बीते साल के आखिरी सप्ताह की टीआरपी : इंडिया न्यूज़ को सबसे ज्यादा नुकसान

नेशनल न्यूज़ चैनल trp : Weekly Relative Share: Source: BARC, HSM, TG:CS15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 52

ठंढ के मौसम में ‘आजतक’ सबसे तेज, ‘डीडी न्यूज’ को कंपकंपी छूटी

इस साल के 50वें हफ्ते की टीआरपी में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं है. केवल ‘आजतक’ पर निगाह जा टिकती है जो सबसे ज्यादा टीआरपी हासिल करने में सफल हुआ, पूरे 1.1 पाकर उल्लेख के लायक बन सका है. बाकी किसी चैनल ने एक प्वाइंट क्या आधा प्वाइंट तक की बढ़त हासिल कर पाने में सफल नहीं हो सके हैं. नुकसान की बात करे तो सबसे ज्यादा जी न्यूज गिरा है.

‘इंडिया न्यूज’ से प्रतिबंध हटा, नंबर पांच पर पहुंचा, ‘एबीपी न्यूज’ ने ‘इंडिया टीवी’ को धक्का दिया

अपनी गलत हरकतों के कारण कई हफ्तों से टीआरपी प्रतिबंध झेल रहा इंडिया न्यूज इस हफ्ते जब तय अवधि के बाद प्रतिबंध मुक्त हुआ तो सीधे नंबर पांच पर पहुंचा. इस कारण बाकी सभी चैनलों की टीआरपी में भारी गिरावट आई है. सबसे ज्यादा आजतक की टीआरपी गिरी है, पूरे दो अंक. एबीपी न्यूज डेढ़ अंक और इंडिया टीवी 1.8 अंक नीचे गिरा. एबीपी न्यूज ने अपनी बहुप्रतीक्षित नंबर दो की कुर्सी हासिल कर ली है, इंडिया टीवी को धक्के मार कर नंबर तीन पर कर दिया है. देखें बार्क के 49वें हफ्ते के आंकड़े…

जी न्यूज और एबीपी न्यूज को तगड़ा फायदा, आजतक लुढ़का

48वें हफ्ते की टीआरपी में जी न्यूज और एबीपी न्यूज को तगड़ा फायदा हुआ है. 15+ कैटगरी में एबीपी न्यूज नंबर दो चैनल इंडिया टीवी के बराबर खड़ा दिख रहा है. वहीं 22+ कैटगरी में जी न्यूज नंबर दो चैनल इंडिया टीवी के लगभग बराबर चला आया है. सबसे ज्यादा नुकसान आजतक को हुआ है लेकिन तब भी वह नंबर वन चैनल की कुर्सी पर विराजमान है क्योंकि नंबर दो से उसने काफी फासला बना रखा है.

‘इंडिया न्यूज’ पर बैन से कई चैनलों की बल्ले बल्ले, ‘एबीपी न्यूज’ नंबर तीन पर

इंडिया न्यूज की चोरी पकड़े जाने के बाद बार्क ने इसे चार हफ्तों के लिए बैन कर रखा है. इस कारण कई चैनलों की बल्ले बल्ले हो गई है. एबीपी न्यूज से लेकर न्यूज24 तक की कुर्सियां एक एक पायदान उपर चढ़ गई हैं. 47वें हफ्ते की बार्क की टीआरपी में एबीपी न्यूज नंबर तीन की कुर्सी पर विराजमान है. जी न्यूज नंबर चार पर सरक गया है.

46वें हफ्ते की टीआरपी : बार्क ने इंडिया न्यूज को सस्पेंड किया, आजतक को बंपर फायदा

टीआरपी आंकने वाली संस्था बार्क ने इंडिया न्यूज को 46वें हफ्ते से लेकर 49वें हफ्ते तक के लिए टीआरपी लिस्ट से सस्पेंड कर दिया है. कहा जा रहा है कि इंडिया न्यूज ने मेनुपुलेशन किया है जिसको संज्ञान में लेकर बार्क ने चैनल को चार हफ्तों के लिए टीआरपी लिस्टिंग से बाहर निकाल फेंका है. इंडिया न्यूज को हटाए जाने से बाकी चैनलों में से आजतक, जी न्यूज, एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी और न्यूज18 इंडिया की बल्ले हो गई है.

