सुनिए, रिलायंस के कार्यकर्ता उमेश उपाध्याय छात्रों को क्या सिखा रहे ‘4जी पत्रकारिता’ के बारे में

डाटा और तकनीक संपन्न होगी भविष्य की पत्रकारिता : उमेश उपाध्याय, पंजाब विश्वविद्यालय में स्व. श्री विजय सहगल स्मृति व्याख्यान, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल और पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज का संयुक्त आयोजन

चंडीगढ़। जनसंचार का जमाना अब थोड़ा पीछे रह रहा है। अब प्रतियोगिता कंट्रोल्ड कम्युनिकेशन बनाम मास कम्युनिकेशन हो गई है। अब तक हम कंटेंट को किंग कहते थे। लेकिन मुझे लगता है कि संभवतः डाटा और डाटा माइनिंग अब किंग होगा। अभी अखबार में संपादक अच्छा लिखने वाले और न्यूज चैनल के संपादक अक्सर अच्छा बोलने वाले होते हैं। लेकिन आज से 10 साल बाद के न्यूज रूम की कल्पना करें तो मुझे लगता है वे डाटा और तकनीक संपन्न होंगे। अब दुनिया के बड़े मीडिया संस्थानों की पात्रता है कि जिनको गणित और सांख्यिकी नहीं आती है वे मीडिया में न आएं।

राहुल जोशी बने नेटवर्क18 के नए एडिटर इन चीफ

एक बड़ी खबर नेटवर्क18 से आ रही है. आईबीएन7 समेत कई चैनलों को संचालित करने वाली कंपनी नेटवर्क18 का नया सीईओ (न्यूज) और एडिटर इन चीफ राहुल जोशी को बनाया गया है. राहुल जोशी लंबे समय से इकानामिक टाइम्स में एडिटोरियल डायरेक्टर के बतौर कार्यरत हुआ करते थे. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़े लिखे राहुल जोशी अच्छे पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं.

उमेश उपाध्याय ने आईबीएन7 का सत्यानाश कर दिया, कइयों को इधर-उधर फेंका, देखें लिस्ट

मुकेश अम्बानी के चैनल टेक ओवर करने के बाद ibn7 की टीआरपी दूरदर्शन के आसपास है। जबसे उमेश उपाध्याय ने इस आईबीएन7 चैनल की कमान संभाली है, उसकी पूरी कोशिश चैनल को बर्बाद करने की है। अगर आशुतोष और राजदीप ने सैकड़ों की नौकरी खाकर पेट पे लात मारी तो देश के सबसे बड़े बिज़नेस ग्रुप के चैनल ने एक-एक करके पत्रकारों से रोज़ी लेने का काम शुरू किया है। उदाहरण देकर बात करते हैं। ब्रिज दुग्गल 1.75 लाख रुपये प्रति माह की तनख्वाह लेकर पूरे असाइनमेंट का कामकाज सँभालते थे। उमेश ने उनका तबादला रांची कर दिया। जब दुग्गल ने पूछा कि क्या आप रांची में पौने दो लाख का रिपोर्टर रखेंगे तो उन्हें बोला गया- हाँ, हम इस चाहते हैं।

अंबानी और मोदी भक्त पत्रकार उमेश उपाध्याय किसे बता रहे हैं पुश्तैनी पत्रकार और सुपर दरबारी पत्रकार!

उमेश उपाध्याय आईबीएन7 चैनल के संपादक हैं. मुकेश अंबानी ने जब नेटवर्क18, टीवी18, ईटीवी आदि को खरीदा तो उमेश उपाध्याय को अपनी पसंद के बतौर ले आए और अपने मीडिया वेंचर में सबसे उपर बिठा दिया. जाहिर है, जब अंबानी जी मोदी के भक्त हैं तो उनके जरिए लाए गए उमेश उपाध्याय भला कैसे मोदी के खिलाफ कलम चला सकते हैं. वैसे भी उमेश उपाध्याय के भाई सतीश उपाध्याय दिल्ली भाजपा के नेता हैं. इन दोनों भाइयों पर कई तरह के आरोप भी लगे हैं, अंबानी की बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाने और इनकी लाबिंग करने का.

आईबीएन7 और ईटीवी वालों ने स्ट्रिंगरों को वेंडर बना डाला! (देखें फार्म)

अंबानी ने चैनल खरीद लिया तो जाहिर है वह एक तीर से कई निशाने साधेंगे. साध भी रहे हैं. मीडिया हाउस को मुनाफे की फैक्ट्री में तब्दील करेंगे. मीडिया हाउस के जरिए सत्ता की दलाली कर अपने दूसरे धंधों को चमकाएंगे. मीडिया हाउस के जरिए पूरे देश में रिलायंस विरोधी माहौल खत्म कराने और रिलायंस पक्षधर दलाली को तेज कराने का काम कराएंगे. इस कड़ी में वे नहीं चाहते कि जिले से लेकर ब्लाक स्तर के पत्रकार कभी कोई आवाज उठा दें या रिलायंस की पोल खोल दें या बागी बन जाएं. इसलिए रिलायंस वाले खूब विचार विमर्श करने के बाद स्ट्रिंगरों को वेंडर में तब्दील कर रहे हैं. यानि जिले स्तर का आईबीएन7 और ईटीवी का स्ट्रिंगर अब वेंडर कहलाएगा और इस बाबत दिए गए फार्मेट पर हस्ताक्षर कर अपने डिटेल कंपनी को सौंप देगा.

