विदर्भ में लाखो ‘गजेन्द्र’ कर चुके आत्महत्याएं, मीडिया ने नहीं लिया संज्ञान

आम आदमी पार्टी की रैली में किसान गजेन्द्र सिंह कल्याणवत ने ख़ुदकुशी कर ली तो समूचे दिल्ली के टीवी चैनल्स रात दिन डिबेट करने में लगे हैं। लाइव शो, टॉक शो के जरिये यह दिखा रहे हैं कि वो किसानों के कितने हिमायती हैं। यह किसान का दर्द केवल गजेन्द्र तक ही सीमित नहीं है। चौबीस घंटे कैमरे के सामने बने रहने वाले रिपोर्टर / एडिटर ने कभी भी विदर्भ के किसानों के दर्द, पीड़ा को समझा नहीं। 

जंतर मंतर पर किसान आत्महत्या से अधिग्रहण अध्यादेश तक

आज दिल्ली में जंतर मंतर पर केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान दौसा (राजस्थान) का किसान गजेंद्र सिंह पेड़ पर फांसी से झूल गया। अपने पीछे छोड़े एक सुसाइड नोट में वह लिख गया कि ‘दोस्तों, मैं किसान का बेटा हूं। मेरे पिताजी ने मुझे घर से निकाल दिया क्योंकि मेरी फसल बर्बाद हो गई। मेरे पास तीन बच्चे हैं….जय जवान, जय किसान, जय राजस्थान।’ घटना के समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप के नेता संजय सिंह, कुमार विश्‍वास मौके पर मौजूद थे। राममनोहर लोहिया अस्पताल के मुताबिक उसको मृत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। 

जंतर मंतर पर आत्महत्या से पूर्व गजेंद्र सिंह