टाइम्स ग्रुप के मालिक विनीत जैन का वो ट्वीट पढ़िए जो उन्होंने डर के मारे कुछ ही देर में हटा लिया

सबसे उपर विनीत जैन की तस्वीर और उसके नीचे उनके द्वारा किया गया ट्वीट.

Priyabhanshu Ranjan : देश के सबसे बडे मीडिया ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर ने की RSS प्रमुख मोहन भागवत की गिरफ्तारी की मांग! चौंकिए मत। आप बिल्कुल सही देख रहे हैं। भारत के सबसे बडे मीडिया ग्रुप Bennett, Coleman & Co. Ltd ( The Times of India अखबार की parent company) के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन ने आज ट्वीट किया है-

“Head of ABVP/rss should be arrested for aiding and abetting a call for murder.Its not different from supari killing.”

विनीत जैन ने JNUSU अध्यक्ष Kanhaiya Kumar की हत्या के लिए इनाम घोषित किए जाने पर ये ट्वीट किया है। जब देश के सबसे बडे मीडिया ग्रुप का कर्ता-धर्ता सरकार में बैठे लोगों के खिलाफ खुलकर इस तरह की राय जाहिर कर रहा है, तो इसके मायने समझ रहे हैं न आप? TIMES NOW चैनल को TRP की दुकान बना देने वाले Arnab Goswami को अब वक्त रहते चेत जाना चाहिए। विनीत जैन उनके मालिक हैं। जी हां, अर्णब टाइम्स ग्रुप में काम करने वाले कर्मचारी हैं!

विनीत जैन टाइम्स ग्रुप के मालिक हैं। उन्होंने सरेआम ट्वीट किया है। दफ्तर में नहीं बोला। इसका खेल समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस ट्वीट से आम लोगों में तो यही धारणा बनेगी कि विनीत जैन ने सरकार के खिलाफ स्टैंड लिया है। पता नहीं हकीकत क्या है! पर रहस्य तब गहरा जाता है जब कुछ देर बाद ही विनीत जैन (MD, The Times of India group) ने ये ट्वीट हटा लिया है। अब सवाल है, किसके दबाव में?

युवा पत्रकार प्रियभांशु रंजन के फेसबुक वॉल से.

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श्रुति सेठ, कविता कृष्णन, शर्मिला टैगोर, शोभा डे आदि को रंडी, वेश्या, चरित्रहीन कहने वाले ये लोग कौन हैं?

Krishna Kant : भारतीय सवर्ण मर्द के पास महिला की बात का जवाब नहीं होता तो तुरंत चरित्र हनन पर उतर आता है. यह पाखंडी समाज है इसलिए किसी का भी चरित्र हनन बहुत कारगर हथियार है. प्राय: पति जब पत्नी से हारता है तो लांछन लगा देता है. कोई किसी से हारता है तो उसके चरित्र पर कीचड़ उचाल देता है. सोशल मीडिया पर महिलाओं को गालियां देने वाले कौन लोग हैं?

श्रुति सेठ, कविता कृष्णन, शर्मिला टैगोर, शोभा डे… आदि को लेकर चारित्रिक अभियान चलाने वाले कौन लोग हैं? ये ऐसे गिरे हुए गलीज संस्कारी हैं कि यदि सुषमा स्वराज भी मोदी या संघ पर उंगली उठा दें तो ये लोग उन जैसी भद्र महिला के साथ भी यही करेंगे. सोनिया गांधी को लेकर अश्लील चुटकुले पिछले कुछ सालों में खूब मजे लेकर शेयर किए गए. गांधी और नेहरू की फोटोशाप्‍ड पिक्‍चर पर इन सिपाहियों ने बड़ी मेहनत की है.