इंडिया न्यूज नंबर पांच पर लुढ़का, एबीपी न्यूज नंबर तीन की पोजिशन पर चढ़ा

45वें हफ्ते की बार्क की टीआरपी के आंकड़ों से पता चलता है कि एबीपी न्यूज ने नंबर तीन का अपना पुराना स्थान फिर से हासिल कर लिया है. जी न्यूज नंबर चार पर है. इंडिया न्यूज जो अभी तक नंबर तीन की पोजीशन पर हुआ करता था, नंबर पांच पर लुढ़क गया है. न्यूज नेशन ने छलांग लगाते हुए न्यूज24 की बराबरी कर ली है. देखिए टीआरपी डिटेल…

आजतक और एबीपी न्यूज़ को तगड़ी बढ़त, न्यूज़24 और न्यूज़ नेशन को चपत

44वें हफ्ते के टीआरपी आंकड़ों में आजतक और एबीपी न्यूज ने तगड़ी बढ़त हासिल की है जबकि न्यूज24 और न्यूज नेशनल को चपत लगी है. टीआरपी डिटेल इस प्रकार है..

42वें हफ्ते की टीआरपी : 22+ कैटगरी में इंडिया टीवी नंबर वन, इंडिया न्यूज चौथे नंबर पर

टीआरपी के दो आंकड़े आमतौर पर जारी किए जाते हैं. पहला जो 15+ कैटगरी का होता है उसे ही आमतौर पर टीआरपी का आंकड़ा कहा जाता है. दूसरा 22+ का होता है. इनके अलावा भी ढेर सारे कैटगरी होते हैं जिसमें टाइम, उम्र आदि के हिसाब से आए टीआरपी आंकड़े को चैनल वाले अपने अपने सुविधा के हिसाब से उद्धृत कर खुद को नबर वन बताते रहते हैं. 42वें हफ्ते की बात करें तो बार्क के सामान्य यानि 15+ के आंकड़ों में पहले के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं है. आजतक नंबर वन पर है. इंडिया टीवी नंबर दो पर है. इंडिया न्यूज नंबर तीन पर है. जी न्यूज नंबर चार पर है. एबीपी न्यूज नंबर पांच पर है.

टीआरपी वालों ने एनडीटीवी को टॉप 10 से बाहर कर दिया!

41वें हफ्ते की टीआरपी में एनडीटीवी टॉप टेन हिंदी न्यूज चैनल्स की लिस्ट से बाहर हो गया है. उससे ज्यादा टीआरपी डीडी न्यूज और तेज नामक चैनलों की दर्शाई गई है. बार्क के टीआरपी आंकड़े बताते हैं कि एनडीटीवी किसी लायक चैनल नहीं है. लेकिन इसके उलट हकीकत में एनडीटीवी देश के बहुत बड़े तबके का पसंदीदा न्यूज चैनल है. हालांकि ये भी सच है कि एनडीटीवी के लोग टीआरपी के लिए कार्यक्रम नहीं बनाते. वह अपने कार्यक्रम संपादकीय समझ और जन सरोकार को ध्यान में रखकर दिखाते हैं. जबकि दूसरे न्यूज चैनल्स की प्रियारिटी किसी तरह टीआरपी रेस में आने की होती है जिसके लिए वह किसी भी किस्म का न्यूज / नान न्यूज परोसने के लिए तत्पर रहते हैं.

इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज, न्यूज24 और आईबीएन7 फायदे में, सर्वाधिक नुकसान आजतक को

40वें हफ्ते की टीआरपी में सबसे ज्यादा नुकसान आजतक को दिख रहा है. बावजूद इसके, यह चैनल अब भी नंबर वन पर है. सबसे ज्यादा फायदा इंडिया टीवी और इंडिया न्यूज को हुआ है. इस हफ्ते न्यूज24 और आईबीएन7 ने भी बढ़त ली है. इंडिया न्यूज काफी हद तक इंडिया टीवी के करीब पहुंच गया है. जी न्यूज नंबर चार पर है लेकिन थोड़े ही फासले से एबीपी न्यूज नंबर चार पर है. न्यूज24 अब न्यूज नेशन से आगे निकल गया है. आने वाले हफ्तों में कई चैनलों की रैंकिंग में बदलाव दिख सकता है. देखिए आंकड़े..

