कमानी ऑडिटोरियम के गेट पर ‘मैला आंचल’ के लिए 17 साल के किशोर से 70 साल के बुजुर्ग तक को गिड़गिड़ाते देखा

Navin Kumar : कोई पचास साल की एक महिला कमानी ऑडिटोरियम के मुख्य गेट के भीतर गार्ड से झगड़ा कर रही थी – मैं अंदर चली आई, मेरे पति को पार्किंग की जगह खोजने में देर लग गई उन्हें अंदर आने दीजिए प्लीज। उनके बुजुर्ग पति गेट के बाहर से हाथ हिलाते हुए कह रहे थे मैं ही हूं इनका पति। गार्ड हाथ जोड़ रहा था, “मैडम आपकी बात ठीक है लेकिन उनके लिए गेट खोला तो डेढ़ सौ लोग चढ़ बैठेंगे।” सोमवार को शाम 7 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के कमानी सभागार का ऐसा ही नज़ारा था। अंदर हॉल ठसाठस भरा हुआ। बीच की गैलरी तक की कारपेट पर लोग बैठे हुए। बाहर लोग मिन्नतें कर रहे थे हमें कोई कुर्सी नहीं चाहिए.. बहुत दूर से किराया भाड़ा खर्च करके आधी छुट्टी लेकर आए हैं बस नाटक देखने दीजिए।