर्ज कराने पर नाराजगी व्यक्त की थी. जाहिर है कि इसके अतिरिक्त अन्य कोई बात नहीं दिखती जिसके कारण एक बहुत लम्बे समय बाद अचानक श्री मुलायम सिंह को मुझे व्यक्तिगत स्तर पर फोन करने की जरुरत पड़े. 

श्री मुलायम सिंह की उपरोक्त बातें स्पष्ट रूप से धमकी की श्रेणी में आती है. इसके माध्यम से मुझे जसराना में हुए हमले से भी ख़राब स्थिति का सामना करने की धमकी दी जा रही थी. यह एक आपराधिक कृत्य है और धारा 506 आईपीसी के तहत आता है. मेरी जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में यह एक संज्ञेय अपराध है. अतः मैंने इस प्रकरण में प्रथम सूचना दर्ज कर अग्रेतर कार्यवाही हेतु थाना हजरतगंज पर एफआईआर प्रस्तुत किया है.  

साथ ही मैंने इन तथ्यों से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश और डीजीपी, उत्तर प्रदेश को भी सूचित करते हुए निवेदन किया है कि मेरी और मेरी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर, जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं, और जिनके कई कामों से श्री प्रजापति, श्री मुलायम सिंह सहित तमाम रसूखदार लोगों को दिक्कत होती रहती है, की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कराये जाने की कृपा करें. किन्तु चूँकि श्री मुलायम सिंह एक बहुत बड़े राजनैतिक दल के सर्वेसर्वा हैं और बहुत ही ताकतवर और रसूखदार व्यक्ति कहे जाते हैं, अतः यदि उनकी मुझसे नाराजगी है अथवा उन्होंने मुझे धमकी दी है तो उसे किसी भी स्थिति में हलके से नहीं लिया जा सकता है. अतः आपसे इस पत्र के माध्यम से मेरा यह निवेदन है कि कृपया मेरी और मेरी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर, जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं, और जिनके कई कामों से श्री प्रजापति, श्री मुलायम सिंह सहित तमाम रसूखदार लोगों को दिक्कत होती रहती है, की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कराये जाने हेतु भारत सरकार और अपने स्तर से भी समस्त आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें.

पत्र संख्या- AT/Complaint/162/15 

भवदीय, दिनांक-11/07/2015 (अमिताभ ठाकुर), 5/426, विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ 

डॉ. नूतन ठाकुर से संपर्क : 94155-34525, अमिताभ ठाकुर से संपर्क : 94155-34526, amitabhthakurlko@gmail.com

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‘पीपली लाइव’ की डायरेक्टर अनुषा के पति फारूकी अमेरिकी महिला से रेप के आरोप में गिरफ्तार

फिल्म ‘पीपली लाइव’ की डायरेक्टर अनुषा रिजवी के पति महमूद फारूकी को रेप के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला 28 मार्च का है। अमेरिकी युवती ने फारूकी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। दिल्ली पुलिस ने फारूकी को जेल भेज दिया। पीड़ित युवती अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में रिसर्चर है।

दिल्ली के न्यू फ्रेंडस कालोनी थाने में युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। 37 वर्षीय अमेरिकी युवती दिल्ली के सुखदेव विहार में रहती है। युवती का आरोप है कि निर्देशक महमूद फारूकी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बाबत 19 जून को केस रजिस्टर किया गया और उसी दिन महमूद को गिरफ्तार भी कर लिया गया.

दिल्ली पुलिस ने महमूद फारूकी को शुक्रवार को ही कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें छह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। महमूद फारूकी खुद भी एक फिल्म डायरेक्टर और लेखक हैं।

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तुर्की के धर्मगुरु का बयान- अगर हस्‍तमैथुन किया तो मरने के बाद हाथ प्रेगनेंट हो जाएगा!

मुकाहिद सिहाद हान


इस्लाम के धर्म गुरु लोग जाने कैसे कैसे फतवे बयान देते रहते हैं. ताजा हास्यास्पद बयान तुर्की के एक धर्मप्रचारक ने दिया है. ये महोदय इस्‍लाम को बढ़ावा देने हेतु टीवी पर काफी सक्रिय रहते हैं. हस्तमैथुन पर इनके ताजे फतवे ने सोशल मीडिया में विवाद खड़ा कर दिया है. इनका कहना है कि जो लोग हस्‍तमैथुन करते हैं, मरने के बाद उनका हाथ गर्भवती हो जाता है और अपने अधिकारों की मांग करता है. इस मूर्खतापूर्ण बयान के बाद ट्वीटर पर लोग खूब मजे ले रहे हैं. एक शख्स ने ट्वीट कर पूछा है कि क्‍या मृत्‍यु के बाद कोई हैंड-गायनोकोलॉजिस्‍ट होता है? क्‍या वहां पर गर्भपात की इजाजत होती है? वहीं, एक दूसरे यूजर ने पूछा कि क्‍या आप मानते हैं कि प्रैगनेंट होना अल्‍लाह की दी गई सजा है?

इस्‍तांबुल के धर्मप्रचारक मुकाहिद सिहाद हान से एक टीवी कार्यक्रम में एक दर्शक ने हस्तमैथुन पर सवाल पूछा. यह सवाल जवाब 24 मई को हुआ. हान टि्वटर पर काफी सक्रिय रहते हैं और उन्होंने इस सवाल जवाब को ट्विटर पर भी इसे पोस्‍ट किया है. ट्विटर पर उनके 12 हजार से अधिक फालोवर्स हैं. हान का अपना यू-ट्यूब चैनल भी है. एक दर्शक ने हान से कहा कि वह शादीशुदा है, लेकिन हस्‍तमैथुन करता रहता है. मुस्लिमों के पवित्र स्‍थल मक्‍का में जब वह उमरा करने गया था, तो भी उसने हस्‍तमैथुन किया था. इस बात को सुनकार हान थोड़ा उलझन में पड़ गए. बाद में उन्‍होंने कहा कि इस्‍लाम में हस्‍तमैथुन को हराम माना जाता है और ऐसा करना सख्‍ती से मना है. उन्‍होंने कहा कि जो ऐसा करता है, मृत्‍यु के बाद उसका हाथ प्रेगनेंट हो जाता है और अल्‍लाह से इसकी शिकायत करते हुए अपने अधिकार की मांग करता है. उन्‍होंने दावा किया कि ऐसा मोहम्‍मद साहब ने कहा है.

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सोशल मीडिया में उछले गैंगरेप कांड को पुलिस ने झूठा करार दिया

धर्मशाला (हिमाचल) में गत दिनों पहले हुए गैंगरेप की जांच में एसआईटी को कुछ भी नहीं मिला है। पुलिस ने घटना को झूठा करार दिया है। पुलिस का दावा है कि उसने शिकायतकर्ता तथा  कथित पीडि़ता दोनों को ढूंढ़ निकाला है। 

पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने कहा है कि धर्मशाला में कथित दुष्कर्म मामले में शिकायतकर्ता और पीडि़त छात्रा तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वे किसी के कहने पर प्रधानाचार्य के पास बलाल्कार की शिकायत लेकर पहुंची थी। पुलिस उस व्यक्ति के नाम का खुलासा जल्द करेगी। वहीं, संबंधित छात्रा  और उसके परिवार ने भी बलात्कार या यहां तक कि किसी मामूली घटना से भी मना कर दिया है। प्रधानाचार्य ने शिकायत लेकर आने वाली युवती को पहचाना है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया में यह मामला सामने आया था कि धर्मशाला कॉलेज में किसी छात्रा से गैंगरेप हुआ है और उसकी जान खतरे में है। ऐसी शिकायत किसी युवती ने प्राचार्य से की। प्राचार्य ने जब कहा कि लिखित में दो, तो वह गायब हो गई। बताया जा रहा था कि कथित पीडि़ता के माता-पिता नहीं हैं। यह भी बताया गया था कि उसकी हालत गंभीर है। बाद में ऐसी अफवाहें भी फैली कि पीडि़ता की मौत हो गई। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया और एडीजीपी ने जांच की।

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ट्विटर पर यौन उत्पीड़न, फेसबुक पर दोस्ती कर छात्रा से दुष्कर्म

एक अध्ययन में पता चला है कि ट्विटर पर उत्पीड़न के मामलों में बढ़ीत्तरी हो रही है और फेसबुक पर भारत का गलत नक्शा लगाने पर भारतीय नागरिकों ने फेसबुक के संस्थापक एवं सीईओ मार्क जकरबर्ग पर जमकर भड़ास निकाली है। 

नारीवादी कार्यकर्ता समूह वूमैन, एक्शन एंड द मीडिया (वैम) के अध्ययन के मुताबिक लगभग एक चौथाई के आस-पास युवा पुरुषों और महिलाओं को शारीरिक रूप से ऑनलाइन धमकी दी जाती है और एक चौथाई युवा महिलाओं का यौन उत्पीड़न होता है। द वर्ग की रपट के मुताबिक वैम को ट्विटर से अपनी रपट स्वीकार करने और प्रस्तुत करने की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही ट्विटर ने वैम से यह जानकारी मांगी है कि कौन किस प्रकार के ट्विटर अकाउंट और ट्वीट के खिलाफ शिकायत कर रहा है। यह भी पूछा है कि ट्विटर उत्पीड़ित लोगों की कैसे सहायता कर सकता है। वैम ने विशेष रूप से उत्पीड़न की 811 रपटों को ध्यान में रखकर अध्ययन किया। एक चौथाई रपटों में अभद्र भाषा जैसे कि नस्लवादी, लैंगिकवादी अथवा समलैंगिक लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां पाई गईं। 

