नहीं पसीजा सतीश मिश्रा का दिल, मां को बचा न पाए मुखी चौधरी

समाचार पत्र कर्मचारियों के लिए मजीठिया वेतनमान लागू न किए जाने का उनके जीवन पर कितना बुरा असर पड़ रहा है, इसी के एक उदाहरण हैं मुखी चौधरी। दैनिक जागरण की कानपुर यूनिट में डाइरेक्‍टर सतीश मिश्रा से मुखी चौधरी मिन्‍नतें करते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा और वह धन के अभाव में इलाज न करा पाने के कारण अपनी मां को नहीं बचा पाए। पैसा भी वह अपनी कमाई से अग्रिम धन के रूप में मांग रहे थे। उनके आवेदन पर कई वरिष्‍ठ प्रबंधकों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिए थे, लेकिन उन्‍हें धन तो मिला नहीं, उलटे उन्‍हें नौकरी से भी बेदखल जरूर कर दिया गया।