श्वेता प्रसाद बसु का मीडिया के नाम खुला पत्र… क्या किसी संपादक में जवाब देने की हिम्मत है?

मीडिया वालों ने श्वेता प्रसाद बसु को वेश्या बता दिया लेकिन कोर्ट ने वेश्यावृत्ति के आरोपों को खारिज कर दिया. अब कहां गये मीडिया वाले. क्या वे श्वेता प्रसाद बसु की इज्जत से खेलने के आरोपी नहीं बन चुके हैं. श्वेता प्रसाद बसु ने खुद को बरी किए जाने के बाद मीडिया वालों को एक खुला पत्र लिखा और बेहद कड़े टोन में ऐसी तैसी की है. अगर मीडिया वालों में, मीडिया के संपादक लोगों, मीडिया के टीआरपी खोरों में थोड़ी भी शरम बाकी हो तो उन्हें इस खुले पत्र का खुला जवाब जरूर लिखना चाहिए. श्वेता का मीडिया के नाम खुला पत्र इस प्रकार है….

बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाया अरुण पुरी अब ‘पत्रकारीय वेश्यावृत्ति’ पर उतर आया है…

Yashwant Singh : फेसबुक पर लिखने वालों, ब्लाग लिखने वालों, भड़ास जैसा पोर्टल चलाने वालों को अक्सर पत्रकारिता और तमीज की दुहाई देने वाले बड़े-बड़े लेकिन परम चिरकुट पत्रकार इस मुद्दे पर पक्का कुछ न बोलेंगे क्योंकि मामला कथित बड़े मीडिया समूह इंडिया टुडे से जुड़ा है. बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाए अरुण पुरी क्या यह बता सकेगा कि वह इस फर्जी सर्वे के लिए बीजेपी या किसी अन्य दल या कार्पोरेट से कितने रुपये हासिल किए हैं… इंडिया टुडे वाले तो सर्वे कराने वाली साइट के पेजेज को खुलेआम अपने एफबी और ट्विटर पेजों पर शेयर कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि मामला सच है और इंडिया टुडे वालों ने केजरीवाल को हराने के लिए किसी बड़े धनपशु से अच्छे खासे पैसे हासिल किए हैं.