इनकी खासियत देखिए कि ये माताओं बहनों की इज्जत के लिए ही जीते हैं. स्वनामधन्य संस्कारवान होते हैं. ईश्‍वर में जान देने की हद तक भरोसा है. गोमूत्र तक का अपमान नहीं सह सकते. उस संगठन के समर्थक हैं जो 90 साल तक मेहनत करके इनका चरित्र निर्माण कर पाया है. ये भारत मां की अस्मिता के रखवाले हैं. देवी की पूजा करते हैं. गाय माता के लिए सर काटने और कटाने के लिए तैयार हैं.

दलितों, महिलाओं, मुसलमानों से घृणा करने वाले लोगों में एक खास समानता है कि वे सवर्ण हिंदू हैं और आरएसएस समर्थक हैं. ये खास लोगों की खास प्रवृत्ति है जिसके मूल में वर्णव्‍यवस्‍था है. वह वर्णव्‍यवस्‍था जहां दलित और महिलाएं अछूत हैं, कमतर हैं. मुसलमान म्‍लेच्‍छ है. जहां भी स्त्रियों की असहमति का सामना हो, उन्‍हें रंडी बता देते हैं. कुछ नमूने उपर और नीचे दिए गए हैं, देखें.

युवा पत्रकार कृष्णकांत के फेसबुक वॉल से.

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सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार ने सुधीर को ‘तिहाड़ी’ करार दिया!

ट्विटर पर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और कवि व ‘आप’ के नेता कुमार विश्वास के बीच जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को एक ट्वीट में ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार विश्वास ने सुधीर चौधरी को ‘तिहाड़ी’ करार देते हुए पूछा कि उन्हें उनके घर के किस सदस्य ने कामुक जैसी गोपनीय जानकारी दी है. दोनों के आरोप-प्रत्यारोप संबंधी ट्वीट का स्क्रीनशाट यूं है…

ज्ञात हो कि सुधीर चौधरी तिहाड़ जेल की यात्रा कर आए हैं इसलिए उन्हें तिहाड़ी कहकर कुमार विश्वास ने चिढ़ाया. उधर, सुधीर चौधरी ने जी न्यूज पर कुमार विश्वास पर लगे आरोपों को लगातार दिखाकर उन्हें ‘कामुक कविराज’ साबित करने की कोशिश की. इस आरोप प्रत्यारोप में कुमार विश्वास ने फोकस न्यूज पर चली वो क्लिप शेयर कर दी जिसमें सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया की जमानत रद्द करने को लेकर कोर्ट ने पूछा है. वीडियो लिंक यूं है: https://www.youtube.com/watch?v=rSJsNYP8zNU

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डीडी न्यूज वालों की जय हो, अबकी मोदी बंदर कथा

डीडी न्यूज वाले लगातार गलती पर गलती करते जा रहे हैं. ताजा मामला भी ट्वीट से जुड़ा है. डीडी न्यूज की तरफ से ट्वीट किया गया- “A man dressed as Santa Claus feeds monkeys ahead of Christmas”. लेकिन इस कैप्शन के साथ जो तस्वीर लगाई गई उसमें नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं और बैठक में Amit Shah, Arun Jaitley, Sushma Swaraj और Rajnath Singh हैं. लोग सोच में पड़ गए कि आखिर इस तस्वीर में क्या मोदी सांता हैं और बंदर बाकी लोग?

खैर, डीडी न्यूज वालों को गलती का एहसास हुआ तो तुरंत इस ट्वीट को डिलीट मार दिया. साथ ही एक खेद प्रकाश भी प्रकाशित किया, कुछ यूं:  “An unrelated picture was inadverently placed by side of the China zoo story. We have removed the tweet.”

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निखिल वागले को अगर मौका मिला तो वह बलात्कारी बन सकते हैं!

ट्वीटर पर पत्रकार निखिल वागले ने पेशावर घटनाक्रम को लेकर ट्वीट किया कि भारत में आरएसएस परिवार भले तालिबान की तरह ना हो लेकिन अगर उन्हें मौका मिला तो तालिबानी बन सकते हैं.