जी न्यूज की तगड़ी छलांग, नंबर चार पर पहुंचा, इंडिया टीवी औंधे मुंह गिर रहा, न्यूज24 को सबसे ज्यादा नुकसान

39वें हफ्ते की टीआरपी में सबसे ज्यादा फायदा जी न्यूज को दिख रहा है. पूरे 1.3 की छलांग लगाकर यह चैनल नंबर चार पर एबीपी न्यूज के बराबर आ पहुंचा है. इंडिया टीवी को जाने क्या हो गया है कि यह लगातार अपनी जमीन खो रहा है. यही हाल रहा तो अगले हफ्ते यह नंबर तीन पर लुढ़क सकता है. सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को इस हफ्ते हुआ है तो वह न्यूज24 है जिसने पूरे 1.3 प्वाइंट्स खोए हैं और लुढ़कर न्यूज नेशन के नीचे आ गिरा है. आईबीएन7 इतना गिर चुका है कि इसका उठना भी अब कोई अखबर नहीं. यह नीचे से टाप थ्री में बना हुआ है. देखिए आंकड़े…

TRP : WK38 न्यूज नेशन का बंटाधार, आजतक सबसे तेज, इंडिया न्यूज़ को झटका

नेशनल हिंदी न्यूज़ चैनल trp : 38वें सप्ताह की टीआरपी में सबसे ज्यादा फायदा आजतक को हुआ है. आजतक ने इंडिया टीवी से अपना फासला काफी बढ़ा लिया है. इंडिया न्यूज को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है लेकिन यह चैनल अब भी नंबर तीन की पोजीशन पर तैनात है. न्यूज24 को भी अच्छा खासा फायदा हुआ है. सबसे बुरी गत अगर किसी चैनल की हाल के दिनों में बनी है तो न्यूज नेशन की. कभी यह नंबर चार पर था लेकिन अब यह सातवें स्थान पर है. अंबानी के चैनल आईबीएन7 का हाल सबसे खराब है. यह आठवें नंबर पर सिसक रहा है. देखें आंकड़े….

मोदी का इंटरव्यू भी नहीं रोक पाया अंबानी के चैनल आईबीएन7 का पतन

मुकेश अंबानी ने जबसे आईबीएन7 को खरीदा है, इसका लगातार पतन हो रहा है. यहां तक कि अंबानी के खास चेला द चीफ संपादक के बतौर ज्वाइन करने वाले राहुल जोशी द्वारा पीएम मोदी का लिया गया एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी इस चैनल का बेड़ा पार नहीं लगा पाया. बार्क की तरफ से 37वें हफ्ते की टीआरपी के जो आंकड़े जारी किए गए हैं उसमें सबसे नुकसान आईबीएन7 का दिख रहा है. पूरे 0.8 का नुकसान टीआरपी में हुआ है और यह चैनल 11 चैनलों में आखिरी से चौथे पायदान पर है.

आजतक पर खतरे के बादल, जी न्यूज फिर एक पायदान नीचे सरका, सबसे ज्यादा लाभ न्यूज24 को

35वें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि आजतक के गले तक इंडिया टीवी पहुंच गया है. दोनों के बीच फासला बिलकुल मामूली-सा हो गया है. टॉप फोर चैनल्स की टीआरपी में इस हफ्ते गिरावट है. जी न्यूज फिर से न्यूज नेशन चैनल के पीछे चला गया है. इस हफ्ते सबसे ज्यादा फायदे में न्यूज24 है. टीआरपी के आंकड़े इस प्रकार हैं…