दुनिया की अग्रणी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर भारत का गलत नक्शा लगाने पर भारतीय नागरिकों ने फेसबुक के संस्थापक एवं सीईओ मार्क जकरबर्ग पर जमकर भड़ास निकाली। नक्शे में जम्मू एवं कश्मीर को भारत के हिस्से के रूप में नहीं दिखाया गया है। फोर्ब्स के वेबसाइट पर प्रकाशित रपट के अनुसार, जकरबर्ग ने इसी सप्ताह मालावी में फेसबुक के इंटरनेट डॉट ऑर्ग की लांचिंग के बाद अपने फेसबुक अकाउंट पर यह नक्शा पोस्ट किया था।

जकरबर्ग द्वारा पोस्ट किए गए इस नक्शे पर अनेक भारतीय नागरिक, जो जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा मानते हैं, काफी नाराज हुए। कुछ भारतीय नागरिकों ने तो तत्काल नक्शा न हटाए जाने की स्थिति में फेसबुक पर प्रतिबंध लगाने तक की मांग कर डाली। जकरबर्ग ने बाद में इस पोस्ट को ही डिलीट कर दिया। भारत में इंटरनेट निरपेक्षता के समर्थक इंटरनेट डॉट ऑर्ग को लेकर पहले से ही जकरबर्ग और फेसबुक के खिलाफ हैं। फेसबुक ने दुनिया के कम विकसित देशों में मोबाइल पर कुछ चुनिंदा सामग्री के साथ मुफ्त इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की है।

सोशल साइट्स किस तरह गलत कार्यों का माध्यम बनती जा रही हैं, गाजियाबाद में एक सिपाही के बेटे द्वारा एक छात्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने की घटना से उजागर हुआ है। आरोपी की हरकतों से परेशान पीड़िता की पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

गाजियाबाद के सिहानीगेट थाना क्षेत्र में तैनात सिपाही के बेटे के खिलाफ थाने में 10वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि छात्रा से सिपाही के बेटे की दोस्ती कई साल पहले फेसबुक पर हुई थी। बाद नें दोनों वाट्सअप पर भी बातें करने लगे। गोविंदपुरम निवासी सिपाही का बेटा कुछ दिन पूर्व छात्रा को घर ले गया और नशीला पदार्थ खिलाकर उससे दुष्कर्म किया। उसने छात्रा का अश्लील वीडियो भी बनाया। इसके बाद वह वीडियो दिखाकर उसका शारीरिक शोषण करने लगा। बुधवार रात पीड़िता ने सिहानीगेट थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने उसे दबोच लिया है। 

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दुख दूर करने के लिए कुंवारी लड़कियां मांगता था बाबा, 22 नाबालिग लड़कियों से रेप के आरोप में गिरफ्तार

महाराष्ट्र की थाणे पुलिस ने एक ऎसे बाबा को गिरफ्तार किया है जो दीन-दुखियों को दुखों से निजात दिलाने के लिए कंवारी लडकियां मांगता था। इस बाबा पर ऎसी 22 नाबालिग लडकियों का रेप करने का आरोप है। बाबा पर आरोप है कि वह गरीब और संघर्ष कर रहे परिवारों से दुख और संकट दूर करने के नाम पर उनके बच्चों को दक्षिणा में मांगता था और उनसे रेप करता था। पुलिस ने 42 साल के एलआईसी एजेंट और तांत्रित होने का दावा करने वाले विजय तोंबरे के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।

इस दौरान पुलिस ने उसके घर से 15 साल की एक लडकी को भी छुडाया। पुलिस ने बताया है कि तोंबरे शहर में कई जगहों पर अपने एजेंट तैनात करता था, जो उसे गरीब परिवारों के बारे में बताते थे। पुलिस ने बताया है कि तोंबरे की ज्यादातर मैसेंजर महिलाएं होती थीं। ये महिलाएं लोगों को तोंबरे की 18 सालों से समाजसेवा की फर्जी कहानियां सुनाकर अपने जाल में फंसाती थीं। शिकारों के सामने नकली परिवारों को भी पेश किया जाता था, जो तोंबरे की जादुई शक्तियों के बारे में उन्हें बताते थे। थाणे क्राइम ब्रांच का कहना है कि उन्हें तीन महीने पहले तोंबरे के बारे में जानकारी मिली थी। तब उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी, पर वह बच निकला था। इस बार पुलिस ने अपने एक इन्फॉर्मर को परेशान बिजनसमैन बनाकर तोंबरे के पास भेजा, जिसने काफी नुकसान होने का ढोंग किया।

तोंबरे ने कहा कि उसके दुखों का अंत तभी हो सकता है, जब वह उसे एक वरजिन लडकी लाकर अर्पित करे। तोंबरे ने कहा कि उसके शरीर में एक ताकतवर आत्मा आएगी और लडकी के साथ सेक्स करेगी। आरोपी का कहना था कि वह जितनी बार उस वरजिन लडकी से संबंध बनाएगा उतना ही उसके परिवार के दुखों में कमी आएगी। जैसे ही तोंबरे ने लडकी को कमरे में बंद किया, इन्फॉर्मर ने पुलिस को इशारा कर दिया और पुलिस उसके फ्लैट में घुस गई और लडकी को बचा लिया। पुलिस ने तोंबरे की मुख्य सहयोगी जानकी हिंडाले को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी पर पॉस्को एक्ट और ऎंटी-ब्लैक मैजिक एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।

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दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं! …एक मॉडल की आपबीती

मुंबई में पुलिसवालों पर रेप का आरोप लगाने वाली मॉडल ने अपनी आपबीती बताई है। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में मॉडल ने अपना दर्दी बयां किया है। उन्होंने बताया है कि एमबीए के बाद ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में नौकरी करने के बाद वह ऐक्टिंग में करियर बनाने करीब एक साल पहले मुंबई आई थीं, लेकिन अब वह फिर पुराने प्रोफेशन में लौटना चाहती हैं। पीड़ित मॉडल ने कहा कि वह 3 अप्रैल की रात एक मूवी साइन करने होटेल पहुंची थी। इस मूवी को एक गुजराती बिजनेसमेन फाइनेंस कर रहा था। उनके मॉडलिंग कोआर्डिनेटर ने साइनिंग अमाउंट लेकर वहां से जाने के लिए कहा। इसके बाद बिजनेसमैन मेरे साथ होटल के कमरे तक आया। उसने अपने एक दोस्त को बुलाया और दोनों उसे होटल की पार्किंग में छोड़ने के लिए नीचे आ गए। तभी 6 लोगों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि ये पुलिस रेड है।

पुलिसवालों ने मॉडल पर प्रॉस्टीट्यूट होने का आरोप लगाया और साकी-नाका पुलिस स्टेशन ले गए। वह गिड़गिड़ाई, खूब मिन्नतें कीं, लेकिन पुलिसवालों के कान में जूं तक नहीं रेंगी। एपीआई सुनील खात्पे ने उन्हें थप्पड़ मारा। तभी उसके साथी ने ऑस्ट्रेलियन कंपनी का उनका पुराना आईकार्ड देखा और बोला- ‘तेरे पास तो बहुत माल होगा।’ एएसआई सुरेश सूयवंशी ने उनका आईफोन छीन लिया और फेसबुस पर मेरे फोटोज चेक करने लगा। रात को करीब 3 बजे पुलिस उन्हें संघर्ष नगर पुलिस चौकी ले गई। सुबह करीब 5 बजे खात्पे ने वहां मौजूद बाकी पुलिसवालों को कमरे से बाहर जाने को कहा और कमरे की कुंडी लगा दी। मॉडल ने जब पुलिसवालों को बाहर भेजने का कारण पूछा तो खात्पे उनके पास आया और बोला- ‘मुझे खुश कर दे’…’वह मुझे जगह-जगह छूने लगा। मैं चिल्लाई, लेकिन क्या करती। मेरे साथ रेप करके वह बाहर निकल गया। इसके बाद मुझे एक छोटे रूम में ले जाया गया। एक औरत आई और जूलरी, कैश सब लूट कर ले गई। सुबह 7 बजे खात्पे एक बार फिर कमरे में आया और उसने 2 घंटे में दूसरी बार मेरे साथ रेप किया। सुबह 9 बजे पुलिस मुझे साकी-नाका पुलिस स्टेशन ले गई। मुझ पर पब्लिक प्लेस पर शांति भंग करने का चार्ज लगाया। मेरे दोस्त ने पुलिस को 4.35 लाख रुपए दिए तब जाकर मुझे छोड़ा गया।

इसके बाद भी खात्पे बीच-बीच में मुझे फोन करने लगा। उसने कहा कि वह कभी भी मेरे घर आ सकता है। मेरा पता उसके पास था। मैं रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन भी गई, लेकिन कोई पुलिसवालों कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हुआ। फिर मैंने 21 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से शिकायत की। 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जिनमें से 5 को पुलिस पकड़ चुकी है। दिल्ली गैंगरेप के बाद मेरे दोस्त कहते थे कि मुंबई में तुम सेफ हो, लेकिन वे गलत थे। दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं।

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शामली में गैंगरेप से डरे मां-पिता ने बेटी के पैर में जंजीर डाल दिया!

