रवीश कुमार को एक टीवी पत्रकार की सलाह

Khushdeep Sehgal : भाई रवीश कुमार को पूर्व क्षमायाचना के साथ बिना मांगे सलाह… वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को सोशल मीडिया पर एक विशेष विचारधारा के लोग हड़का रहे है, अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं…ऐसा करके वो अपनी दूषित मानसिकता का परिचय दे रहे हैं,,,उनसे सुधरने की किसी तरह की उम्मीद करना बेमानी है…लेकिन समझ नहीं आ रहा कि रवीश क्यों उनकी बात पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं…ऐसे लोगों की पूरी तरह अनदेखी करना ही श्रेयस्कर है…इन्हें ज़रा सा भी तूल दो तो इनका उद्देश्य हल हो जाता है..

भास्कर प्रबंधन घनघोर उत्पीड़न कर रहा अपने मीडियाकर्मियों का, ऐसे करें बचाव

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए अपने कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट जाते देख दैनिक भास्कर प्रबंधन बुरी तरह भड़क गया और इस बौखलाहट में ऐसे ऐसे कदम उठा रहा है जिससे वह आगे और संकट में फंसता जाएगा. सूत्रों के मुताबिक दैनिक भास्कर प्रबंधन की तरफ से राजस्थान के स्टेट एडिटर ओम गौड़ इन दिनों भास्कर के मैनेजरों की टीम लेकर दैनिक भास्कर के कोटा भीलवाड़ा भरतपुर आदि संस्करणों की तरफ घूम रहे हैं और यहां आफिस में बंद कमरे में बैठक कर एक-एक कर्मी को धमका रहे हैं. कइयों से कई तरह के कागजों पर साइन करवाया जा रहा है तो कुछ को आफिस आने से मना किया जा रहा है.

(अगर मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर कोर्ट जाने पर प्रबंधन आपको परेशान कर रहा है तो उपरोक्त फार्मेट को डाउनलोड कर भर कर लेबर आफिस से लेकर पुलिस-थाना तक जमा कर दें और रिसीविंग रख लें.)

मजीठिया वेतन बोर्ड : सरकार को भी बनाओ पार्टी

भड़ास द्वारा मजीठिया वेतन बोर्ड मुहिम की खबर पढ़ते ही मुझे विश्वास नहीं हुए कि इतनी बड़ी मुहिम छिड़ेगी। जिस मामले को लेकर सरकार कुछ नहीं कर पाई, मोदी सरकार सबकुछ जानते हुए भी खामोश है, श्रम अधिकारी प्रेस का नाम सुनते ही कांपने लगते है, हजारों विरोध के बाद भी जाने-माने हिन्दी समाचार पत्र के मालिक टस से मस नहीं हो रहे है, ऐसे में इन्हें कोर्ट की राह दिखाना चुनौती भरा काम है। यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो पत्रकारों को न्याय मिलने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।