ये न्यूज़ चैनलों का आपातकाल है… खोजी पत्रकारिता वेंटिलेटर पर है… : रजत अमरनाथ

Rajat Amarnath

खोजी पत्रकारिता यानि INVESTIGATIVE JOURNALISM आज वेंटिलेटर पर है… अंतिम सांसें ले रहा है… कभी कभी उभारा लेता भी है तो सिर्फ INDIAN EXPRESS और THE HINDU जैसे अख़बारों की वजह से… टीवी के खोजी पत्रकारों और संपादकों की नज़र में खोजी पत्रकारिता का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्टिंग है… आखिर ऐसा हो भी क्यों न जब मालिकान और संपादक ही अपना हित साधने के लिए सत्ता के चरणों में दंडवत हैं… मालिकों को राज्यसभा की सीट चाहिए तो संपादक को TRP के जरिए कमाई ताकि उसकी मठाधीशी कायम रह सके….