मोदी जी की सरकार बनने के बाद पूरी पत्रकार बिरादरी दो फाड़ हो चुकी है

Nadim S. Akhter : एबीपी न्यूज वाले पत्रकार अभिसार शर्मा ने शानदार-जानदार लिखा है. सच सामने लाना एक खांटी पत्रकार का अंतिम ध्येय होता है और अभिसार ने वही किया है. सारी मुश्किलों और चुनौतियों के बावजूद (Read between the lines- नौकरी पे खतरे के बावजूद !!) क्या आज हमें ये कहने में कोई हिचक होनी चाहिए कि देश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है. जो दक्षिणपंथ और उसके सारे कुकर्मों-बचकाना हरकतों के साथ है (देश को नुकसान पहुंचाने की कीमत पर भी), वह -राष्ट्रप्रेमी- घोषित किए जा रहे हैं और जो मोदी सरकार को एक्सपोज कर रहे हैं, उनकी गलतियों और खामियों की ओर इशारा कर रहे हैं, उन्हें -राष्ट्रद्रोही- होने का तमगा दिया जा रहा है.

उपेंद्र राय और सहारा मीडिया ने खूब चूतिया बनाया इन कर्मियों को!

एक कहावत है कि मछली मर जाती है लेकिन उसकी गंध मरने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ती। कुछ ऐसा ही हाल उपेंद्र राय का है। उनके जाने के बाद भी उनकी दुर्गंध से सहारा मीडिया के लोग बेहाल हैं। उपेंद्र राय ने अपने समय में राष्ट्रीय सहारा से आंदोलनकारी लोगों को सेफ एग्जिट प्लान के तहत संस्थान से बाहर निकल जाने को कहा। इस प्लान के तहत संस्था को अलविदा कहने वाले कर्मचारियों को कोई न्याय नहीं मिल रहा है। इस कारण इन कर्मचारियों के अंदर भारी बेचैनी है।

उपेंद्र राय ने सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से इस्तीफा दिया

जब मालिक पैसे नहीं देगा तो सीईओ और एडिटर इन चीफ क्या कर लेगा. लंबे समय के जद्दोजहद के बाद उपेंद्र राय ने इस्तीफा दे दिया. बात वही थी. सुब्रत राय फंड रिलीज नहीं कर रहे थे और कर्मचारियों की सेलरी की डिमांड बढ़ती जा रही थी. ऐसे में रोज रोज के किच किच से तंग आकर उपेंद्र राय ने ग्रुप एडिटर इन चीफ और ग्रुप सीईओ के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है. सहारा के उच्च पदों पर आसीन लोगों ने इस खबर को कनफर्म किया है. यह भी बताया जा रहा है कि अभिजीत सरकार को अब सहारा मीडियाा की भी पूरी जिम्मेदारी दे दी गई है.

वेतन मांगने पर बाहर कर दिए गए सहाराकर्मी का एक खुला पत्र उपेंद्र राय के नाम

प्रतिष्ठार्थ
श्री उपेंद्र राय,
एडिटर इन चीफ
सहारा मीडिया
नोएडा

विषय- आपकी कथनी और करनी में अंतर के संर्दभ में

महोदय

मैं सहारा राष्ट्रीय सहारा देहरादून से विगत आठ साल से जुड़ा एक कर्मचारी हूं। इस दौर में मैंने देखा जो मौज सहारा के अफसर और उनके चमचे लेते रहे हैं, वह किसी की नहीं है। हम कुछ लोग खच्चर की तरह सहारा के लिए काम करते रहे और बाकी मौज लेते रहे। महोदय, यह सही है कि पहले सहारा में नौकरी को सरकारी माना जाता था और एक तारीख को वेतन एकाउंट में आ जाता था। विगत डेढ़ साल से सहारा में वेतन भुगतान संबंधी समस्या है। तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी संकट में है तो कृपया आप हमें बता दें कि जब कंपनी संकट में नहीं थी तो प्रबंधन ने कितनी बार हमारी सेलरी बढ़ाई?

सुब्रत राय जेल में प्रसन्न, सहारा मीडिया कर्मी जेल के बाहर भीषण सेलरी संकट से खिन्न

क्या कांट्रास्ट है. जो जेल में है वो प्रसन्न है. जो आजाद है वह खिन्न है. यह तीसरा महीना चल रहा है सहारा मीडिया में बिना सेलरी काम कराए जाने का. सुब्रत राय तिहाड़ जेल में दबा कर किताबें लिख रहे हैं, बाहर अखबारों में करोड़ों अरबों का विज्ञापन अपनी किताब से संबंधित छपवा रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके पास अपने कर्मियों को देने के लिए पैसे नहीं हैं. सुब्रत राय खुद को रिहा कराने के लिए होटल जमीन सब बेचने का प्रस्ताव कोर्ट के सामने कर रहे हैं लेकिन अपने कर्मियों को सेलरी देने के नाम पर चुप्पी साधे हैं.

उपेंद्र राय ने जी न्यूज चैनल और राजेश उपाध्याय ने हिंदुस्तान अखबार ज्वाइन किया

दो बड़ी खबरें आवाजाही की आ रही हैं. सहारा मीडिया के हेड रह चुके पत्रकार उपेंद्र राय अब जी समूह से जुड़ गए हैं. सूत्रों के मुताबिक उपेंद्र राय को बतौर एडवाइजर जी न्यूज का हिस्सा बनाया गया है. चर्चा है कि उपेंद्र राय के जी न्यूज में आने के बाद से सुधीर चौधरी लॉबी के कान खड़े हो गए हैं. फिलवक्त जी न्यूज में स्थिति पूरी तरह सुधीर चौधरी के अनुकूल है. सुधीर जो चाहते हैं वही होता है. लेकिन उपेंद्र राय को जी ग्रुप का हिस्सा बनाकर प्रबंधन ने सबको चौंका दिया है. इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि सुधीर चौधरी लॉबी किसी हालत में उपेंद्र राय को बर्दाश्त नहीं कर पाएगी और इन्हें परेशान करने की भरसक कोशिशें की जाएंगी.

उपेंद्र राय सहारा से मुक्त हुए!

एक बड़ी खबर सहारा मीडिया से आ रही है. सूत्रों का कहना है कि डायरेक्टर न्यूज समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काबिज उपेंद्र राय अब इस संस्थान के हिस्से नहीं रहे. हालांकि उपेंद्र राय के करीबियों का कहना है कि उपेंद्र राय सहारा के हिस्से बने हुए हैं. बस, उनके काम का प्रोफाइल बदल गया है. उन्हें सहारा की तरफ से जो भी सुख सविधाएं मिल रही हैं, वह यथावत जारी है. उनका पद अब ग्रुप एडवाइजर का हो गया है. उनकी रिपोर्टिंग साल भर से जेबी राय को थी. अब वे सीधे सुब्रत राय को रिपोर्ट करेंगे.