एक स्टोरी लिख रहा था ‘बेटी के पैर में जंजीर’..आप भी सोच रहें होंगे कि आखिर एक बेटी के पैर में भला किसने और क्यों जंजीर डाल दी। सुनकर किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाएगा। घटना यूपी के शामली की है लेकिन पूरे देश को प्रतिबिंबित करती है। खुद माता पिता ने ही बेटी की अस्मत बचाने के लिए उसके एक पैर में जजीर बांध दी। वाकई माता पिता ने वो किया जिसे कानून इजाजत नहीं देता है लेकिन सोचिए लाचार माता पिता और क्या करते। महज 16 साल की उनकी बेटी मानसिक तौर से कमजोर है और कुछ दिन पहले उसे अज्ञात अपराधी घर के पास से बहकाकर ले गए और उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया।

बेटी को बदहवासी की हालत में पाकर माता पिता पर जैसे पहाड़ ही टूट पड़ा। इलाके के पुलिस थाने से लेकर जिले के एसएसपी तक से मुलाकात की लेकिन आरोपी पकड़ना तो दूर की बात है उनका सुराग तक नहीं मिल सका। अपराधी बेखौफ और आजाद घूम रहे हैं। ऊपर से बेटी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उम्र भले बढ़ गई हो लेकिन दिमाग किसी छोटे बच्चे की तरह। कब कहां चली जाए, कहा नहीं जा सकता।

अब बताइए कि लाचार मां बाप और क्या करते। बेटी को बचाने के लिए उसके पैर में जंजीर ही पहना दी। दुख होता है ये सब देखकर। क्या ऐसे ही बेटियों की रक्षा होगी। हमारे आस पास इंसान से ज्यादा दरिंदे मौजूद हैं। ऊपर से कहीं चले जाओ, पुलिस का रवैया बिलकुल लापरवाही भरा। आपकी पकड़ है तो पुलिस चाय ठंडा सब पिलाएगी और मदद भी करेगी और यदि आप कमजोर हैं तो लगाते रहो थाने के चक्कर..और अपराधियों से बचाने के लिए बेटियों को भी जंजीर लगा के रखो।

ऐसी ही एक घटना मुंबई के करीब वसई में भी हुई थी, जहां बेटियों को बचाने के चक्कर में एक पिता ने कई सालों तक उन्हें घर में कैद कर रखा था। यहां तक कि पड़ोसियों को भी भनक नहीं लगी और जब लगी भी तो बहुत देर हो चुकी थी। बेटियां महज हड्डियों का ढांचा भर रह गई थीं। बेहद ही शर्मनाक घटनाएं हैं और जब तक ये होता रहेगा, हम लाख दुनिया जीत लेने का दंभ भरें, हमारा सिर शर्म से झुका रहेगा।

अश्विनी शर्मा की रिपोर्ट.

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डाक्टर पति के ‘गे’ होने, 5 साल तक फिजिकल रिलेशन न बनने और टार्चर से परेशान एम्स की महिला डाक्टर ने जान दी

दिल्ली के एम्स अस्पताल के एनस्थीसिया विभाग में कार्यरत सीनियर रेजीडेंट 31 वर्षीय महिला डॉक्टर प्रिया वेदी ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली. प्रियका का शव दिल्ली पुलिस ने रविवार की सुबह पहाडगंज के होटल प्रेसीडेंसी से बरामद किया. प्रिया का शव बेड पर पड़ा हुआ था और हाथ की नस कटी हुई थी. पुलिस को शव के पास ही एक सुसाइड नोट मिला.

सुसाइड नोट में प्रिया ने लिखा है- ”पति कमल वेदी के साथ मेरी शादी को 5 साल हो गए हैं और अब तक हमारे बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं है. शादी के 6 महीने बाद मैंने अपने पति के लेपटॉप पर एक फर्जी जीमेल अकाउंट पाया जिसमें उसके कई गे दोस्तों के मोबाइल नंबर, उनकी तस्वीरें और वीडियो थे. जब मैंने अपने पति से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि किसी ने मेरा ईमेल अकाउंट हैक कर लिया है. मैंने पति के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन मेरे पति ने ऎसा करने से मना कर दिया और किसी न किसी बहाने से मेरा और मेरे परिवार का उत्पीडन किया जाने लगा. एक महीने पहले ही मेरे पति ने माना कि वो गे हैं. पिछली रात मेरे पति का मुझसे झगडा हुआ. मैं परेशान होकर आत्महत्या जैसा कदम उठा रही हूं.”

पुलिस के मुताबिक प्रिया जयपुर की रहने वाली हैं और उनके पति कमल राजस्थान के सीकर का रहने वाला है. कमल भी एम्स के चर्म और त्वचा रोग विभाग में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर हैं. दोनों एम्स के सरकारी फ्लैट में रह रहे थे. प्रिया ने शनिवार की रात करीब 11:45 होटल प्रेसीडेंसी में कमरा बुक कराया पहचान पत्र के रूप में उसने अपना लाइसेंस दिया. पुलिस ने प्रिया का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके पति से पूछताछ चल रही है. इस मामले की जांच एसडीएम कर रहे हैं.

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जान देने से पहले फेसबुक पर समलैंगिक पति से रिश्ते रखने वालों का नाम लिखा

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अमेरिकी महिला से रेप के आरोपों पर लेनिन रघुवंशी के संगठन की तरफ से विस्तृत बयान जारी

(अमेरिकी महिला से रेप के आरोपी सोशल एक्टिविस्ट लेनिन रघुवंशी की फाइल फोटो)


1)  Dr. Lenin herein is the CEO and Founder of an organization called “People’s Vigilance Committee on Human Rights” (PVCHR) started in 1996 as a membership based human rights movement in Varanasi (Uttar Pradesh), one of the most traditional, conservative and segregated regions in India. PVCHR works to ensure basic rights for marginalized groups in the Indian society, e.g. children, women, Dalits and tribes and to create a human rights culture based on democratic values.

2) The brief facts of the present case in the present case are as follows:

a) That on 22.4.2012, the complainant, An American girl approached the Applicant via email. She introduced herself as an individual concerned with the rights of the Dalits and Adivasis and expressed desire to visit PVCHR in Varanasi and get involved with the activities of the organization. (Annex 1)

b) That in response to the complainant’s e-mail, Shabana, who is a Senior Member of the management Committee of PVCHR wrote to her inviting her to Varanasi and also told her that she can stay with Shruti i.e. Applicant’s wife during her visit to Varanasi. Complainant was further informed that the Applicant would be reaching Varanasi on the evening of May 1, 2012 and would be leaving again on May 3, 2012.The complainant willingly agreed to stay with the Applicant’s wife and confirmed that she would be reaching Varanasi on April 28, 2012 and would leave on May 1, 2012 and expressed hope to meet the  Applicant during this time. To this, the Applicant wrote to the complainant that he would be reaching Varanasi on April 28, 2012 and leaving again on April 29, 2012 and hence they can meet on April 28, 2012. A tentative schedule was also prepared for her by the organization and e-mailed to her. Copies of the e-mails dated 22.4.2012, 23.4.2012, 24.4.42012, 25.4.2012, 27.4.2012 and 28.4.2012 exchanged between them in this time are attached herewith and marked as Annexure 2

c) That on 28.4.2012, the complainant reached Varanasi from Bombay and stayed with Applicant’s family there. The Applicant herein had also reached Varanasi on 28.4.2012 from Delhi and on 29.4.2012, left for Delhi the next day for a dinner with the EU Ambassador. This was the first time that the Applicant had met the complainant. Annexure 3

d) The complainant stayed with the Applicant’s wife, Shruti Nagwanshi for 4 days i.e. 28.4.2012 to 1.5.2012. They became friendly with each other and shared an amicable relationship.

e) As the purpose of the complainant’s visit was to get involved with the activities of the organization, during her stay in Varanasi, she had key meetings with the staff of the organization and she also visited the Bhagwanala slum area where the organization does field work. On 1.5.2012, when her visit came to an end, she donated Rs.10,000/- to PVCHR, before leaving for Mumbai.(Annex 4)

f) That after this visit to Varanasi, the complainant made all efforts to remain in touch with the Applicant. She used to chat with the Applicant online and most of the conversation was regarding work of the Applicant. Complainant was always appreciative of his work and they used to discuss various social issues. On May 8, 2013, the complainant asked the Applicant (over online chat) if they can meet in Varanasi on May 13, 2013. She told him that it was her birthday on May 14 and would love to spend it in Varanasi. As the Applicant had to catch a flight to Seoul on May 14, 2013 from New Delhi, they decided to meet in Delhi on May 13, 2013. A copy of the online chat between the Applicant and complainant is attached herewith as Annexure – 5

g)  That on May 13, 2013, Applicant checked in at Hotel Nancy Delux, Delhi at 7 PM. The complainant reached there around 10 PM.

h)  That though a room was booked for her in the same hotel by the Applicant, the complainant refused to fill up the form that has to be filled up by foreign citizens staying in that hotel. She also did not like the room offered to her and so her booking was cancelled and she moved to another location. She suggested that the Applicant also goes along with her but the Applicant did not go and stayed back where he had made his booking.

