विनायक विजेता ने आरई पद से इस्तीफा दिया, बोले- ‘तरुण मित्र’ अखबार को ब्लैकमेलर चाहिए!

Vinayak Vijeta : अलविदा ‘तरूणमित्र’… बीते 7 अगस्त को हमने पटना से प्रकाशित दैनिक ‘तरुणमित्र’ में स्थानीय संपादक के रुप में अपना योगदान दिया था। पर चार माह की अल्पाअवधि में मुझे लगातार यह महसूस होने लगा कि इस अखबार को कोई योग्य संपादक या संवाददाता नहीं बल्कि संवाददाता के नाम पर ब्लैकमेलर, ब्यूरो व ब्लैकमेलर संपादक चाहिए जो सत्ता या विपक्षी दल के बड़े नेताओं की चाटुकारिता या दलाली कर विज्ञापन जुटा सके, पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को हड़का कर नाजायज पैरवी करवा सके। मै यह मानता हूं कि किसी भी समाचार पत्र के लिए विज्ञापन एक मुख्य आधार होता है पर उसके लिए अखबार का सर्कुलेशन, सभी सरकारी कार्यालयों, और अधिकारियों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के यहां अखबार का पहुंचना या अखबार के बारे में उनके दिलो दिमाग में संज्ञान जरूरी है। पर मेरे लाख प्रयास के बाद ऐसा नहीं हो सका।