प्रबंधन और यूनियन की मिलीभगत से यूएनआई को ठिकाने लगाने की कोशिश

भारतीय मीडिया जगत में कभी यूएनआई /वार्ता एक सशक्‍त एजेंसी हुआ करती थी। चम्‍मच पीटीआई / भाषा को आगे बढ़ाने के लिए यूएनआई /वार्ता का कुंडा कैसे पिटा, उसकी कहानी कभी बाद में । अभी बस ये कि इस एजेंसी में कैसे मैनेजमेंट वहां के कर्मचारियों को परेशान कर रही है। साथ में बोनस ये कि वहां की यूनियन प्रबंधन के साथ मिलकर कैसे संस्‍था को खत्‍म करने में लगी है।