Samruddha Jeevan Fraud : अब तो मान लीजिए ‘समृद्ध जीवन’ फ्रॉड चिटफंड कंपनी है, पढ़ें ये 30 पेज की सरकारी जांच रिपोर्ट

कथित मुख्यधारा के मीडिया घराने चिटफंड कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड पर लंबी चुप्पी साधे रहते हैं, दिखाते भी हैं तो बस दो चार सेकेंड के लिए या नीचे पट्टी पर चला कर मुंह सिल लेते हैं. वैसे तो छोटे व गैर-जरूरी मसलों पर दिन भर मुंह फाड़े चिल्लाते रहते हैं लेकिन चिटफंड कंपनियों के फर्जीवाड़े के खुलासे पर इन्हें सांप सूंघा रहता है. इसकी बड़ी वजह चिटफंड कंपनियों से मीडिया हाउसों की सेटिंग हैं. हजारों करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में घिरी चिटफंड कंपनियां मीडिया हाउसेज को मुंहमागी कीमत देकर उनका मुंह बंद रखने का काम करती हैं. इसी कारण लुटेरी चिटफंड कंपनियों के फ्राड पर न कभी कोई ‘प्राइम टाइम’ होता है, न कभी कोई ‘विशेष’ आता है और न ही ‘आज की बात’ होती है. ‘धड़ाधड़’ और ‘फटाफट’ खबरों में भी चिटफंड कंपनियों के फ्राड की खबरों पर खूब कृपा करके उन्हें बख्श दिया जाता है.