न्यूज़ एक्सप्रेस के मालिक इस पोस्ट को पढ़ रहे हों तो गुजारिश है, दुआएँ लो, बद्दुआएँ नहीं

भड़ास4मिडिया के माध्यम से मैं आज अपना ये दर्द बाँट रहा हूँ । ये दर्द मेरा ही नहीं बल्कि उन सभी दोस्तों का है, जो इस दर्द से गुजर चुके हैं । अगर न्यूज़ एक्सप्रेस के मालिक इस पोस्ट को पढ़ रहे हों तो उनसे मेरी गुजारिश है कि दुआएँ लो, बद दुआएँ नहीं । आखिर कब तक हिंदुस्तान में दिन रात भूके प्यासे भागदौड़ करने वाले न्यूज़ चैनल स्ट्रिंगरों का शोषण होता रहेगा । वो स्ट्रिंगर जो अपने परिवार को छोड़ पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जान हथेली पर रख इस आस में चैनल पर खबरें भेजता है कि अपने परिवार का पालन पोषण कर सके।