इला कुमार के पांचवें काव्य-संग्रह के लोकार्पण में संचालक महोदय खुद पच्चीस मिनट तक बोले

दिल्ली : वरिष्ठ कवयित्री इला कुमार के पाँचवें काव्य-संग्रह  “आज पूरे शहर पर” का लोकार्पण पिछले दिनों हिन्दी भवन / दिल्ली में किया गया.  कला सम्पदा एवं वैचारिकी की ओर से हिंदी भवन / दिल्ली में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में एक विचारगोष्ठी की शुरुआत करते हुए विजयशंकर ने इला कुमार की काव्य –पुस्तकों (ठहरा हुआ एहसास, जिद मछली की, किन्हीं रात्रियों में, कार्तिक का पहला गुलाब) एवं उपन्यास तथा अनुवाद (रिल्के और लाओ त्ज़ु) के साथ-साथ उपनिषद कथाओं और हिन्दुत्व से सम्बंधित पुस्तकों का रचनाकार बताते हुए उनके महत्वपूर्ण साहित्यिक अवदान की चर्चा की.