इंडिया टीवी को तगड़ा नुकसान, एबीपी न्यूज और आईबीएन7 धड़ाम, जी न्यूज की छलांग

33वें हफ्ते की टीआरपी में कई उलटफेर हुए हैं. इंडिया टीवी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. पूरे 2.1 का. लेकिन तब भी यह नंबर दो पर है. जी न्यूज ने उछाल लेते हुए नंबर चार की पोजीशन हथिया ली है. एबीपी न्यूज धड़ाम होकर नंबर छह पर चला गया है. न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज की टीआरपी अच्छी खासी बढ़ी है. सबसे ज्यादा टीआरपी पढ़ने की बात करें तो यह श्रेय न्यूज24 को जाता है. आईबीएन7 बुरी स्थिति में आ गया है. देखें 33वें हफ्ते के आंकड़े…

इंडिया न्यूज़ ने फिर एबीपी न्यूज़ को पछाड़ा, आजतक को सर्वाधिक नुकसान, ज़ी न्यूज़ निकला न्यूज़ नेशन से आगे

32वें हफ्ते की टीआरपी में एबीपी न्यूज़ फिर नंबर चार पर आ गया है। इंडिया न्यूज़ ने तगड़ी उछाल के साथ नंबर चार की कुर्सी अपने कब्ज़े में कर ली है। नुकसान के मामले में आजतक को सबसे ज्यादा झटका लगा है। हालाँकि इसके बावजूद आजतक नंबर वन चैनल बना हुआ है। ज़ी न्यूज़ लगातार बेहतर करते हुए इस हफ्ते नंबर पांच पर आ गया है। उसने न्यूज़ नेशन को पछाड़ दिया है। देखें आंकड़े…

एबीपी न्यूज ने इंडिया न्यूज को धूल चटाया, जी न्यूज भारी पड़ा न्यूज24 पर

31वां सप्ताह कई हिंदी न्यूज चैनलों के बुरी और कइयों के लिए अच्छी खबरें लेकर आया है. लंबे समय से इंडिया न्यूज से मात खाकर नंबर चार पर गिरे पड़े एबीपी न्यूज ने आखिरकार अपनी पुरानी जगह हासिल कर ली. इंडिया न्यूज को नंबर चार पर लुढ़कना पड़ा है. उधर, जी न्यूज ने तगड़ी छलांग लगाते हुए न्यूज24 से आगे निकलने में सफलता पाई है. 31वें हफ्ते में टीआरपी के मामले में सबसे ज्यादा फायदे में जी न्यूज ही रहा है. जी न्यूज को 1.1 की ग्रोथ मिली है. नुकसान के मामले में इंडिया टीवी अव्वल है. पूरे 0.9 का झटका लगा है. 31वें हफ्ते के आंकड़े इस प्रकार हैं….

30वें हफ्ते की टीआरपी, न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज को सबसे ज्यादा नुकसान

बार्क की 30वें हफ्ते की टीआरपी में ज्यादा उलटफेर नहीं दिख रहा है. आजतक और इंडिया टीवी अपनी अपनी जगह यानि नंबर एक और दो पर हैं, दोनों ने टीआरपी बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है. सबसे ज्यादा नुकसान न्यूज नेशन को हुआ है. इसके बाद इंडिया न्यूज ने टीआरपी में नुकसान झेला है. आईबीएन7 को सबसे ज्यादा फायदा मिला है. देखिए आंकड़े….

टीआरपी में नौवें स्थान पर रहने वाला एनडीटीवी इंडिया चल कैसे रहा है, पैसा कितना और कहां से आ रहा है?

Nadim S. Akhter : एक गंभीर बात. बार्क की तरफ से 29वें हफ्ते की टीआरपी के जो आंकड़े जारी किए गए हैं, वो इस प्रकार हैं. गौर से देखिए इनको और जरा अंदाजा लगाए कि कौन चैनल -सफलता- के किस पायदान पर खड़ा है. फिर आगे की बात करूंगा.

आजतक के फिर सिर तक पहुंच गया इंडिया टीवी, न्यूज24 को सर्वाधिक फायदा, इंडिया न्यूज को सर्वाधिक नुकसान

बार्क की तरफ से 29वें हफ्ते की टीआरपी के जो आंकड़े जारी किए गए हैं उसमें इंडिया टीवी बिलकुल सिर तक आ चुका है आजतक के. इस साल कई बार इंडिया टीवी नंबर वन बना और आजतक को नंबर दो पर खिसक कर संतोष करना पड़ा. इस 29वें हफ्ते Male 22+ कैटगरी में इंडिया टीवी नंबर वन है जबकि आजतक नंबर दो. 29वें हफ्ते में टीआरपी वाइज सबसे ज्यादा फायदा न्यूज24 को हुआ है जिसने कुल 1.2 की उछाल हासिल की है.

