शहाबुद्दीन ने तरुण तेजपाल और अनिरुद्ध बहल की हत्या के जरिए तत्कालीन भाजपा सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी!

कई पत्रकारों का हत्यारा बिहार का बाहुबली शहाबुद्दीन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के तिहाड़ जेल शिफ्ट किया जाना है तो इस मौके पर उसकी करतूतों की फिर चर्चा चहुंओर शुरू हो गई है. खासकर मीडियाकर्मियों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि दो-दो पत्रकारों की हत्या कराने वाले शहाबुद्दीन को आखिर क्यों राजनीतिक संरक्षण दिया जाता है और अभी तक उसके गुनाहों की सजा उसको क्यों नहीं दी गई. क्यों उसके सामने नेता, अफसर, जज समेत पूरा सिस्टम भय के मारे नतमस्तक हो जाता है.

रामनाथ गोयनका पाने वालीं प्रियंका इन दिनों ‘तहलका’ से इस्तीफा देकर फ्रीलांस लेखन कर रही हैं

Mohammad Anas : हिंदी पत्रकारिता (प्रिंट) में उल्लेखनीय कार्य हेतु प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवार्ड से Priyanka Dubey को सम्मानित किया गया है। दो बैच सीनियर और बेहद जुझारू एंव स्टोरी के लिए जंगल बीहड़ एक कर देने वाली यह पत्रकार वाकई में आज उस मुकाम पर है जहां अवार्ड वगैरह मायने नहीं रखते। बगिया की चाय हो या स्कूटी के पीछे बैठ कर बड़ी लेक किनारे घूमना, थियेटर या फिर क्लास में धड़ाक से घुस कर ‘अख़बार लिया करो, किताब पढ़ा करो’ की धमकी।