दिल्‍ली में चुनाव और मदनोत्‍सव के बीच जो कुछ हो रहा है, उस पर अभिषेक श्रीवास्तव की लंबी टीप

: सरे-आग़ाज़े मौसम में अंधे हैं हम… : दिल्‍ली, वसंत, कुछ अजनबी चेहरे और अनसुनी आवाज़ें : अभी दो दिन पहले दिल्‍ली से टहल-फिर कर रात में जब मैं घर लौट रहा था, तो अपनी गली में कुछ बच्‍चे एक जगह इकट्ठा दिखे। वे सब आकाश में देख रहे थे जैसे कुछ बूझने की कोशिश कर रहे हों। ये बच्‍चे मुझे शक्‍ल से जानते हैं। रोज़ देख-देख कर मुस्‍कराते हैं। इनमें एक नहर वाली बच्‍ची भी है।