इंडिया न्यूज के बाद न्यूज नेशन से भी मात खा गया एबीपी न्यूज!

28वें हफ्ते की बार्क की टीआरपी के आंकड़े (TG: CSAB Male 22+) बताते हैं कि एबीपी न्यूज तो इंडिया न्यूज के बाद न्यूज नेशन से भी मात खा गया है. हालांकि TG:CS15+ के आंकड़े में एबीपी न्यूज अभी न्यूज नेशन से पिटने से बचा है लेकिन एबीपी न्यूज के पतन की जो रफ्तार है उससे यही संकेत मिल रहा है कि यह चर्चित व प्रतिष्ठित चैनल कहीं TG:CS15+ आंकड़े में भी न्यूज नेशन से पिट न जाए.

न्यूज नेशन को सर्वाधिक चपत, इंडिया टीवी फिर तेजी से आगे बढ़ रहा

24वें हफ्ते की टीआरपी में नेशनल हिंदी न्यूज चैनलों में आजतक भले ही नंबर एक हो लेकिन इंडिया टीवी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उससे खतरे की घंटी बज चुकी है. आजतक और इंडिया टीवी के बीच फासला काफी कम रह गया है. उधर न्यूज नेशन ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला है और इंडिया न्यूज के नीचे आने को मजबूर हो गया है. सबसे ज्यादा टीआरपी अगर किसी चैनल की बढ़ी है तो वह है एबीपी न्यूज. यह चैनल नंबर तीन पर बना हुआ है. जी न्यूज तरक्की पर है लेकिन अब भी इंडिया न्यूज और न्यूज नेशन से पीछे है. देखिए 24वें हफ्ते की टीआरपी…

न्यूज नेशन ने इंडिया न्यूज को और जी न्यूज ने आईबीएन7 व न्यूज24 को पीटा

23वें हफ्ते की टीआरपी में तीन चार बड़े उलटफेर हैं. नंबर चार पर कई हफ्तों से मौजूद इंडिया न्यूज को न्यूज नेशन ने शिकस्त देकर एक पायदान की उंचाई हासिल की है. यानि इंडिया न्यूज पांचवें नंबर पर सरक गया है और न्यूज नेशन चौथे नंबर पर आ गया है. जी न्यूज ने अपनी स्थिति में थोड़ी सुधार करते हुए आईबीएन7 और न्यूज24 को अपने पीछे कर दिया है. जी न्यूज छठें नंबर पर आ गया है.

आजतक ने नंबर एक की कुर्सी इंडिया टीवी से वापस छीनी, जी न्यूज और न्यूज24 में सुधार

इस साल के बीसवें हफ्ते की बार्क की टीआरपी में आजतक नंबर एक पर फिर काबिज हुआ दिख रहा है. कई हफ्तों से नंबर एक इंडिया टीवी को नंबर दो पर गिरा कर आजतक ने अपनी नंबर एक की पुरानी कुर्सी हथिया ली है. जी न्यूज और न्यूज24 ने बेहतर प्रदर्शन किया है. इंडिया न्यूज और न्यूज नेशन भी डटे हुए हैं. देखें 20वें हफ्ते के टीआरपी के आंकड़े….

मोदी राज में इंडिया टीवी परमानेंट नंबर वन, जी न्यूज आठवें स्थान पर लुढ़का, आईबीएन ने न्यूज24 को पीटा

अच्छे दिन किसी के आए हों या न आए हों, इंडिया टीवी के जरूर आ गए हैं. संघ और भाजपा के प्रिय पात्र रजत शर्मा को पदम मिला, उनके चैनल को टीआरपी में लगातार नंबर वन स्थान मिल रहा है. नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली का गुणगान करते रहने वाला चैनल इंडिया टीवी लगातार कई हफ्तों से नंबर वन बना हुआ है. 19वें हफ्ते की टीआरपी में भी यह चैनल नंबर वन है. आजतक जो कभी नंबर वन का पर्याय माना जाता था, अब लगातार दो नंबर पर संतोष कर रहा है और ऐसा भी संभव है कि उसकी नियति मोदी राज में नंबर दो बने रहने की हो गई हो.

