मेधावी छात्रों का हक लूटने वाला भ्रष्टाचारी अनिल यादव अब अपने कुकर्मों की सजा भुगतेगा : शलभ

सक्रिय पत्रकारिता में रहते हुए यूं तो कई यादगार खबरें की, इन खबरों से तमाम पीड़ितों को इंसाफ भी मिला और गुनाहगारों को सजा भी. यकीन मानिए जब ऐसी खबरें अपने मुकाम तक पहुंचती है तो एक पत्रकार को भी वैसे ही सुख की अनुभूति होती है जैसे एक पीड़ित को इंसाफ मिलने पर. ऐसी ही थी यूपी लोकसेवा आयोग के भ्रष्टाचार की खबर. खुद भी प्रतियोगी छात्र रहा हूं. सिविल की तैयारियां की है. इसीलिए एक सामान्य परिवार के बेरोजगार का दर्द जानता हूं. उसकी आंखों में पलने वाले सपनों और माता-पिता, रिश्तेदारों की उम्मीदों का बोझ महसूस कर सकता हूं.