रायबरेली और मिर्जापुर के दो और पत्रकारों की जान को खतरा

उत्तर प्रदेश के शाहजंहापुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह को राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा द्वारा जिंदा जलवा देने की घटना, बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला की हत्या, कानपुर में पत्रकार को गोली मारने और बस्ती में पत्रकार पर हमले के बाद मिर्जापुर के थाना जिगना ग्राम मनकथा निवासी पत्रकार अनुज शुक्ला की पैत्रिक जमीन पर समाजवादी पार्टी के दबंग राधेश्याम यादव पुत्र अनन्त यादव, स्थानीय विधायक भाई लाल कोल के प्रतिनिधि विनोद यादव के संरक्षण में पुलिस की मदद से अदालती स्टे के बावजूद जबरन कब्जा किया जा रहा है।

मोदी के दो प्रिय ‘यौन शोषण के आरोपी’ पत्रकारों पर कार्रवाई क्यों नहींं!

देश के कई बड़े संस्‍थानों में कार्यस्‍थल पर महिलाओं के यौन शोषण की घटनाएं दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं। सबसे खतरनाक और दुखद है, ऐसे मामलों में पीडि़ता को न्‍याय न के बराबर मिलता है। इससे इन संस्‍थानों में यौन शोषकों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। यहां तक कि महिलाओं के हितों की रक्षा करने वाला राष्‍ट्रीय महिला आयेाग या प्रदेश महिला आयोग का रुख भी बहुत ही नकारात्‍मक है। पुलिस की तरह वहां भी एक तरह से पीडि़ता को जलील होना पड़ता है। 

दो पत्रकारों पर हमले, धरना-प्रदर्शन के बाद बाजार बंद

रायपुर : दैनिक अखबार के संवाददाता अजय साहू पर शहर के मुख्य चौक पर जानलेवा हमला करने के विरोध में मंगलवार को भानुप्रतापपुर, संबलपुर व दुर्गूकोंदल बंद रहा। इसे व्यापारियों का पूरा समर्थन मिला। भानुप्रतापपुर सहित कांकेर व जगदलपुर से आए पत्रकारों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर इस घटना की कड़ी निंदा की। इस दौरान सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। अजय साहू पर हमले के तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।