नफरत फैलाने वाले एंकरों पर मुक़दमा चलाने की मांग करने वाली महिला पत्रकार को अरुण पुरी ने नौकरी से निकाला

Shweta R Rashmi : शर्मनाक और घटिया शुरुआत है ये… टीवी टुडे की पत्रकार को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उसने पत्रकारिता में सिखाये ऊसूल को याद रखते हुए आस पास देख कर सच लिखा और ट्वीट किया। प्रबंधन ने उस पर दवाब डाला कि वो ट्वीट डिलीट करे। ऐसा न करने पर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया। टीवी टुडे ग्रुप में घटी इस घटना से पहले बॉबी घोष को भी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि एक खबर पर सत्ता पक्ष को ऐतराज़ था। अब सवाल ये है कि टीवी टुडे के, या अन्य मीडिया संस्थानों के मैनेजमेंट को दंगा करवाने पर आमादा, बिक़े और गलत सूचना फ़ैलाने वाले झींगुर क्यों नहीं दिखते।