दैनिक जागरण के मीडिया कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा!

सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री
श्री अखिलेश यादव जी
विषय- समाचार पत्र दैनिक जागरण द्वारा कर्मचारियों के साथ किये जा रहे अन्याय के संबंध में।

महोदय,

दैनिक जागरण की नोएडा यूनिट में अखबार मालिकों और उनके गुर्गों ने अत्याचार की इंतेहा कर दी है। लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है कि समाजवाद के सिद्धांतों पर चलने वाली उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार आखिर यह सब जानकर भी चुप क्यों है। माननीय युवा मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी आप और आपकी पार्टी कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। माननीय नेताजी धरती पुत्र श्री मुलायम सिंह यादव जी आजीवन समाजवाद के सिद्धान्तों पर चलकर शोषितों, वंचितों के हक़ के लिए संघर्ष करते रहे हैं। लेकिन माननीय मुख्यमंत्री जी, आज आपकी सरकार में जिला गौतमबुद्धनगर के नोएडा में समाचार पत्र दैनिक जागरण के मालिकान खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। जिले का डीएलसी कार्यालय पूरी तरह अखबार मालिकों के समर्थन में खड़ा है।

भास्कर प्रबंधन घनघोर उत्पीड़न कर रहा अपने मीडियाकर्मियों का, ऐसे करें बचाव

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए अपने कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट जाते देख दैनिक भास्कर प्रबंधन बुरी तरह भड़क गया और इस बौखलाहट में ऐसे ऐसे कदम उठा रहा है जिससे वह आगे और संकट में फंसता जाएगा. सूत्रों के मुताबिक दैनिक भास्कर प्रबंधन की तरफ से राजस्थान के स्टेट एडिटर ओम गौड़ इन दिनों भास्कर के मैनेजरों की टीम लेकर दैनिक भास्कर के कोटा भीलवाड़ा भरतपुर आदि संस्करणों की तरफ घूम रहे हैं और यहां आफिस में बंद कमरे में बैठक कर एक-एक कर्मी को धमका रहे हैं. कइयों से कई तरह के कागजों पर साइन करवाया जा रहा है तो कुछ को आफिस आने से मना किया जा रहा है.

(अगर मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर कोर्ट जाने पर प्रबंधन आपको परेशान कर रहा है तो उपरोक्त फार्मेट को डाउनलोड कर भर कर लेबर आफिस से लेकर पुलिस-थाना तक जमा कर दें और रिसीविंग रख लें.)

सर, सपा नेता हमारे खलियान पर कब्जा कर रहा है, हमारी ख़बर दैनिक जागरण में नहीं आती मगर उन लोगों की आ जाती है

bunty

सर, मैं ग्राम सुल्तानपुर सेक्टर 128 नोएडा का मूल निवासी हूँ। हमारे अपने ग्राम की खलियान की जमीन का खसरा नं. 598 है। इस ज़मीन पर सपा का एक नेता उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर अवैध कब्ज़ा कर रहा है। हमारी कहीं भी सुनवायी नहीं हो रही है। मीडिया वाले भी मेरी सुनवायी नहीं कर रहे हैं। अतः मैं आपको पत्र लिख सब कुछ बता रहा हूँ। हमारी खबर दैनिक जागरण पेपर में नहीं आती मगर उन लोगों की आ जाती है।