भाजपाई कल तक जिन कांग्रेसियों को गरियाते थे, आज उन्हीं का गुणगान कर रहे!

नैनीताल। अबकी विधानसभा चुनाव में अपनी राजनैतिक संस्कृति और प्रवृति के विपरीत उत्तराखण्ड दल -बदल के दल -दल में बुरी तरह फंस गया है। हालाँकि राज्य  में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पार्टी के सभी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। पर भाजपा और कांग्रेस के भीतर जबरदस्त भगदड़ मच गई है। इस चुनावी घमासान में भाजपा के शुचिता, नैतिकता, भ्रष्टाचार और बेईमानी जैसे नारों की हवा निकल गई है। देश को कांग्रेस मुक्त करने के अभियान में जुटी भाजपा उत्तराखण्ड में कांग्रेस युक्त होती जा रही है। राज्य की सत्ता की चुनावी लड़ाई में दलीय पहचान विलुप्ति के कगार पर हैं। “भाजपा ही कांग्रेस है या कि कांग्रेस ही भाजपा है” इनमें फर्क कर पाना मुश्किल होता जा रहा है।