i) That the next day, i.e. on May 14, 2013, the Applicant left for Seoul from Delhi and the complainant went to Varanasi to visit PVCHR again.  This was the second and last time that the Applicant met the complainant. The ticket for the complainant was booked by Applicant’s organization and she later paid the amount for that ticket to the organization. A true copy of this ticket of the complainant from Delhi to Varanasi is attached herewith as Annexure 6-. A copy of the ticket and boarding pass of the Applicant from New Delhi to Seoul is attached herewith as Annexure 7.

j) That after her meeting with the Applicant in New Delhi, the complainant reached Varanasi on May 14, 2013. As it was her birthday that day, she celebrated the same with the Applicant’s wife, Applicant’s son and one of the office staff, Rohit. Photographs of the same are annexed herewith and marked as Annexure 8.

k) That she was very friendly with Applicant’s wife and during this visit also, she stayed at Applicant’s house with his wife and son.  The Applicant was not in Varanasi during this time even for a day.

l) That on May 18, 2013, it was the Applicant’s birthday and though he was not there, the complainant joined the family celebrations for the birthday with the Applicant’s wife and son. It can thus be seen that after the complainant’s visit to Delhi and meeting with the Applicant, she continued to maintain extremely friendly and cordial personal relationship with his family. See Video: https://www.youtube.com/watch?v=FO85MTg7JfU

m)  That during her stay in Varanasi, the complainant met Sapna, a victim of domestic violence who was being supported by the Applicant’s organization. The complainant took a lot of interest in her case. Sapna was being physically and mentally exploited by her husband and PVCHR had been helping and supporting her. Sapna’s husband had been threatening the Applicant, his family and the organization and in the past had even gone to the extent of making a life-threatening attack on the Applicant when 3 armed men had reached Applicant’s house with guns and knives. Fortunately the Applicant survived the attack with some injuries. An FIR was registered regarding this incident and the same is annexed herewith as Annexure 10.  He also had made various false and baseless allegations against the organization to the effect that his wife was being pressurized and exploited by members of PVCHR. Allahabad High Court had passed an order in favour of the organization, holding all allegations of Sapna’s husband to be false and baseless.  A copy of this judgment is annexed herewith and marked as Annexure 11.

n) That shockingly, the complainant, during her visit to Varanasi in May, 2013, while she was staying with the Applicant’s family, started keeping in touch with Sapna’s husband and used to meet him at his brother in law’s guest house regularly. Complainant never shared the reason and nature of these meetings with Sapna’s husband with anyone in the organization. The complainant for reasons unknown had also been instigating Sapna to go to Bangalore and seek help from the NGOs working there.

o) That the complainant left Varanasi on May 20, 2013 and soon thereafter, a false FIR came to be lodged by Sapna’s husband against the Applicant herein under Sections 342, 384 and 498 of Indian Penal Code regarding Sapna. It is suspected that the same was filed in connivance with the complainant. The said FIR was baseless and Sapna in her statement given to the magistrate under Section 164 of Criminal Procedure Code stated that the Applicant’s organization has been supporting her and the allegations made in the FIR were false and it was her husband who has been harassing and exploiting her. Copies of the said FIR and statement of Sapna under Section 164 of Criminal Procedure Code are annexed herewith and marked as Annexure 12.

p) That on June 4, 2013 Shruti, i.e. wife of the Applicant received an absurd email from the complainant asking why she (Shruti) told Sapna that the complainant was a bad girl and that the complainant loved the Applicant and because he refused her, she blamed him. In this e-mail, the complainant alleged that Sapna was not being treated properly by her and PVCHR. She also made an allegation that the Applicant had done her wrong in New Delhi and that the complainant had told this to Shruti. A copy of this e-mail dated June 4, 2013 is annexed herewith and marked as Annexure 13.

q) As Shruti (Applicant’s wife) had lost her e-mail password, she checked her e-mail after a long time and was shocked to read complainant’s e-mail. She replied to the complainant’s e-mail on September 19, 2013 and clarified to her that she had not said anything bad about her to Sapna. She also told her that PVCHR were not forcing Sapna for anything and were doing everything they can to make her life better.  A copy of this email dated September 19, 2013 is annexed herewith Annexure 14.

r)  That in November, 2013, Sapna was living with her relatives and decided to go back to her husband and did so without even informing the Applicant’s organization. That Sapna shared an amicable relationship with the members and staff of PVCHR and had always been grateful to them for their support. It thus came as a shock when the Applicant got to know that Sapna had given a complaint to the police against PVCHR for mental and physical exploitation. The same was filed clearly on instigation and pressure from her husband. As the complaint was baseless and without any merits, all allegations were found to be false. A true copy of the report by police on this complaint is annexed herewith Annexure 15.

s) That on December 26, 2014, Shabana had, on behalf of the organization sent a mass appeal through e-mail regarding barbaric crimes against women. As the same was sent to a pre-formed mailing list consisting of e-mail ids of people associated with the NGO, the mail got sent to the complainant as well.

t) The very next day, the complainant replied asking why Shabana had sent her that e-mail, to which Shabana wrote to her that as she was a part of the mailing list, the e–mail went to her as well and that her name would be removed from the mailing list.

u) On December 28, 2014, the complainant wrote to Shabana alleging that the Applicant had raped her and had lost her trust and once again mentioned that the organization was ill-treating Sapna. Shabana by her email dated December 29, 2014 clarified to the complainant that Sapna and members of the organization were on amicable terms. It was further clarified that her allegations against the Applicant were an attempt of character assassination and all the communication between the Applicant and the complainant as well as the photographs of her birthday celebration were being scrutinized by a committee of the organization. Copies of these emails dated 27.12.2014, 28.12.2014 and 29.12.2014 are annexed herewith as Annexure 16.

v) That in view of the allegations made by the complainant in her e-mails, the organization called for a sexual harassment committee meeting and on January 2, 2015, after considering the vague and baseless nature of the allegations, gave a report exonerating the Applicant. A copy of this report is annexed herewith as Annexure 17.

w) That to Applicant’s utter shock on April 9, 2015, he got to know through a news report shared on face book that an FIR has been registered against him by the complainant at Paharganj Police Station, New Delhi A copy of these newspaper reports are annexed herewith as Annexure 18

x)  That after enquiring from the concerned Police Station, the Applicant’s Advocate got to know that the case has been registered under Sections 376 and 328 of the Indian Penal Code. Even after giving an application for providing a copy of the FIR, the same was not supplied to the accused.

4.  That the Applicant herein is apprehending arrest in relation to the above-mentioned FIR and is seeking anticipatory bail on the following amongst other grounds:

A. That the Applicant is innocent and the FIR has been filed maliciously solely for the purpose of harassing and maligning the reputation of the Applicant.

B. That as per the newspaper report, the alleged incident happened in 2013 and there is no explanation for a delay of over 2 years in filing the present FIR and it is clearly an afterthought and an attempt to harass and falsely implicate the Applicant. After her meeting with the Applicant in Delhi, no information regarding any untoward incident was given by her to the hotel staff or the police. In fact, after their meeting, she visited Varanasi and stayed with Applicant’s family there.

C. That the Applicant has met the complainant only on two occasions. First time was on April 28, 2012, when the complainant was visiting Varanasi and staying at Applicant’s house with his family and the second time was on May 13, 2013 in New Delhi. Both the times the meeting was brief and mainly because of insistence from the complainant herself.

D. That the Applicant had gone to Varanasi and stayed with Applicant’s wife and son after her meeting with the Applicant in New Delhi. She even celebrated her own birthday as well as the Applicant’s birthday with Applicant’s family during her stay in Varanasi. Her relationship with Applicant’s family was friendly and affectionate.

E. That as depicted in the facts hereinabove, Sapna’s husband had made several and repeated efforts to harass the Applicant in the past as well and the Applicant believes that they were also instigated by the present complainant, who seems to be determined to tarnish the image of the Applicant herein. As depicted in the facts hereinabove, the complainant was in contact with Sapna’s husband and they in connivance with each other have been making all possible efforts to harass and malign the image of the Applicant and his organization.

F. That recently, the Applicant has been nominated for Roland Berger Human Dignity award. The process to select the awardee consists of a background check of all the nominees and the present allegation against the Applicant seems to be an attempt by a competitive NGO also working in Varanasi to ensure that the Applicant does not get that award. One of the NGOs functioning in Varanasi has been taking unduly keen interest in pursuing the present case against the Applicant which has given rise to such suspicion in the mind of the Applicant.

G. That the Applicant is a law-abiding and a respectable citizen and has no previous criminal antecedents. He is an individual whose contribution in the social sector has been commendable and the filing of the present FIR is merely an attempt of character assassination and harassment of the Applicant and his family.

H. That the facts narrated above clearly depict the baseless and malicious nature of the FIR against the Applicant and has been filed by the complainant to seek some unknown personal vendetta against the Applicant and in connivance with competitive organizations with the objective of tarnishing the image and reputation of the Applicant as well as his organization-PVCHR.

