अपने यूजर्स का शोषण करने वाले फेसबुक को छोड़िए, TSU.CO पर आइए और जमकर कमाइए…

फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट पर यदि आप कोई कंटेंट डालते हैं तो संतोष सिर्फ लाइक या कमेंट से ही होना पड़ता है. कैसा हो कि यदि इस कंटेंट की लोकप्रियता के आधार पर पैसा भी मिल जाए. जब ऐसा फॉर्मूला लेकर आई एक कंपनी TSU.CO तो फेसबुक ने त्‍योरियां चढ़ा लीं. इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप जैसे पॉपुलर प्लैटफार्म की मालिक सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक 300 बिलियन डॉलर (दो लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की हो गई है. कमाई का फंडा यही है कि आप जो भी कंटेंट इन प्लेहटफॉर्म पर शेयर करते हैं, उसके आसपास ये एड लगाती हैं. जितना ज्या दा कंटेंट देखा जाएगा, फेसबुक का उतना फायदा. लेकिन, अब एक और सोशल मीडिया प्लेंटफार्म आया है, जिसने फेसबुक की नींद उड़ा दी है. क्यों कि उसे अपनी कमाई खतरे में पड़ती दिख रही है. जानिए क्याे है पूरा मामला…

हमारा इशारा हंसी-कोप के स्थायी भाव में रहने वाले सुधीश पचौरी और विष्णु खरे की टिप्पणियों की ओर है

Arun Maheshwari : लेखकों और विवेकवान बुद्धिजीवियों पर लगातार जानलेवा हमलों के प्रतिवाद में उदयप्रकाश ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार लौटा दिया। इसका हिंदी के व्यापक लेखक समुदाय को जहां गर्व है तो वहीं कुछ बुरी तरह आहत। उनकी प्रतिक्रियाओं से लगता है जैसे किसी सुंदर औरत को देखकर अचानक ही कोई चीखने लगे – देखो वह कितनी बेशर्म है, अपने कपड़ों के पीछे पूरी नंगी है! इस बारे में हमारा इशारा खास तौर हंसी और कोप के स्थायी भाव में रहने वाले क्रमश: सुधीश पचौरी और विष्णु खरे की टिप्पणियों की ओर है।

प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या के विरोध में उदय प्रकाश ने साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार लौटाया

Uday Prakash : पिछले समय से हमारे देश में लेखकों, कलाकारों, चिंतकों और बौद्धिकों के प्रति जिस तरह का हिंसक, अपमानजनक, अवमानना पूर्ण व्यवहार लगातार हो रहा है, जिसकी ताज़ा कड़ी प्रख्यात लेखक और विचारक तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार श्री कलबुर्गी की मतांध हिंदुत्ववादी अपराधियों द्वारा की गई कायराना और दहशतनाक हत्या है, उसने मेरे जैसे अकेले लेखक को भीतर से हिला दिया है।