सहारा मीडिया का संकट : बकाये के लिए वरिष्ठ संवाददाता राजीव तिवारी ने लिखा प्रबंधन को पत्र (पढ़ें लेटर)

सहारा मीडिया में काम करने वाले इन दिनों दाने दाने को मोहताज है. पिछले दिनों हड़ताल भी की लेकिन सहाराश्री की चिट्ठी के आगे भावनाएं ऐसी उमड़ीं की हड़ताल खत्म कर फिर काम करने में जुट गए. लेकिन कई सहाराकर्मी ऐसे हैं जिन्होंने अपने ड्यूज बकाया मांगने के लिए चिट्ठी पत्री करना शुरू कर दिया …

सहारा नोएडा के हड़ताली मीडियाकर्मियों को रात में गिरफ्तार करने की तैयारी!

नोएडा से आ रही खबरों के मुताबिक सहारा मीडिया के आफिस के बाहर पुलिस ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी के लिए तैयारी की है. ये कार्रवाई देर रात की जा सकती है. उधर, पूरे ग्रुप में राष्ट्रीय सहारा अखबार का मास्टर एडिशन यानि एक ही अखबार हर जगह प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है. इस काम में कुछ एक लोग ही सपोर्ट कर रहे हैं. देहरादून से राष्ट्रीय सहारा के कुछ कर्मियों ने फोन पर बताया कि वेतन के लिए कई दिनों से संघर्ष कर रहे देहरादून राष्ट्रीय सहारा के कर्मचारियों को यूनिट हेड मृदुल बाली ने जबरन गेट से बाहर कर दिया.

राष्ट्रीय सहारा देहरादून के हड़ताली मीडियाकर्मी

सहारा मीडिया के एचआर ने हड़ताली कर्मियों के लिए जारी किया धमकी भरा पत्र, पढ़ें

सहारा मीडिया के एचआर डिपार्टमेंट की तरफ से अपने हड़ताली कर्मियों के लिए एक धमकी भरा पत्र जारी किया गया है. यह पत्र दिन में आज बारह बजे जारी किया गया और दिन में दो बजे तक हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटने की चेतावनी दी गई है.

सहारा के हड़ताली मीडियाकर्मियों को पुलिस ने घेरा… किसी चैनल पर चलेगी ये खबर?

खबर है कि सात महीनों से बाकी सेलरी के लिए लड़ाई लड़ रहे सहारा के हड़ताली मीडियाकर्मियों से निपटने के लिए प्रबंधन ने पुलिस बुला ली है. सहारा मीडिया के नोएडा स्थित आफिस में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करा दी गई है. पुलिस वालों ने हड़ताली मीडियाकर्मियों को घेर लिया है. प्रबंधन की तरफ से कुछ संपादक लोगों ने मीडियाकर्मियों की धमकी दी है कि वे अगले कुछ घंटों में हड़ताल तोड़ कर काम पर वापस आएं वरना अंजाम बुरा होगा.

सीबी सिंह, विनोद रतूडी, रणविजय, राजेश सिंह मिलकर भी नहीं तोड़ पाए नोएडा के सहाराकर्मियों की एकता, अखबार बंद

आखिरकार सहाराकर्मियों का धैर्य टूट ही गया। नोएडा कैंपस के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सैलरी नहीं तब तक कोई काम नहीं। कर्मचारियों को समझाने के लिए सीबी सिंह, विनोद रतूडी रणविजय सिंह जैसे दिग्गज लग गए। लेकिन कर्मचारियों ने साफ काम करने से मना कर दिया। फिर मीडिया हेड राजेश सिंह को बुलाया गया। शाम करीब साढ़े सात बजे राजेश सिंह कैंपस पहुंचे। उन्होंने दिलासा दिलाया कि सोमवार को सैलरी जरुर आएगी। आप हमारी बात समझिए, हम मजबूर हैं। कर्मचारियों ने कहा कि हम आपकी ताकत खूब जानते हैं। आप जो चाहे कर सकते हैं। अभी चाहे अभी सैलरी दे सकते हैं। इसके बाद कर्मचारियों ने उनकी बात को अनसुना करते हुए काम बंद दिया। दिलचस्प है कि पूरे आंदोलन में पूरा एडिटोरियल टीम, सर्कुलेशन और मशीन वाले सभी एकजुट है। पहले मैनेजमेंट उन्हें तोड़-फोड़ कर काम करवाता था।

सहारा मीडिया से मोटी सेलरी वालों को हटाने का काम शुरू, कई नाम चर्चा में

सुब्रत राय के लगातार तिहाड़ की रोटी खाने से सहारा समूह के मीडिया वेंचर के आगे दानापानी का संकट आ खड़ा हुआ है. इसे देखते हुए प्रबंधन ने पहले तो सेलरी रोके रखकर लोगों को खुद भाग जाने का मौका दिया. पर जो मोटी सेलरी वाले लंबे समय से कुंडली मारे बैठे हैं उनके न भागने पर प्रबंधन ने उन्हें भगाने का फैसला लिया है.

सहारनपुर में सहारा का कैमरामैन कई गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया (देखें वीडियो)

यूपी के सहारनपुर जिले में मिशन कम्पाउंड की घटना है. देर रात सहारा का कैमरामैन जॉन और उसका एक साथी सलीम पानवाला ने तीन बच्चों की प्रेम वाटिका के पास पिटाई कर उनसे 600 रुपये छीन लिए. आरोप है कि जॉन ने बच्चों के मुंह में रिवॉल्वर लगा दिया था. इन तीनों में से एक बेटा देवेश त्यागी का है जो IBN7 के रिपोर्टर हैं और दूसरा बेटा शहर के नामी वक़ील जयकृत सिंह का पोता है.

वेतन न मिलने से सहारा मीडिया के कर्मचारी भुखमरी के कगार पर

वेतन न मिलने से सहारा मीडिया के कर्मचारी भुखमरी के कगार पर आ गये हैं। लगभग एक सप्ताह पहले एजेडब्लू (इनका अपना कैडर है) से लेकर जूनियर एग्जकिवटिव तक के कर्मचारियों को पे स्लिप दे दी गई लेकिन वेतन आजतक नहीं मिला…. संपादक, मैनेजर, एकाउन्ट और एचआर हेड रोज कर्मचारियों को गोली पर गोली दिये जा रहे है… हर कर्मचारी अपने खर्च में कटौती कर रहा है… हर कर्मचारी कर्ज मे गले तक डूब गया है…

राष्ट्रीय सहारा वाराणसी के स्ट्रिंगरो पर काम का बोझ अधिक लेकिन वेतन कम, विरोध करने पर किया जा रहा परेशान

सर जी, आपको अवगत करना चाहते है की राष्ट्रीय सहारा, वाराणसी यूनिट को शुरु हुए चार साल होने जा रहे हैं लेकिन यहां काम करने वाले स्ट्रिंगरों का वेतन एक रुपया भी नहीं बढ़ा है। सहारा श्री के जेल जाने से पहले तक अधिकारी सभी को परमानेंट कर देने का आश्वासन दे रहे थे। अब इस संबंध में बात भी करो तो अधिकारी नौकरी छोड़ देने की बाते करते हैं। स्ट्रिंगरो का वेतन यहाँ 36सौ रुपये से शुरु है जो अधिकतम 9 हजार तक है।