कॉमरेड फिदेल कास्त्रो : एक क्रांतिकारी जीवन का उत्सव

फिदेल कास्त्रो 90 वर्ष की उम्र में एक दीर्घ सक्रिय जीवन जीने के बाद २५ नवम्बर २०१६ को इस दुनिया से रुखसत ज़रूर हुए लेकिन वे करोड़ों – अरबों दिलों में हमेशा के लिए बसे रहेंगे। वे बेशक दुनिया के दूसरे सिरे पर मौजूद एक छोटे से देश के शासक थे लेकिन उन्होंने अनेक देशों की आज़ादी की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभायी और बेहतरीन मानवीय गुणों वाले मनुष्य समाज को बनाया। कहा जा सकता है कि अगर फिदेल न होते तो अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के अनेक देशों के  मुक्ति संघर्षों का नतीजा बहुत अलग रहा होता। उनके निधन के उपरान्त इंदौर में उनके प्रशंसकों ने तय किया कि फिदेल की याद में कोई कार्यक्रम शोक या श्रद्धांजलि का नहीं किया जाएगा बल्कि उनकी याद में एक क्रांतिकारी जीवन का उत्सव मनाया जाएगा।

तीन करोड़ रुपये घूस लेने से इनकार करने वाले अधिकारी मोइन खान को सलाम

(स्व. मोइन खान)

नई दिल्ली की म्युनिसिपल कौंसिल के कानून अधिकारी मोइन खान की हत्या हो गई। कई अफसरों की हत्या की खबरें छपती रहती हैं। लेकिन इस खबर ने मुझे झकझोर दिया। इस अफसर की हत्या इसलिए करवाई गई कि इसने रिश्वत में 3 करोड़ रु. लेने से मना कर दिया था। मोइन खान को यह रिश्वत इसलिए दी जा रही थी कि वे दिल्ली के एक होटलवाले पर ‘कृपा’ नहीं कर रहे थे। कनाट प्लेस स्थित इस होटल के मालिक से म्युनिसिपाल्टी 150 करोड़ का शुल्क वसूल करना चाहती थी।