पढ़िए, जय शाह की भयंकर आर्थिक ‘तरक्की’ की स्टोरी ब्रेक करने वाली रोहिणी ने फेसबुक पर क्या लिख दिया…

Rohini Singh : I don’t want to write a sanctimonious status note on what other journalists should do. I can only speak for myself. My primary job is to speak truth to power. To question the government of the day. In 2011 when I wrote the story on Robert Vadra’s dealings with DLF, I don’t remember the sort of backlash that I see now.

गॉडफादर वेणु ने रोहिणी को दोबारा ‘नॉर्मल’ पत्रकारिता करने के लिए वायर में भर्ती किया!

Abhishek Srivastava : एमके वेणु जब इकनॉमिक टाइम्‍स में थे तब रोहिणी सिंह को वहां लेकर गए थे। राडिया टेप आने के बाद वेणु तो निकल लिए, उधर रोहिणी ने यूपी चुनाव में भयंकर पक्षपातपूर्ण कवरेज कर के कम से कम राजनीतिक रिपोर्टिंग के मामले में इकनॉमिक टाइम्‍स की विश्‍वसनीयता को ऐसा बदनाम किया कि न केवल उन्‍हें अगस्‍त 2016 के बाद की अपनी सारे ट्वीट डिलीट करने पड़े बल्कि इकनॉमिक टाइम्‍स के कॉन्‍क्‍लेव में न्‍योते के बावजूद केंद्र सरकार के किसी भी बड़े नेता ने आने से इनकार कर दिया।