डीएवीपी में विज्ञापन का महाघोटाला : हर साल बाबू-अफसर खा रहे करोड़ो का कमीशन

देश में आज तक जितने भी घोटाले हुये हैं उनमें ज्यादातर को उजागर करने का श्रेय मीडिया को जाता है, लेकिन इस देश में एक महाघोटाला ऐसा भी है, जो आज तक उजागर नहीं हुआ, जिसे मीडिया ना सिर्फ सह रहा है बल्कि उसका हिस्सा बनने के लिये मजबूर है। ये घोटाला इतना सुनियोजित है कि इसे सिद्ध करना बहुत टेढ़ी खीर है। करोड़ो का ये घपला सरकारी विज्ञापन जारी करने वाली सरकारी एजेंसी “दृश्य एवं विज्ञापन प्रचार निदेशालय” यानी डीएवीपी में हो रहा है। हर साल डीएवीपी के बाबू और अफसर अखबारों को ब्लैकमेल कर करोड़ो का हेरफेर बड़ी सफाई से कर रहें है। अखबार इस तंत्र का हिस्सा बनने को मजबूर हैं क्योंकि उन्हें अपना अखबार चलाने के लिये हर हाल में धन की आवश्यकता होती है।

अकस्मिक घटना नहीं थी चौरी-चौरा विद्रोह: प्रो. चमनलाल

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प्रसिद्ध क्रांतिकारी दुर्गा भाभी के जन्म दिन 07 अक्टूबर, 2014 को सुभाष चन्द्र कुशवाहा की चर्चित पुस्तक- चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आन्दोलन पर लखनऊ मॉन्टेसरी इन्टर कॉलेज के सरदार भगत सिंह सभागार में चर्चा, परिचर्चा आयोजित की गई । सबसे पहले शहीद भगत सिंह और दुर्गा भाभी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद कॉलेज की छात्राओं ने प्रसिद्ध क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का गीत ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’, गा कर माहौल में गर्मजोशी पैदा कर दी। लखनऊ विश्वविद्यालय की डॉ. रश्मि कुमारी ने दुर्गा भाभी के योगदान पर वृत्त चित्र प्रस्तुत किया। ‘चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आन्दोलन’ पुस्तक के लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने इतिहासकारों से उनके कार्य पर प्रकाश डालने का अनुरोध किया और इस कार्य को करने की प्रेरणा तथा दस्तावेजों को हासिल करने की मशक्त को संक्षेप में उल्लेख किया।