मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

शोभना भरतिया अपने इंप्लाइज की पद व कंपनी इसलिए बदल रही हैं ताकि मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से उन्हें सेलरी न देनी पड़े. पर कुछ हिंदुस्तानियों ने तय किया है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे. इन लोगों ने इस दिशा में पहला कदम भड़ास को सारे डाक्यूमेंट्स भेजकर उठाया है. जो दस्तावेज यहां दिए गए हैं, उसे आप ध्यान से देखिए और पढ़िए. दूसरों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों के साथ रातोंरात कितना बड़ा छल हो जाता है लेकिन वे चुप्पी साधे रहने को मजबूर रहते हैं.

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि हिन्दुस्तान अखबार ने अपने एडिटोरियल के लोगों के पदनाम और कंपनी के नाम बदल दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक ये संपादकीयकर्मी 28 अप्रैल 2015 को समस्त गलत व झूठे दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में दे देंगे. बताते चलें कि शोभना भरतिया और शशि शेखर दस्तावेजों में हेरफेर करके फर्जी तरीके से सैकड़ों करोड़ रुपये का सरकारी विज्ञापन छापने और इसका पेमेंट लेने के मामले के आरोपी भी हैं जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है.  

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