Shirin Shabana Khan
Program Director
People’s Vigilance Committee on Human Rights (PVCHR)
An initiative of Jan Mitra Nyas ISO 9001:2008
SA 4/2 A Daulatpur, Varanasi – 221002 India
Email:  shabana@pvchr.asia


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बनारस के लेनिन रघुराम उर्फ लेनिन रघुवंशी ने अमेरिकी महिला से दिल्ली के होटल में किया दुष्कर्म!

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यौन शोषण के आरोपी प्रशांत मिश्र को गिरफ्तार करो, गृहमंत्री से गुहार, पत्रकारों ने काले झंडे दिखाए

(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते दैनिक जागरण के मालिकान के साथ सबसे दाएं प्रशांत मिश्र एवं यूनियन का मांग पत्र)


दैनिक जागरण के राजनैतिक संपादक प्रशांत मिश्र पर यौन शोषण के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कहीं पर उनकी गिरफ्तारी और मामले की निष्‍पक्ष न्‍यायिक जांच की मांग की जा रही है तो कहीं पर उन्‍हें काले झंडे दिखाए जा रहे हैं। पटना से खबर मिली है कि प्रशांत मिश्र दैनिक जागरण कार्यालय भवन के उद्घाटन अवसर पर पटना पहुंचे तो उन पर लगे आरोपों से पत्रकारों में इतना रोष रहा कि वहां उन्‍हें काले झंडे दिखाए गए और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई।

उधर, यूपी न्‍यूज पेपर इंप्‍लाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्‍यक्ष आरपी सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिख कर प्रशांत मिश्र को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। उन्‍होंने आश्‍चर्य जताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निकट ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी सहयोगी महिला का यौन शोषण करते हैं और अपने पद और प्रतिष्‍ठा का दुरुपयोग कर मामले को दबा दिए जाने का कुचक्र रचते हैं। उन्‍होंने कहा है कि जब तक प्रशांत मिश्र को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, यौन शोषण की शिकार महिला के मामले की निष्‍पक्ष न्‍यायिक जांच नहीं हो सकेगी।

मूल खबर…

दैनिक जागरण के राजनैतिक संपादक प्रशांत मिश्रा पर यौन शोषण का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के करीबी और दैनिक जागरण के राजनैतिक संपादक प्रशांत मिश्रा पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। आइर्एनएस में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने इस संबंध में संसद मार्ग थाने में जनवरी के पहले सप्ताह में एक तहरीर भी दी। इस महिला ने अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है। महिला की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने दैनिक जागरण के सीईओ और प्रधान संपादक संजय गुप्ता को इस शिकायत पर कार्रवाई कर आयोग को 15 दिनों में जवाब देने को कहा है।

एक पेज के शिकायती पत्र में महिला ने प्रशांत मिश्रा पर कई तरह के संगीन आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि प्रशांत मिश्रा उससे (शिकायतकर्ता) अपने व्यक्तिगत मेल पर अश्लीाल मेल मंगाकर पढ़वाते थे। इस तरह के मेल को डिलीट कर देने पर गुस्सा करते थे और अपने कमरे में बुलाकर अश्लील हरकत करते थे। महिला का हाथ तक पकड़ने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि इस तरह की हरकत करने से मना करने पर उसे नौकरी से निकालने की प्रशांत मिश्रा दिया करते थे।

अपनी शिकायत में महिला ने कहा कि इसकी जानकारी सीएमडी, सीईओ सहित सभी वरिष्ठं अधिकारियों को उसने दी लेकिन प्रशांत मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई होने के बजाय उसे ही नौकरी पर न आने को कह दिया गया। गौरतलब है कि प्रशांत मिश्रा को प्रधानमंत्री के काफी करीब माना जाता है और 19 दिसंबर को जो प्रधानमंत्री राहत कोष में दैनिक जागरण की ओर से चार करोड़ रुपये दिए गए थे उसके लिए उन्होंने (प्रशांत मिश्रा) ही मालिकों को प्रधानमंत्री मोदी से मिलवाया था। इस मुलाकात के दौरान प्रशांत मिश्रा भी मालिकों के साथ ड्राफ्ट देने साथ गए थे।

दैनिक जागरण के अधिकारियों पर यह पहला अवसर नहीं है जब उनपर यौन शोषण का आरोप लगा है। इससे पहले कानपुर, नोएडा और पटना के कई संपादकों मैनेजरों पर यौन शोषण का आरोप लग चुका है। इस दौरान संस्थान में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार विशाखा समिति गठित करने की मांग उठती रही है लेकिन दैनिक जागरण के मालिकान को न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की परवाह है और न ही देश के नियम-कानून की। उन्हें लगता है उनकी ऊंची पहुंच के कारण उनका कोई बाल बांका नहीं कर सकता।

फोर्थ पिलर एफबी वॉल से

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बनारस के लेनिन रघुराम उर्फ लेनिन रघुवंशी ने अमेरिकी महिला से दिल्ली के होटल में किया दुष्कर्म !

नई दिल्ली : पहाड़गंज के होटल में 38 साल की अमेरिकी महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। यह घटना 14 अप्रैल, 2013 की है। इस दौरान उन्होंने न तो दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी और न ही अमेरिकी दूतावास से। अमेरिका में रह रहे घनिष्ठ मित्र को आपबीती बताने पर उन्होंने महिला को वापस अमेरिका लौट आने का सुझाव दिया, तब वह लौट गई थी।

(अमेरिकी महिला से बलात्कार के आरोप सोशल एक्टिविस्ट लेनिन रघुवंशी)

कुछ समय बाद फिर भारत आईं और आरोपी के वाराणसी में होने से वहां के थाने में मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन जब उनकी नहीं सुनी गई, तब दिल्ली पुलिस व दिल्ली महिला आयोग में शिकायत की। पुलिस आयुक्त भीमसेन से मिलने के बाद उनके निर्देश पर बुधवार को पहाड़गंज थाने में आरोपी लेनिन रघुराम उर्फ लेनिन रघुवंशी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, महिला शादीशुदा है। वह स्टूडेंट वीजा पर वर्ष 2000 से भारत आती-जाती थी। 2013 में जब उन्होंने अमेरिका में रहकर ही ऑनलाइन लेनिन रघुराम उर्फ लेनिन रघुवंशी की संस्था के बारे में पढ़ा तो काफी प्रभावित हुई। लेनिन ने वाराणसी में दलित, मुस्लिम व लाचार महिलाओं के वेलफेयर के लिए संस्था बना रखा है। संस्था के एजेंडे से प्रभावित होकर महिला ने फोन पर लेनिन से बात करनी शुरू कर दी। 2013 में उन्होंने संस्था को 200 डॉलर की आर्थिक मदद भी दी।

13 अप्रैल, 2013 को लेनिन के बुलाने पर महिला भारत आ गई। आईजीआई एयरपोर्ट पर वह खुद आया। उसने महिला के ठहरने के लिए पहाड़गंज के होटल में कमरा बुक करा दिया था। होटल पहुंचकर दोनों ने साथ में शराब पी और खाना खाया। महिला जब अपने कमरे में सो गई तब लेनिन ने दुष्कर्म किया और वारदात के बाद होटल से गायब हो गया। नींद खुलने पर उन्हें दुष्कर्म किए जाने का एहसास हुआ। तब उन्होंने अमेरिका में रह रहे अपने दोस्त को आपबीती बताई। दोस्त के सुझाव देने पर वह लौट गई। कुछ महीने बाद वह लेनिन को खोजने के लिए वाराणसी गई, लेकिन वह नहीं मिला। इस दौरान एक महिला से मुलाकात हुई, उसे भी लेनिन ने धोखा देकर यौन शोषण किया था। इसके बाद उन्होंने वाराणसी में पुलिस अधिकारियों से मिलकर आपबीती बताई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। तब अमेरिकी महिला ने दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया। अधिवक्ता शुब्रा मेंहदीरत्ता ने उनकी शिकायत सुनकर पहाड़गंज थाना पुलिस को मामले की जानकारी।


इस मामले पर आरोपी लेनिन रघुवंशी के संगठन की तरफ से जो बयान जारी किया गया है, उसने पढ़ने के लिए इस शीर्षक पर क्लिक करें…

अमेरिकी महिला से रेप के आरोपों पर लेनिन रघुवंशी के संगठन की तरफ से विस्तृत बयान जारी

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रेप पीड़िता के समर्थकों पर एम्स कर्मियों और छात्रों का लाठियों और ब्लेड से हमला, महिलाओं के कपड़े फाड़े, एसपी ने भी गालियां दीं

दिल्ली : आईसीएमआर की बलात्कार पीड़ित छात्रा अपने समर्थकों के साथ गत दिवस जब एम्स के डायरेक्टर डॉ.ऍम.सी मिश्र से मिलने पहुंचीं तो ऑफिस के कर्मचारियों ने उनसे पहले बदतमीज़ी की। मना करने पर हमलावर हो गए। कर्मचारियों और एम्स के चार-पांच छात्रों ने उनसे गाली-गलौज के बाद साने वाली बिल्डिंग से दो-ढाई सौ छात्रों को और लेकर उन पर हमला कर दिया। महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं बख्शा। सबकी मार पिटाई की। दो महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़ दिए। कुछ के हाथ में सर्जरिकल ब्लेड मार दिए तो कुछ को लाठियों से पीटा।

