रेप सुगम बनाने वाले ‘ऊबर’ को उबारने की कवायद, मोदी सरकार ने रेडियो टैक्सी स्कीम में संशोधन कर दिया

Anil Singh : क्या इसी तरह चलेगा इनका ‘मेक इन इंडिया’!!! दिल्ली में सरकार ने ऊबर और दूसरी टैक्सी सेवाओं को वापस लाने के लिए रेडियो टैक्सी स्कीम 2006 में संशोधन किए और तत्काल उन्हें नोटिफाई भी कर दिया। खुद ही समझ लीजिए कि सरकार बलात्कार को सुगम बनानेवालों को बचाना चाहती है या इस जघन्य अपराध का शिकार होनेवालों की हिफाजत करना चाहती है।

उबर के सीईओ ने कहा था- हम एक बूबर कंपनी हैं जिसके साथ महिलाएं सोना चाहती हैं!

: अमेरिकी महिला पत्रकार ने किया बड़ा खुलासा : बात इसी साल अक्टूबर की है जब सारा लेसी फ्रांस के शहर लियोन में थीं और कहीं जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रही थीं। तभी उनकी निगाह एक ऐसे प्रचार पर पड़ी जिसमें लिखा था कि हॉट फीमेल ड्राइवर्स की सुविधा के लिए इस नंबर पर डायल करें। इस एड को देखते ही लेसी ने तय किया कि वह उस एप को ही डिलीट कर देंगी जो कैब की सुविधा देती है। लेसी को लगा कि वह खुद एक महिला हैं और अगर महिलाओं का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा तो उनके साथ रेप जैसी घटनाओं को होने से कैसे रोका जा सकता है।