दृष्टिहीन युवा बेटे की मौत के बाद समीर जैन कुछ-कुछ आध्यात्मिक हो गए!

: लेकिन हरिद्वार छोड़ते ही वे एकदम हार्डकोर बिजनेसमैन बन जाते हैं : देश की सबसे ज्यादा कमाऊ मीडिया कंपनी है – बैनेट, कोलमैन एंड कंपनी। यह कंपनी टाइम्स ऑफ इंडिया, इकॉनोमिक्स टाइम्स, महाराष्ट्र टाइम्स, नवभारत टाइम्स, फेमिना, फिल्मफेयर जैसे अनेक प्रकाशनों के अलावा भी कई धंधों में है। टाइम्स ऑफ इंडिया जो काम करता है, उसी की नकल देश के दूसरे प्रमुख प्रकाशन समूह भी करते है। यह कंपनी अनेक भाषाओं के दैनिक अखबार छापना शुरू करती है, तो दूसरे अखबार मालिक भी नकल शुरू कर देते है। दैनिक भास्कर समूह, दैनिक जागरण समूह, अमर उजाला समूह, राजस्थान पत्रिका समूह जैसे ग्रुप ‘फॉलो द लीडर’ फॉर्मूले के तहत चलते है। टाइम्स ने मुंबई टाइम्स शुरू किया, भास्कर ने सिटी भास्कर चालू कर दिया।

कबीर साहेब क्यों हैं आज भी स्वीकृत और गौतम बुद्ध हो गए खारिज?

Sumant Bhattacharya : इस धरती पर “कबीर साहेब” एकमात्र ऐसे संत हुए जिन्होंने लाठी लेकर “हिंदू और मुसलमानों” के आडंबर पर बरसाया। जितना उन्होंने गरिआया, और वो भी देसी भाषा में, उतना तो किसी और ने नहीं। बावजूद आज भी भारत में कबीर साहेब के 21 करोड़ से ज्यादा अनुयायी है। वहीं “गौतम बुद्ध” हुए। जिन्होंने एक संगठित धर्म की स्थापना की. “ब्राह्मण आडंबरों” की पुरजोर मुखालफत की, समृद्ध दर्शन भी दिया। फिर क्यों गौतम बुद्ध अपनी ही जमीन से खारिज हो गए और कबीर साहेब आज भी पूजे जाते हैं?