शशि शेखर जी, आपके अखबार ने ‘इंसाफ इंडिया’ संग जो नाइंसाफी की है, क्या उसकी भरपाई करेंगे?

‘इंसाफ इंडिया’ एक समाजिक न्याय पर काम करने वाला संगठन है. लेकिन दैनिक हिन्दस्तान अखबार ने इसे सिमी की तर्ज पर उभरता हुआ संगठन बता कर लंबा चौड़ा आर्टकिल छाप दिया. इस संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि हिंदुस्तान अखबार ने खबर में संगठन पर कई गंभीर, मंगढ़त और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. इसके चलते अखबार प्रबंधन को लीगल नोटिस भेजा गया है.

लीड खबर का शीर्षक गड़बड़ होने से पूरा अख़बार पिटा नज़र आने लगता है

भड़ास पर नवभारत टाइम्स मुंबई में दशहरा की तैयारी की फोटो खबर में बुराई पर अच्छाई की जीत की जगह अच्छाई पर बुराई की जीत की खबर पढ़ी।

ये चूक पत्रकार साथियों से अक्सर होती है। अभी तक के पत्रकारिता जीवन में मैंने कई बार इस तरह की गड़बड़ी देखी है। कुछ साल पहले अमर उजाला मेरठ में एक साथी से यह गलती हो गई थी। तब संपादक शशिशेखर जी थे। नवभारत टाइम्स की खबर में तो फोटो के साथ दी गई पंक्तियों में दशहरा से कुछ पहले यह गड़बड़ हुई है, लेकिन अमर उजाला में ठीक दशहरा के अगले दिन सुबह को जब लोगों ने अखबार खोला तो सिटी के पेज पर लीड खबर का शीर्षक लगा था- अच्छाई पर बुराई की विजय।