रेप पीड़िता ने बताया कि 8 महीने पहले एम्स के मेडिसीन लैब के मनोज कुमार और छात्र डॉ. सरमन सिंह, जो मूलतः श्यामपुर, आदापुर, बिहार का रहने वाला है, ने उसके साथ बलात्कार किया था। इस घटना की एफआईआर संख्या 947/14 थाना हौजखास, न्यू दिल्ली में दर्ज़ है! पीड़िता ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइड लाइन्स और 2013 लॉ का हवाला देते हुए एम्स प्रबंधन को समय से अवगत कराय दिया था कि जहां ऐसी घटना हो, उस संस्था को तीन महीने के अन्दर एक अंतरिम कमेटी गठित कर इस तरह के मामले की छानबीन करनी होती है लेकिन 8 महीने बीतने के बावजूद कोई कमेटी गठित क्यों नहीं की गई? इसी का जवाब मांगने गत 6 अप्रैल को भी छात्र पीड़िता के साथ एम्स प्रबंधन से मिलने पहुंचे तो कहा गया था कि 9 अप्रैल तक इस मामले को देख लिया जाएगा। 

कथित निर्धारित तिथि बीत जाने के बावजूद जब एम्स प्रबंधन ने ऐसा कुछ नहीं किया तो फरियादी दोबारा 10 अप्रैल को शांति पूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के लिए एम्स मेट्रो स्टेशन पहुंच गए। थोड़ी देर बाद पीड़िता अपने कुछ दोस्तों के साथ एम्स डायरेक्टर से मिलने पहुंचीं तो ऑफिस के लोगों ने उन सभी से बदतमीज़ी से बात करते हुए मिलने से मना कर दिया। जब वे वापस जाने लगे, तभी एम्स के 4-5 छात्र आकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए पीड़िता को बदचलन, वेश्या आदि कहने लगे। 

जब प्रदर्शनकारी ने उन्हें ऐसा बोलने से मना करते हुए धीरे धीरे वापस लौटने लगे तो साने वाली बिल्डिंग से दो-ढाई सौ छात्र और आ धमके और उन पर हमला कर दिया। महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं बख्शा। सबकी मार-पिटाई शुरू कर दी। दो महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े भी फाड़ दिए। हमलावरों ने कई लोगों के हाथ में सर्जरिकल ब्लेड भी मार दिए। कुछ की लाठी से पिटायी कर दी। प्रदर्शनकारी वहां से अपनी जान बचा कर भागे। उनमें से पांच महिला प्रदर्शनकारी औए दो पुरुष प्रदर्शनकारी अपनी जान बचाने के लिए पुलिस की गाड़ी में घुस गए तो एम्स के छात्रों ने पुलिस के साथ लड़ाई झगड़ा करते हुए पीड़िता समर्थक एक साथी को घसीटते हुए गाड़ी से खींच कर दोबारा पीटा। उसकी  शर्ट फाड़ दी। पीटते हुए एम्स डायरेक्टर के ऑफिस के अन्दर ले गए। 

बाकी लोगों को पुलिस हौजखास थाने लेकर चली गई । जब बाकी दूसरे प्रदर्शनकारी एम्स के छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करवाने थाने गए तो पुलिस वालों ने 4-5 घंटे तक उनकी बात नहीं सुनी। वहां के एसपी निशांत गुप्ता ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ गाली-गलौज की और वेश्या तक कहा। इसके बाद जब वे एफआईआर लिखवाने की जिद करने लगे तो उन्होंने काफी देर बाद उनका कंप्लेंट लैटर तो ले लिया लेकन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 

थोड़ी देर बाद उन्होंने थाने में बैठे प्रदर्शनकारियों को ही उल्टे गिरफ्तार कर उनके ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी। जिस प्रदर्शनकारी को एम्स के छात्र पीटते हुए डायरेक्टर ऑफिस में घसीट ले गए थे, पुलिस उसे रात में थाने ले आई और उसे एक दूसरे  प्रदर्शनकारी के साथ रात भर थाने में बैठाए रखा। अगले दिन 11 अप्रैल को उसे साकेत कोर्ट में पेश कर तिहाड़ जेल भेज दिया।

पीड़ित संपर्क ईमेल : 16deckrantiofficial@gmail.com

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दैनिक जागरण के राजनैतिक संपादक प्रशांत मिश्रा पर यौन शोषण का आरोप

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के करीबी और दैनिक जागरण के राजनैतिक संपादक प्रशांत मिश्रा पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। आइर्एनएस में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने इस संबंध में संसद मार्ग थाने में जनवरी के पहले सप्ताह में एक तहरीर भी दी। इस महिला ने अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है। महिला की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने दैनिक जागरण के सीईओ और प्रधान संपादक संजय गुप्ता को इस शिकायत पर कार्रवाई कर आयोग को 15 दिनों में जवाब देने को कहा है।

एक पेज के शिकायती पत्र में महिला ने प्रशांत मिश्रा पर कई तरह के संगीन आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि प्रशांत मिश्रा उससे (शिकायतकर्ता) अपने व्यक्तिगत मेल पर अश्लीाल मेल मंगाकर पढ़वाते थे। इस तरह के मेल को डिलीट कर देने पर गुस्सा करते थे और अपने कमरे में बुलाकर अश्लील हरकत करते थे। महिला का हाथ तक पकड़ने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि इस तरह की हरकत करने से मना करने पर उसे नौकरी से निकालने की प्रशांत मिश्रा दिया करते थे।

अपनी शिकायत में महिला ने कहा कि इसकी जानकारी सीएमडी, सीईओ सहित सभी वरिष्ठं अधिकारियों को उसने दी लेकिन प्रशांत मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई होने के बजाय उसे ही नौकरी पर न आने को कह दिया गया। गौरतलब है कि प्रशांत मिश्रा को प्रधानमंत्री के काफी करीब माना जाता है और 19 दिसंबर को जो प्रधानमंत्री राहत कोष में दैनिक जागरण की ओर से चार करोड़ रुपये दिए गए थे उसके लिए उन्होंने (प्रशांत मिश्रा) ही मालिकों को प्रधानमंत्री मोदी से मिलवाया था। इस मुलाकात के दौरान प्रशांत मिश्रा भी मालिकों के साथ ड्राफ्ट देने साथ गए थे।

दैनिक जागरण के अधिकारियों पर यह पहला अवसर नहीं है जब उनपर यौन शोषण का आरोप लगा है। इससे पहले कानपुर, नोएडा और पटना के कई संपादकों मैनेजरों पर यौन शोषण का आरोप लग चुका है। इस दौरान संस्थान में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार विशाखा समिति गठित करने की मांग उठती रही है लेकिन दैनिक जागरण के मालिकान को न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की परवाह है और न ही देश के नियम-कानून की। उन्हें लगता है उनकी ऊंची पहुंच के कारण उनका कोई बाल बांका नहीं कर सकता।

फेसबुक पर मजीठिया मंच नामक पेज से साभार.

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कवि और नेता कुमार विश्वास पर ‘आप’ महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक संबंध को लेकर सोशल मीडिया पर माहौल गरम

आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास पर पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से अनैतिक संबंध का आरोप लगा है. मामला लोकसभा चुनावों के दौरान का है लेकिन यह प्रकरण सोशल मीडिया में अब गरम हुआ है. #ExposingKumarVishwas ट्विटर पर टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक है. आरोप है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में उन्‍होंने एक महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक रिश्‍ते बनाए. एक अंग्रेजी अखबार में इस बारे में खबर छपने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में आ गया. कुमार विश्वास ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने ट्वीट किया है- ”BJP पालित मीडिया का एक हिस्सा और उसके नेट-नकटे भक्त 2 साल के दुष्प्रचार का तीन नंबरी फल दिल्ली में खाकर भी काम पर जुटे है. गजब.”

इस प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर कुछ का यहां तक कहना है कि कहा अमेठी में हार के पीछे कुमार की यही हरकतें जिम्मेदार हैं. कुछ ट्वीट्स में कुमार की पत्नी के प्रति वफादारी और उनकी नैतिकता पर भी सवाल उठाए गए हैं. एक ट्वीट में कहा गया है कि कुमार की हरकत के बाद यह साफ हो जाता है कि आम आदमी पार्टी में महिलाओं को लेकर क्या नजरिया है. एक अन्य ट्वीट में कहा गया है कि क्या ऐसे ही ‘आप’ महिलाओं की रक्षा करेगी.

कुमार विश्वास पर व्यभिचार के आरोप को लेकर एक खबर अंग्रेजी अखबार में छपी है. इसके बाद ‘एक्सपोज कुमार विश्वास’ ट्विटर पर टॉप-5 में ट्रेंड कर रहा है. खबर के मुताबिक लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में कुमार विश्वास के रहते हुए उनको लेकर शिकायत की गई है. शिकायत अजय वोहरा नाम के शख्स ने अरविंद केजरीवाल से 23 दिसंबर 2014 को सुबह 11.28 बजे ईमेल के जरिये की. इस ईमेल पर आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेताओँ ने अपनी-अपनी राय और जांच की बात लिखी है.

