पत्रकार महेंद्र अग्रवाल की चारसौबीसी : फर्जी अखबार ‘कूटचक्र’ के नाम विज्ञापन लेकर सरकार को लगाया चूना!

लखनऊ : भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार देश में हिंदी भाषा के समाचार पत्र-पत्रिकाओं के 52050 टाइटल पंजीकृत हैंl पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ ‘भेंड़ की खाल में छुपे भेड़ियों’ ने फर्जी समाचार पत्र-पत्रिकाओं के नाम पर सरकारी और प्राइवेट विज्ञापन लेने जैसे अनेकों गैरकानूनी काम फैला दिया है। इससे पत्रकारिता के क्षेत्र को भी बदनामी के दलदल में घसीटने का काम शुरू कर दिया हैl लखनऊ की समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा ने तथाकथित पत्रकारों द्वारा फर्जी अखबारों को खड़ा करके इन अखबारों के माध्यम से अपराध किये जाने का खुलासा किया है।

यूपी के खराब सूचना आयुक्तों के नाम का खुलासा : मुलायम के समधी अरविन्द बिष्ट टॉप पर, जावेद उस्मानी नंबर दो

लखनऊ : येश्वर्याज सेवा संस्थान की सचिव और सामाजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा, आरटीआई कार्यकर्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी, आरटीआई विधिक सलाहकार और उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता रुवैद कमाल किदवई और आरटीआई एक्सपर्ट आर.एस. यादव ने आज लखनऊ में एक प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए सबसे खराब सूचना आयुक्त पता लगाने के वास्ते किए जा रहे सर्वे के परिणाम सार्वजनिक किये. सर्वे के आधार पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के समधी सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट को सूबे का सबसे खराब सूचना आयुक्त बताया गया है तो वहीं जन सूचना अधिकारियों द्वारा आरटीआई आवेदनों के निस्तारण में की जा रही हीलाहवाली आरटीआई एक्ट के क्रियान्वयन की सबसे बड़ी बाधा के रूप में सामने आयी है.

यूपी के सबसे खराब सूचना आयुक्त के नाम की घोषणा लखनऊ में कल होगी

लखनऊ : यूपी के आरटीआई कार्यकर्ता लम्बे समय से यूपी के मुख्य सूचना आयुक्त और सभी 9 सूचना आयुक्तों की कार्यप्रणाली और व्यवहार पर उंगली उठाते रहे हैं. जहाँ एक तरफ आरटीआई कार्यकर्त्ता सूचना आयुक्तों पर उत्पीडन करने और सरकार की चाटुकारिता करने के चलते समय पर सूचना न दिलाने का आरोप लगाते रहे हैं तो वहीं सूचना आयुक्त भी आरटीआई कार्यकर्ताओं पर आरटीआई के नाम पर धन्धेबाजी करने और ब्लैकमेलिंग कर धन उगाही करने के चलते सूचना आयुक्तों पर बेजा दबाव बनाने का आरोप लगाते रहे हैं.