जागरण की खबर : इसे कहते हैं अनपढ़ पटवारी और बस्ता भारी

दोस्तो, रविवार सुबह ही जब दैनिक जागरण के रेवाड़ी संस्करण के पेज नंबर 3 पर इंसुलेटर फटने से छह घंटे गुल रही बिजली शीर्षक समाचार पढ़ा, तो वास्तव में लगा कि आज पत्रकारिता विषम दौर से गुजर रही है। जिन लोगों को खबर का बेसिक ज्ञान नहीं है, वे लोगों को ज्ञान बांटने का काम कर रहे हैं।