शिकायत करने वाले अजय वोहरा के उस ई-मेल पर अरविंद केजरीवाल ने 23 दिसंबर 2014 को दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर कुमार विश्वास से पूछा है कि इस पर आपका क्या कहना है? इस पर कुमार विश्वास ने उसी दिन शाम 5 बजे अपना जवाब भेजा जिसमें लिखा कि- ”प्रिय अरविंद, श्री वोरा कौन हैं और इस प्रकार के मेल से उनका क्या आशय है मैं नहीं जानता ? किंतु अरविंद के प्रशान उठाने का निराकरण होना जरूरी है.. क्योंकि इसमें लगाए गए आरोपों में कोई ऐसा नहीं है जिसका उत्तर या तो मेरे पीएसी के साथियों सूचित हो या उन्हें ज्ञात न हो.”

इस ईमेल पर दिलीप पांडे 23 दिसंबर को रात 8 बजे टिप्पणी लिखते हैं. आशुतोष भी 23 दिसंबर को ही रात 11.39 बजे उसके बारे में लिखते हैं. इस ईमेल पर योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण ने भी अपनी-अपनी बातें लिखी. पार्टी का कहना है कि शिकायत वाले इस ईमेल पर शिकायतकर्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं है और कोई शरारत करने के लिए भी इस तरह के ईमेल के जरिये झूठी शिकायत कर सकता है इसलिए हमने इस पर कोई जांच नहीं करवाई और इस चैप्टर को बंद कर दिया गया.

कुछ तो गड़बड़ जरूर है…. !!!!!

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में एक वालंटियर महिला के साथ सोते हुए कुमार विश्वास को उनकी पत्नी ने पकड़ा. अंग्रेजी अखबार डीएनए में छपी खबर की मानें तो अखबार का दावा है कि उनके पास कुमार विश्वास और केजरीवाल के बीच साझा हुए ऐसे इमेल की सीरीज है जिसमें इस सनसनीखेज बाज का खुलासा हुआ है. खबर के अनुसार कुमार विश्वास अमेठी में आप महिला वालंटियर के साथ सोते थे. उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में उनकी पत्नी ने भी रंगेहाथ पकड़ा था.

आम आदमी पार्टी के अजय वोहरा ने केजरीवाल को एक मेल भेजा है जिसमें उन्होंने कुमार विश्वास पर ये आरोप लगाये हैं. उन्होंने कुमार पर कालाधन भी लेने का आरोप लगाया है. 24 दिसंबर को भेजे इस मेल के बाद केजरीवाल ने वोहरा को इस बात का आश्वासन दिया कि वह इस मामले की जांच करायेंगे और कार्यवाही करेंगे. इसके बाद केजरीवाल ने संसदीय मामलों की कमेटी को इस मामले की जानकारी दी और आगे की कार्यवाही के लिए राय मांगी.

कुमार विश्वास ने केजरीवाल को भेजे मेल में कहा है कि केजरीवाल को खुद मुझे इस बारे में पूछकर मेरा पक्ष जानना चाहिए था बजाए इसके कि वोहरा की बात पर यकीन करने के. मेल में विश्वास केजरीवाल से अपनी इस मामले में राय की बात कहते हैं, साथ ही उनकी पत्नी का नाम इस मामले में घसीटने पर आपत्ति जताते हैं. वोहरा के इस मेल के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि अरविंद केजरीवाल के पास इस मामले की क्लिप पहले से ही मौजूद थी. यह बात उस परिपेक्ष्य में कही गयी है जिसमें कहा गया है कि वोहरा ने अपने मेल में विश्वास के खिलाफ सबूत के तौर पर ऑडियो टेप देने की बात कही है.

वोहरा अपने मेल में कहते हैं कि यह केजरीवाल का पहला सबसे बड़ा टेस्ट है जब उन्हें अपने सबसे करीबी मित्र के खिलाफ कदम उठाना था. उन्होंने कहा कि अगर मीडिया इस क्लिप का खुलासा करती है तो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा, और वह खुद इस क्लिप को मीडिया में नहीं देंगे, बल्कि पार्टी के भीतर के लोकपास से इस मामले की जांच के बाद कार्यवाही करने की गुजारिश करेंगे.  इस मेल को प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, दिलीप पांडे, आशुतोष, आशीष खेतान, मनीष सिसोदिया, आशीश तलवार, संजय सिंह आदि को भी भेजा गया है, जिसमें इन सभी नेताओं ने कहा है कि इस मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी. योगेंद्र यादव कहते हैं कि यह आरोप छींटाकशी ज्यादा लगता है, बजाए सच्चाई के. लेकिन उन्होंने कहा कि वोहरा को अपनी बात कहने की आजादी है. भूषण ने इस मामले को लोकपाल को देने की बात कही है. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कभी भी जांच नहीं की गयी. हाल ही में उस मेल को केजरीवाल और विश्वास के बीच साझा करके उसे निपटा दिया गया था, ऐसे में देखने वाली बात होगी कि मीडिया में इस खबर के आने के बाद क्या केजरीवाल इस मामले में विश्वास की जांच करवायेंगे. कुमार विश्वास ने इन आरोपों को बीजेपी का प्रोपोगेंडा बताया है, उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है, साथ ही उन्होंने इस खबर पर मीडिया पर जमकर हमला बोला है.

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दिल्ली की यौन शोषित छात्रा न्याय के लिए जंतर-मंतर पर धरना देगी, पढ़ें प्रेस स्टेटमेंट

 (रेपिस्ट, धोखेबाज और चीटर मनोज कुमार की तस्वीर दिखाती पीड़ित मेडिकल छात्रा)

I am a student of ICMR DELHI. Mr Manoj Kumar, THE ACCUSSED also pursuing PhD in dept of Lab Medicine AIIMS came in my contact during academic interactions and induced me and repetitively raped on the false promise of marriage. He used to call me to his hostel room at AIIMS under the guise of guiding me for studying and forced upon me physically several times as a result of which I got pregnant. Due to his influence and clout in the academic circles I had no option then to serve his physical needs as per his dictates forcibly.

I got pregnant of his child then he said that he would marry me very soon but he secretly administered me so drug under the garb of some other treatment due to which I had excessive bleeding and several health complications developed as a result of which I was admitted to Sir Ganga Ram Hospital in very bad condition and practically semi-conscious condition. He took my signatures on several papers during this process and assured the doctors attending me that he is my husband and signed all the authorization forms of the hospital as a result of which doctors performed medical termination of my pregnancy (MTP). He made me pay the entire bills of the said treatment on the ground that he does not have any money. Earlier also he took money from me on several pretexts.

After much dilly dallying when he came to meet me in my house on 17/8/2014, he out rightly refused to marry me and violently forced upon me and raped me several times during the evening. I had no option then to bear all this as he was time and again threatening me that he would get me eliminated and spoil my career if I dare to protest him.and threatened me that he has MMS clips.

I lodged a complaint with the on 27/8/2014 and FIR bearing No. 947/2014, U/S 376, 506 IPC, PS Hauz Khas, New Delhi has been registered by the Delhi Police and now a charge sheet has been filed before the court for trial. The said person was arrested by the police and sent to jail and was released on bail after several days by the court of sessions. Since then he is using every dirty trick to derail the judicial process and manipulate the entire process.

Not only that, he is also threatening me that he will me kill me and my family members if I do not withdraw the FIR against him. He is working at AIIMS and threatening me that he will defame me in the entire institution so that I cannot get any job in any prestigious medical institution. He further claims that his guide Dr Sarman Singh, HOD of the Department of Lab Medicine at Microbiology Department is with him hence no one can harm him inside AIIMS.  I apprehend that his presence in AIIMS would certainly harm my personal life as very often he is visiting my institute and threatening me in full public view and coercing me to withdraw the FIR. I have made several rounds to AIIMS and met the officials concerned , no body is disclosing the status of the action taken against the said Mr Manoj Kumar and I feel that the said authorities are trying to divert the offense and helping the said Mr Manoj Kumar in fabricating evidence against me.

I may inform you that Jawaharlal Nehru University, New Delhi has taken stern action against one of their PhD scholars who was found indulged in similar incident and FIR No.171/2014, PS- Vasant Vihar, New Delhi was registered against him. JNU has taken a strict view of his conduct and has rusticated him from the University debarring his entry inside the University campus. AIIMS is however taking a favorable stand to the accused  despite the fact that the Fact Finding Committee constituted by the Ministry of Health and Family Welfare has clearly held the said Manoj Kumar guilty of sexual harassment for threatening, intimidating me.

I have made rounds to the office of the Delhi Commission for Women, Mrs Maneka Gandhi, Central Minister, Shri JP Nadha , Central Minsiter, Shri Ram Vilas Paswan, Central Minsiter and all of them have given due indulgence in the matter and have issued specific directions to the authorities of the AIIMS to take action against the said Manoj Kumar but the authorities of AIIMS, for the reasons best known are protecting him and have not initiated any action against the person who has exploited my vulnerable position and committing the ghastly crime of rape.

All my requests to take action against the said person and ensure my security and safety has fallen to deaf years and some of the authorities of AIIMS are bent upon protecting the said person hence I have decided to hold a peaceful DHARNA in JANTAR MANTAR to bring to the notice of the world the misdeed of the said Mr Manoj Kumar w.e.f. 19/3/2015 .

Thanking you,

Yours       

(Victim)

Mobile No. 7838614436

IMPORTANT:

As per Indian laws, the name and other particulars including the photographs,IDENTITY,address and any other details of the victim is not to be published by media.