निखिल के इस ट्वीट के जवाब में किन्हीं श्रीहर्ष ने तरुण तेजपाल तहलका कांड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि निखिल वागले बलात्कारी तो नहीं हैं लेकिन मौका मिला तो बलात्कारी बन सकते हैं.

ये दोनों ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. लोग कह रहे हैं- इसे कहते हैं नहले पर दहला. जय हो… 🙂

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बंद हुआ सरकारी खर्चे पर अखिलेश यादव के निजी एफबी और ट्विटर का प्रचार

पिछले एक लम्बे समय से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित किये जा रहे विज्ञापनों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निजी ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh का लगातार हो रहा प्रचार अब बंद कर दिया गया है. मैंने 06 नवम्बर को सरकारी पैसे पर इस प्रकार से निजी सोशल साईट एकाउंट और उसमे लिखी गयी तमाम राजनैतिक बातों का प्रचार करने के बारे में श्री यादव को शिकायत की थी, जिसमे इन एकाउंट में समाजवादी पार्टी का वेबसाइट samajwadiparty.in  दर्शाये जाने और समाजवादी पार्टी को वोट देने, पार्टी के कार्यक्रम और राजनैतिक भाषण होने की बात कहते हुए इन व्यक्तिगत एकाउंट को सरकारी प्रचार सामग्री से तत्काल हटाये जाने और चापलूस अफसरों पर कार्यवाही करने की मांग की थी.

अब इन सरकारी प्रचारों में निजी एकाउंट की जगह सीएम ऑफिस, यूपी के एकाउंट twitter.com/cmofficeup तथा facebook.com/cmofficeup दर्शाए जा रहे हैं जिनमे फेसबुक एकाउंट काम नहीं कर रहा है लेकिन अभी तक गलत ढंग से निजी एकाउंट दर्शाने वालों पर कार्यवाही नहीं हुई है, जिसकी मैंने पुनः मांग की है. 

आज भेजा पत्र—

सेवा में,
श्री अखिलेश यादव,
मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश शासन,
लखनऊ
विषय- सरकारी विज्ञापनों में आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट के प्रचार विषयक

महोदय,

कृपया मेरे पत्र संख्या- NT/Complaint/13/14 दिनांक-06/11/2014 का सन्दर्भ ग्रहण करें जिसके माध्यम से मैंने दिनांक 04/11/2014 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों में आपके ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh के अनुचित प्रयोग की बात कही थी. मैंने आपसे निवेदन किया था कि कृपया तत्काल यह स्थिति रोकने के आदेश देने की कृपा करें ताकि आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आधिकारिक प्रचारों में सम्मिलित नहीं हों और आप सरकारी धन से अपना प्रचार करने के दोषी नहीं कहे जाएँ और इस प्रकार का अनुचित और अवैध कार्य करने और इसके जरिये आपकी स्थिति खराब करने वाले सभी चापलूस अफसरों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही करने की कृपा करें.

आज दिनांक 30/11/2014 को विभिन्न समाचारपत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एनआरआई हेतु जारी किये जाने वाले वेबसाइट के उद्घाटन का विज्ञापन देखने पर यह सुखद अनुभूति हुई कि आपने मेरे द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को स्वीकार करते हुए आवश्यक निर्देश दिए जिसके कारण अब इन विज्ञापनों पर आपके निजी ट्विटर और फेसबुक एकाउंट की जगह twitter.com/cmofficeup तथा facebook.com/cmofficeup नाम से कथित रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के नए एकाउंट दिखाए जा रहे थे.

मैंने इन दोनों एकाउंट को देखा तो पाया कि इनमें फेसबुक के एकाउंट पर Sorry, this page isn’t available The link you followed may be broken, or the page may have been removed लिखा आता है, जिससे लगता है कि शायद यह फेसबुक एकाउंट अभी अस्तित्व में नहीं है अथवा इसके साथ कुछ दिक्कत है. इसके विपरीत ट्विटर एकाउंट सही काम कर रहा है और मैंने पाया कि इससे नियमित रूप से ट्वीट किये जा रहे हैं. इस एकाउंट पर लिखा है Official Page of Office of Hon. Chief Minister, Uttar Pradesh. इस एकाउंट में उत्तर प्रदेश सरकार अथवा आपके मुख्यमंत्री के रूप में कार्यों का ही उल्लेख है.