आजतक सुधरा लेकिन इंडिया टीवी अब भी नंबर वन, इंडिया न्यूज़ का हुआ पतन

इस साल के अठारहवें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि आजतक ने अपनी स्थिति में ठीकठाक सुधार किया है लेकिन अब भी वह नंबर एक की कुर्सी से दूर हैं. इंडिया टीवी नुकसान के बावजूद नंबर एक बना हुआ है. हां, नंबर एक और नंबर दो के बीच का फासला काफी कम हो गया है. उधर, इंडिया न्यूज का पतन शुरू हो गया है. यह चैनल लुढ़क कर नंबर पांच पर आ गिरा है. जी न्यूज चाह कर भी अपनी पुरानी स्थिति पर नहीं आ पा रहा है क्योंकि इसकी टीआरपी इतनी ज्यादा गिर चुकी है कि इसे अब नंबर चार या नंबर पांच पर आने में काफी मेहनत करनी होगी. ये हैं अठारहवें हफ्ते का आंकड़े….

आजतक से बहुत आगे निकल गया इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज नंबर तीन पर बहाल

17वें हफ्ते के बार्क टीआरपी आंकड़े से पता चलता है कि इंडिया टीवी नंबर वन पर लगातार मजबूत होता जा रहा है. आजतक की टीआरपी लगातार गिर रही है. अब नंबर वन इंडिया टीवी और नंबर दो आजतक के बीच फासला काफी बढ़ गया है. इस हफ्ते सबसे ज्यादा टीआरपी आजतक की ही गिरी है. पूरे 1.4 के पतन के साथ चैनल की टीआरपी 16.8 रह गई है जबकि इंडिया टीवी की टीआरपी 21.3 है.

लग रहा है इंडिया टीवी तो परमानेंट नंबर वन हो गया, आजतक गहरे संकट में

मोदी राज में कुछ हुआ हो या न हुआ हो, इंडिया टीवी के परमानेंट अच्छे दिन जरूर आ गए हैं. टीआरपी में यह चैनल न सिर्फ लगातार नंबर वन पर है बल्कि आजतक से फासला भी बढ़ाता जा रहा है. आजतक टीआरपी की इस मार से परेशान होकर अपने अंदरखाने कई किस्म के बदलाव भी कर रहा है. सुप्रिय प्रसाद और राहुल कंवल की जिम्मेदारियां बढ़ाई गई हैं. संजीव पालीवाल को लाया गया है. एसआईटी टीम में कई बड़े नामों को जोड़ कर इसे मजबूत बनाया गया है.

इंडिया टीवी ने नंबर एक की कुर्सी कब्जाई, आजतक के साथ-साथ एबीपी न्यूज और जी न्यूज का भी बुरा हाल

इस साल के 14वें हफ्ते की टीआरपी ने काफी उछलकूद मचाई है. इंडिया टीवी ने आजतक को नंबर दो कर दिया, इंडिया न्यूज ने एबीपी न्यूज को नंबर चार कर दिया और न्यूज नेशन ने जी न्यूज को नंबर छह कर दिया. लंबे समय से नंबर एकस दो और तीन की कुर्सी पर काबिज क्रमश: आजतक, इंडिया टीवी और एबीपी न्यूज को अपना अपना स्थान छोड़ना पड़ रहा है. इन्हें रिप्लेस किया क्रमश: इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज और न्यूज नेशन ने. पुराने और स्थापित चैनलों के लिए खतरे की बहुत बड़ी घंटी है. अगर इन्होंने अपने माइंडसेट चेंज नहीं किए और नए जमाने के तौर तरीके नहीं अपनाए तो कहीं इन्हें अपनी कुर्सी से परमानेंट न हाथ धोना पड़ जाए.