PRESS STATEMENT


 इस पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने के लिए आप भी इसके फेसबुक पेज से जुड़ें, इस लिंक पर क्लिक करें:

Justice for Victim of FIR No.947


पूरे मामले को जानने-समझने के लिए आप इन शीर्षकों पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं…

दिल्ली में रेप की शिकार और सिस्टम से उत्पीड़ित इस मेडिकल छात्रा को कैसे मिले न्याय?

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दिल्ली में रेप, उत्पीड़न, उपेक्षा की शिकार मेडिकल छात्रा ने खुद की कहानी फेसबुक पर बयान की

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इन दुराचारियों के लिए रात हो या दिन, कितनी भी उम्र की हो, बस औरत होनी चाहिए

Manika Mohini : कोलकता के नडिया ज़िले के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल की 71 वर्षीय नन के साथ दो दिन पूर्व हुए सामूहिक बलात्कार के दोषी हालाँकि स्कूल के CCTV कैमरे में देखे जा चुके हैं लेकिन अब तक पकडे नहीं गए. इन हवस के मारों के बारे में सोचिए, कितने ज़लील हैं ये, 71 वर्ष की महिला के झुर्रियों से भरे हुए शरीर और नन के कपड़ों में कौन सा स्त्री-सौंदर्य होगा जिसने इन मरदुओं को अपनी हवस मिटाने के लिए प्रेरित किया? कहाँ हैं वे लोग जो बलात्कारियों के पक्ष में तर्क देते हैं कि औरतें ऐसे कपडे पहनती हैं, वैसे मेकअप करती हैं, रात को घर से निकलती हैं आदि आदि.

 

इन दुराचारियों के लिए रात हो या दिन, कितनी भी उम्र की हो, बस औरत होनी चाहिए। ऐसों के लिए फाँसी की सजा भी कम है, इन्हें सजा देने का और इस स्थिति से उबरने का केवल एक ही उपाय है कि इनका शापित अंग काट कर इन्हें नामर्द बना दिया जाए या इन्हें तुरंत नामर्द बनाने वाली कोई औषधि खिलाई जाए. ताकि भविष्य में ये कोई ऐसी हरकत न कर सकें। जिन में बहुत ‘मर्दानगी’ भरी है, जो उनसे सम्भलती नहीं, उन्हें नामर्द बनाना ही इस समस्या का एकमात्र हल है. इस बात को निर्णायक गण कब समझेंगे?

महिलावादी मनिका मोहिनी के फेसबुक वॉल से.

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खुद को ‘माल’ कहे जाने पर शैफाली ने यूं दिखाया मर्दवादी समाज को आइना

Ma Jivan Shaifaly : लड़की की उम्र 6 साल. बगीचे में साइकिल चला रही है. 10-12 साल के लड़कों का एक झुण्ड आता है और उसको घेर लेता है. लड़की के चेहरे का रंग उड़ जाता है. उसमें से एक लड़का हंसता हुआ उसकी ओर बढ़ता है और उसका स्कर्ट उठा देता है. लड़की डर के साइकिल पकड़े-पकड़े दौड़ लगा देती है. वो उसके जीवन की इस प्रकार की पहली घटना रहती है लेकिन वो किसी को कुछ नहीं बताती. उसके अन्दर एक बीज पड़ जाता है, लड़की होने का बीज…

लड़की कि उम्र 12 साल. स्कूल जा रही है. सामने से एक हट्टा-कट्टा आदमी आता है और उसकी दायीं छाती को दबोच कर भाग जाता है. लड़की के चेहरे का ही रंग नहीं उड़ता, उसकी आत्मा का रंग भी उड़ जाता है. वो अब भी किसी को कुछ नहीं बताती. अगले दिन से अपना स्कूल बैग पीठ पर लादने की बजाय सामने हाथ में थामने लगती है ताकि कोई दोबारा ये घिनौनी हरकत ना कर सके…… उसके अन्दर पडा बीज अंकुरित होने लगता है, तुम लड़की हो, तुम्हारे शरीर की संरचना लड़कों से अलग है…

लड़की की उम्र 14 साल. संयुक्त परिवार में पल रही लड़की दिन में परिचित चेहरों को देखती और रात में उन परिचितों के चेहरे अजनबी हाथों में बदल जाते और वो हाथ सांप की तरह छाती पर रेंगते नज़र आते. वो फिर भी चुप रहती. अगली रात से मां के साथ सोने लगती. कभी चचेरे-ममेरे भाइयों के बीच दिन में भी अकेले नहीं जाती. अंकुरित बीज पौधा बन जाता है, औरत और मर्द केवल विपरीत ध्रुव हैं जो एक दूसरे को आकर्षित करते हैं जिसके आगे खून के रिश्ते भी असफल हैं…

उम्र 21 साल. भीड़ भरी बस में चढ़ने की कोशिश. कोई पीछे से उसके पृष्ठ भाग में इतने जोर से चिकोटी काट लेता है कि वो दर्द से कराह उठती है. वो जल्दी से बस में चढ़ कर सीट पर बैठ जाती है और उसकी निगाह उस आदमी को ढूँढती रहती है जो शायद उसके आसपास ही बैठा होगा लेकिन पहचान नहीं सकती थी. पहचान भी लेती तो क्या करती, उसी तरह चुपचाप सह लेती जैसे बचपन से सहती आ रही थी. चाहे वो पौधा अब एक हरा-भरा वृक्ष बन गया हो, दूसरों को छाया देता हो लेकिन उसकी अपनी पीड़ा किसी को नहीं बता सकती……

उम्र 36 साल. शाम के सात बजे बाजू की गली से दवाई लेकर लौट रही है. अचानक एक बाइक उसके बाजू में आकर रुकती है और बाइक सवार उसकी पीठ पर हाथ फेर कर निकल जाता है. उसकी 36 साल की उम्र में वो पहली बार जोर से चीखती है, ‘साले कुत्ते, तू रुक, इधर आ, मैं बताती हूँ तुझे…’ , लेकिन उसकी चीख सुनने वाला कोई नहीं. आज उसे पहली बार एहसास होता है कि यदि वो उसी दिन चीख देती जब वो 6 साल की थी, लेकिन क्या तब भी वो उम्र भर उसके साथ होने वाली उन घिनौनी घटनाओं को रोक पाती…..

आज वो उम्र की 40वीं दहलीज़ पर है. एक पूरा वट वृक्ष…. लोग उसके नाम के आगे मां लगा कर उसे पुकारते हैं….. मां जीवन शैफाली… आज इस आधुनिक दौर में वो अपनी तस्वीर फेसबुक पर लगाती है और कमेन्ट आता है, ‘मस्त माल हो आप यार’.

क्या उसने छोटा सा स्कर्ट पहन रखा था? नहीं…

क्या उसने स्लीवलेस ड्रेस या पारदर्शी साड़ी पहन रखी थी? नहीं…

क्या उसका फोटो अंग प्रदर्शन करता हुआ था? नहीं…

फिर क्यों? सिर्फ इसलिए कि वो औरत है. उसे कोई हक नहीं कि 6 साल की उम्र में छोटा सा स्कर्ट पहने, बगीचे में साइकिल चलाए, 12 साल की उम्र में क्या ज़रुरत है उगती छातियों के साथ स्कूल जाने की और घर में???

चलो, वो सब मान लिया. फिर तो जवानी के दिनों में तो उसे बुर्का पहन कर, ऊपर से नीचे तक अपने शरीर को ढांक कर घर में छिपे रहना चाहिए. क्या ज़रुरत है जींस पहनने की या साड़ी में पीठ या कमर दिखाने की….

खुद को बड़ा परिपक्व समझती है तो क्या ज़रुरत है फेसबुक पर इस तरह नारी सुलभ अदाएं दिखाने की? चश्मा आँखों पर ही पहना जाता है, आँखों पर ही पहनती. चश्मे से तिरछी नज़र से देखोगी तो मर्द घायल नहीं होगा, वो भी 25 साल का लड़का…. एक 40 साल की औरत को देखकर ये कमेन्ट करता है तो क्या गलत करता है, सब औरतों के साथ यही होना चाहिए…

औरत कहीं की… शैफाली

जबलपुर के रहने वालीं पत्रकार, एक्टिविस्ट और आध्यात्मिक गुरु मां जीवन शैफाली के फेसबुक वॉल से. संपर्क: www.facebook.com/shaifaly.ylafiahs

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दैनिक जागरण के महाप्रबंधक समेत चार के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा

पटना से एक बड़ी खबर आ रही है. दैनिक जागरण के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी समेत चार लोगों के खिलाफ पटना कोतवाली में यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है. ये मुकदमा दैनिक जागरण में कार्यरत एक महिला पत्रकार ने दर्ज कराया है. 24 फरवरी को दर्ज मुकदमें में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानि आईपीसी की धाराएं 341, 354, 506, 509, 504, 34 लगाई गई हैं.

जो चार आरोपी हैं उनमें महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी के अलावा शिड्यूलिंग के राजेश कुमार, मार्केटिंग के प्रभांशु शेखर सिंह और प्रवीण जौहरी हैं. ज्ञात हो कि दैनिक जागरण पटना में सेक्स स्कैंडल लगातार छाया हुआ है. इसके पहले संपादक सदगुरु शरण पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया गया था और पुलिस ने जागरण आफिस पहुंचकर जांच पड़ताल की थी.

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