राजस्थान में लोकतंत्र नहीं राजशाही है

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर

बुजुर्गों से राजशाही के बारे मेँ खूब सुना। इतिहास मेँ पढ़ा भी। राजाओं, महारानियों के एक से एक किस्से। उनका राज चलाने का ढंग। उनकी प्रजा के प्रति लगाव और दुराव। राजघरानों मेँ षडयंत्र और राजाओं को हटाने की चालें। राजा की फोटो वाले सिक्के। उनकी तस्वीर वाले दस्तावेज़। ये सब सुन और पढ़ मन मेँ इच्छा होती कि काश! काश मेरा जन्म भी उस दौर मेँ होता जब राजशाही थी। मैं भी देख लेता विभिन्न स्थानों पर उनके फोटो। लेकिन नहीं हुआ। जन्म नहीं हुआ तो नहीं हुआ।