फेसबुक और ट्विटर एकाउंट में उपरोक्त परिवर्तन इस बात को स्वतः प्रमाणित कर देता है कि पूर्व में आपके निजी एकाउंट को सरकारी विज्ञापनों पर दर्शाना पूरी तरह गलत था. अतः एक ओर जहां मैं आपको इस गलती को ठीक कराने के लिए धन्यवाद् देती हूँ वहीँ आपसे यह भी निवेदन करती हूँ कि पूर्व में जिन चापलूस अफसरों ने नियमों को ताक पर रख कर इस प्रकार के विधिविरुद्ध कार्य कर इसके जरिये आपकी स्थिति खराब की है, उन सभी के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि भविष्य में कोई आपको ऐसी असहज स्थिति में ना लाने की हिमाकत करे. साथ ही यह भी दिखवाने की कृपा करें कि कथित फेसबुक एकाउंट facebook.com/cmofficeup वास्तव में काम करे.

भवदीय,
(डॉ नूतन ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
094155-34525
nutanthakurlko@gmail.com

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Secular राजदीप सरदेसाई को Communal मनोहर पर्रिकर पर प्यार आ गया!

Dilip C Mandal : सेकुलर और कम्युनल में क्या रखा है? राजदीप सरदेसाई कट्टर Secular गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB) हैं और मनोहर पर्रिकर कट्टर Communal गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB). और फिर प्राइड यानी गर्व का क्या है? हो जाता है. राजदीप को पर्रिकर और प्रभु पर गर्व हो जाता है. सारस्वत को सारस्वत पर गर्व हो जाता है. सेकुलर को कम्युनल पर दुलार आ जाता है. वैसे, अलग से लिखने की क्या जरूरत है कि दोनों टैलेंटेड हैं. वह तो स्वयंसिद्ध है. राजदीप भी कोई कम टैलेंटेड नहीं हैं.

सेकुलर को
कम्युनल पर
प्यार आ गया
प्राइड आ गया.

प्यार शाश्वत है,
प्यार सारस्वत है.

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दो चीज़ों का डर नहीं होना चाहिए। एक तो कि कोई हैक कर लेगा। तो क्या? फिर से बना लेंगे और 10 दिन में पढ़ने वाले भी आ जाएँगे। दूसरा डर कि धार्मिक आस्था को चोट वाला कोई मुक़दमा हो गया तो? एक तो होगा नहीं। कौन अपने धार्मिक ग्रंथों की क़ानूनी पड़ताल कराके उनकी फ़ज़ीहत करना चाहेगा? मुक़दमा हुआ तो हम इस बारे में पढ़ेंगे बहुत और बताएँगे भी बहुत। दूसरे, इस धारा में सज़ा होती नहीं। मैंने कभी सुना नहीं। मुझे करेक्ट कीजिए। तो मस्त रहिए। टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को थैंक यू कहिए। इतने साल में न मेरा हैक हुआ न किसी ने मुक़दमा किया।

xxx

मनुस्मृति और तमाम स्मृतियों के हिसाब से गोडसे जी को तो क्या, उनकी बिरादरी में किसी को भी बड़े से बड़े अपराध के लिए फाँसी नहीं हो सकती थी। मैकॉले जी ने भारत में पहली बार IPC यानी इंडियन पीनल कोड बना दिया। क़ानून की नज़र में सब बराबर हो गए। समान अपराध के लिए समान दंड लागू हो गया। तो गोडसे जी को फाँसी हो गई मैकॉले जी के विधान से। इसलिए भी मैकॉले जी भारत में विलेन माने जाते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल के फेसबुक वॉल से.

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अपनी जाति बताने के लिये शुक्रिया राजदीप सरदेसाई

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