बैंक-एटीएम की क़तार में मरने वाले भारतीयों में से 91 वरिष्ठ नागरिक थे

Uday Prakash : अभी जानकारी मिली कि नोटबंदी के बाद एटीएम और बैंकों के सामने क़तार में खड़े लोगों में से जो १२०-१५० की मौत हुई है, उनमें से ९१ वरिष्ठ नागरिक थे। यानी वे नागरिक जिनकी उम्र ६० वर्ष से ऊपर थी। मैं और मेरी पत्नी, दोनों, वरिष्ठ नागरिक हैं। क्या प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, वित्तमंत्री वग़ैरह और उनकी पार्टी कभी इस देश के वृद्धजनों के लिए भी कभी सोचती है?

अमर उजाला के उदय कुमार की टुच्ची राजनीति के शिकार पत्रकार दविंद्र सिंह गुलेरिया की किताब ‘बेरोजगार की आखिरी रात’

‘बेरोजगार की आखिरी रात’ पुस्तक का जुलाई माह में अमेरिका के प्रतिष्ठित आथर हाउस में प्रकाशन हुआ है। यह किताब ई-बुक के रूप में अमेजॉन.इन पर उपलब्ध है। इसके लेखक दविंद्र सिंह गुलेरिया लगभग आठ साल तक अमर उजाला में रहे हैं। उन्होंने दिसंबर 2013 में चंडीगढ़ से अमर उजाला से इस्तीफा दिया था। उस समय वह पंजाब संस्करण के प्रभारी थे। कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रहने वाले गुलेरिया सात साल से अधिक समय तक अमर उजाला हिमाचल डेस्क के प्रभारी रहे। करीब दो माह तक वह हिमाचल अमर उजाला के संपादकीय विभाग के प्रभारी भी रहे। चूंकि वह ईमानदार आदमी हैं, चापलूसी न तो करते हैं और न ही करवाते हैं, बस काम से मतलब रखते हैं। उदय कुमार ने उनको अमर उजाला में बहुत परेशान किया।