सतीश उपाध्याय, उमेश उपाध्याय और बिजली कंपनियों का खेल

Madan Tiwary : सतीश उपाध्याय पर अरविन्द केजरीवाल ने आरोप लगाये है बिजली के मीटर को लेकर सतीश उपाध्याय बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष हैं। उन्होंने मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है और आरोपों से इंकार किया है। सतीश जी, शायद केजरीवाल के हाथ बहुत छोटी सी जानकारी लगी है। आप जेल चले जायेंगे सतीश जी। आपके ऊपर करीब चार सौ करोड़ बिजली कंपनी से लेने का मुद्दा बहुत पहले से गरमाया हुआ है और आपके भाई उमेश उपाध्याय की सहभागिता का भी आरोप है। यह दीगर बात है कि पत्रकार बिरादरी भी यह सबकुछ जानते हुए खुलकर नहीं बोल रही है। दिल्ली की जनता को दुह कर दिल्ली की सत्ता को दूध पिलाने का काम करती आ रही हैं बिजली कंपनियां। खैर मुद्दा चाहे जो हो लेकिन एक साल के अंदर बिजली की दर 2:80 प्रति यूनिट से 4:00 प्रति यूनिट करने की दोषी तो भाजपा है ही। देश है, सब मिलकर बेच खाइये। जनता है, किसी न किसी को वोट देगी ही। काश! देश की जनता सही लोगों को चुन पाती या चुनाव बहिष्कार कर पाती। अपने नेताओं से सवाल कर पाती। काश।

उमेश उपाध्याय कल तक पर्दे के पीछे से रोल निभा रहे थे, अब सामने आ गए हैं

S.a. Naqvi : सीएनएन-आइबीएन नेटवर्क 18 के प्रेसिडेंट उमेश उपाध्‍याय तो शायद दिल्ली भजपा के प्रदेश अद्यक्ष सतीश उपाध्याय के भाई और मुकेश अम्बानी के मुलाज़िम हैं. कभी खबरदार करने वाले आईबीएन की चाल ही अब बदल गई है. उमेश कल तक पर्दे के पीछे से अपना किरदार अदा कर रहे थे, आज सामने आये तो चौंकने वाली बात नहीं. वंदना शिवा का इस मंच पर पहुंचना भी नहीं चौंकाता. एक पुरानी देसी कहावत है “कुछ लोगों के फितरत होती है जहाँ देखा तवा-परात वहीं गुज़ारी सारी रात” यानी सेल्फ स्टाइल्ड स्वम्भू मौका परस्त कभी भी और कहीं भी दिख सकते हैं. उनकी उपस्थति कभी चौंकाती नहीं.

विश्‍व हिंदू कांग्रेस के कुछ माननीय वक्‍ताओं में अंबानी के पत्रकार उमेश उपाध्याय भी!

Abhishek Srivastava :  आपने आखिरी वक्‍त में मुसलमां होना सुना होगा। अब पहली ही घड़ी में हिंदू होने वालों को भी देख लें। इसरो के पूर्व अध्‍यक्ष माधवन नायर, सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी, सीएनएन-आइबीएन नेटवर्क 18 के प्रेसिडेंट उमेश उपाध्‍याय, फिल्‍मकार प्रियदर्शन, स्पिक-मैके के संस्‍थापक किरन सेठ, पर्यावरणविद् वंदना शिवा, अर्थशास्‍त्री बिबेक देबरॉय और सुरजीत भल्‍ला समेत आइआइटी और आइआइएम के प्रेोफेसरों की लंबी कतार है जिन्‍होंने अपने ‘हिंदू’ होने की घोषणा कर दी है, जबकि ”हिंदू राष्‍ट्र” का दबाव अभी इतना नहीं है। ये तमाम लोग परसों संपन्‍न हुई तीन दिवसीय विश्‍व हिंदू कांग्रेस में वक्‍ता रहे।

परसों यानि 19 अक्टूबर से बदल जाएगा आईबीएन7, स्मिता शर्मा गईं हेडलाइंस टुडे

आईबीएन7 को परसों यानि 19 अक्टूबर को री-लांच किया जाएगा. आशुतोष और राजदीप सरदेसाई के जाने के बाद आईबीएन7 की कमान पूरी तरह रिलायंस के हाथों आ गई है. मुकेश अंबानी ने अपने आदमियों के हवाले चैनल को कर दिया है. उमेश उपाध्याय और सुमित अवस्थी चैनल को री-लांच करा रहे हैं. बदलाव के क्रम में आईबीएन7 अपनी नई टैग लाइन ‘हौसला है’ के साथ सामने आएगा. चैनल का कहना है कि एक नया और सकारात्मक दृष्टिकोण, रिपोर्टरों की समर्पित टीम, नए शो, तेज और स्पष्ट ग्राफिक्स कड़े मुकाबले वाले हिंदी न्यूज जैनर में आईबीएन7 को एक अलग और मजबूत मुकाम पर ले जाएंगे.

टीवी पत्रकारिता में पच्चीस बरस पूरे करने पर उमेश उपाध्याय ने फेसबुक पर ये लिखा….

I have completed 25 years in active Television today. On exactly this day 25 years ago, 8/8/88, I had joined Doordarshan as an Assistant News Correspondent. I had left my PTI job but I never imagined that my journey will bring me to the point I am in my life today.