अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय की इस संवेदनशीलता को आप भी सलाम कहेंगे

आमतौर पर पुलिस महकमे से जुड़े लोगों को रुखा-सूखा और कठोर भाव-भंगिमाओं वाला आदमी माना जाता है. लेकिन इन्हीं के बीच बहुतेरे ऐसे शख्स पाए जाते हैं जिनके भीतर न सिर्फ भरपूर संवेदनशीलता होती है बल्कि वे अपने समय के साहित्य से लेकर कला और जनसरोकारों से बेहद नजदीक से जुड़े होते हैं. किसी जिले का पुलिस कप्तान वैसे तो अपने आप में दिन भर लूट हत्या मर्डर घेराव आग आदि तरह-तरह के नए पुराने अपराधों-केसों में उलझ कर रह जाने के लिए मजबूर होता है लेकिन वह इस सबके बीच अपने जिले की साहित्य की किसी बड़ी शख्सियत से इसलिए मिलने के लिए समय निकाल ले कि उनकी सेहत नासाज़ है तो यह प्रशंसनीय बात है.