वास्तु विहार घोटाला (5) : भाजपा सांसद मनोज तिवारी के अलावा शशिकांत चौधरी और विनय तिवारी पर भी गबन का मुकदमा

आज कई अखबारों और वेबसाइटों पर वास्तु विहार घोटाले को लेकर मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर है. दरभंगा में भाजपा सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के अलावा इस घोटाले में जिन दो अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है, उनके नाम हैं- शशिकांत चौधरी (कार्यपालक निदेशक बिल्डर वास्तु बिहार मेसर्स दरभंगा) और विनय कुमार तिवारी उर्फ विजय कुमार तिवारी (महाप्रबंधक, वास्तु विहार बी2, ग्रेंड चंद्रा अपार्टमेंट, फ्रेजर रोड, पटना)। इनके विरुद्ध आपराधिक षडयंत्र, ठगी, धोखाधड़ी कर राशि गबन का मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दर्ज कराया गया.

बीजेपी से दिल्ली के सांसद व दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी सहित तीन लोगों के खिलाफ दरभंगा की अदालत में जिन धाराओं में शिकायत दर्ज की गई है, वो इस प्रकार हैं-  धारा 120B, 420, 406, 467, 468 और 471. ये मुकदमा वास्तु विहार प्रोजेक्ट में समय से फ्लैट नहीं देने तथा पैसा वापस मांगने पर आनाकानी करने के कारण नाराज़ एक खरीदार मुन्ना चौधरी ने सीजेएम की अदालत में दर्ज कराई.

शिकायतकर्ता के मुताबिक वास्तु बिहार के ब्रांड एंबेसडर मनोज तिवारी हैं और उन्हीं से प्रभावित होकर उसने इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया. शिकायतकर्ता का कहना है कि मनोज तिवारी का चेहरा देखकर उसने सोचा की उसके साथ ठगी नहीं होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कंपनी ने मेरे साथ ठगी की. मुन्ना के मुताबिक 2013 में उसने वास्तु विहार में फ्लैट बुक कराया था, जिसे बारह महीने बाद कंपनी को बनाकर देना था. कंपनी ने उससे आठ लाख रुपये ले लिए लेकिन उसे आजतक कोई फ्लैट नहीं मिला. पैसा वापस मांगने पर कंपनी की ओर से आनाकानी किया जा रहा है.

एक अखबार में इस बाबत छपी खबर इस प्रकार है…

दर्ज कराई गई शिकायत यूं है…

बनारस से सुजीत सिंह ‘प्रिंस’ की रिपोर्ट.

पूरे प्रकरण को जानने-समझने के लिए इसे भी पढ़ें…

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Vastu Vihar Scam (4) : पटना में भी भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ दर्ज हो चुकी है एफआईआर

वास्तु विहार घोटाले में अलग-अलग जगहों पर मुकदमों का क्रम साल भर पहले से शुरू हो गया लेकिन इस घोटाले पर मीडिया वाले रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं. इस स्कैम का सबसे पहले भड़ास ने खुलासा किया. किसी भी मुख्यधारा के अखबार और चैनल ने वास्तु विहार घाटाले पर एक लाइन नहीं छापा न दिखाया. ऐसा माना जा रहा है कि मीडिया वाले भाजपा के शीर्ष नेताओं और केंद्र-राज्य की सरकारों के दबाव / प्रलोभन के कारण मनोज तिवारी के खिलाफ कुछ नहीं छाप रहे हैं. मनोज तिवारी की जगह अगर यही आरोप आम आदमी पार्टी के किसी नेता पर लगा होता तो सारे चैनल पूरे दिन इसी घोटाले के गड़े मुर्दे खोदते रहते. इसे ही कहते हैं मीडिया का नंगा और दोगला चेहरा.

दरभंगा में भाजपा नेता मनोज तिवारी के खिलाफ चीटिंग व फ्राड का केस फाइल होने के पहले भी एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है. यह एफआईआर पटना साल भर पहले मनोज तिवारी के खिलाफ दर्ज हुई. पटना वाले एफआईआर में मनोज तिवारी समेत कुल नौ लोगों के नाम हैं जो आरोपी वास्तु विहार कंपनी से संबद्ध हैं. मुकदमा एक वकील की पत्नी ने दर्ज कराया जिसने वास्तु विहार कंपनी से एक प्लाट बुक कराया था लेकिन कंपनी अपने अन्य कस्टमर्स की तरह इस महिला को भी न तो प्लाट दे रही और न ही पैसे लौटा रही है.

पटना के गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता रानी देवी ने कहा है कि उसने 2013 में वास्तु विहार कंपनी में 7.86 लाख रुपये निवेश कर दो हजार स्क्वायर फीट का एक प्लाट बुक कराया. उसने यह कदम मनोज तिवारी द्वारा वास्तु विहार कंपनी के ब्रांड एंबेसडर होने और इनके द्वारा वास्तु विहार कंपनी के प्रोजेक्ट का प्रचार प्रसार किए जाने के कारण उठाया. कंपनी ने प्लाट की रजिस्ट्री तो की लेकिन कभी भी प्लाट हैंडओवर नहीं किया. उन्होंने पैसा भी नहीं लौटाया. रानी देवी, जो खुद शिक्षिका हैं और एक वकील की पत्नी हैं, ने बताया कि मनोज तिवारी का नाम एफआईआर में इसलिए डाला गया क्योंकि उन्होंने एक फ्राड कंपनी को प्रमोट किया जिसके कारण हजारों निर्दोष लोगों का पैसा फंस गया.

बनारस से सुजीत सिंह प्रिंस की रिपोर्ट. संपर्क : 9451677071

पूरे प्रकरण को जानने-समझने के लिए इसे भी पढ़ें….

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Vastu Vihar Scam (3) : भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ फ्राड और चीटिंग का केस दर्ज

वाराणसी : जनता के अरबों रुपये लेकर चंपत होने वाली कंपनी वास्तु विहार के ब्रांड अंबेसडर रहे मनोज तिवारी, जो सांसद तो हैं ही, भाजपा दिल्ली के अध्यक्ष भी हैं, के खिलाफ फ्रॉड और चीटिंग का केस दर्ज कर लिया गया है. यह केस एक पीड़ित उपभोक्ता ने बिहार के दरभंगा जिले में दर्ज कराया है.

दरभंगा के चीफ मजिस्ट्रेट विद्यासागर पांडेय की अदालत में मुन्ना चौधरी नामक एक व्यक्ति ने मनोज तिवारी पर चीटिंग और फ्राड का केस दर्ज कराया है. मुन्ना चौधरी का कहना है कि उसने वास्तु विहार कंपनी से एक फ्लैट बुक कराया था लेकिन उसे न तो फ्लैट मिला और न ही कंपनी पैसे वापस दे रही है. मुन्ना चौधरी ने शिकायत में कहा है कि मनोज तिवारी वास्तु विहार कंपनी के ब्रांड अंबेसडर रहे हैं और उनकी शकल देखकर ही उन लोगों ने पैसा लगाया. अगर मनोज तिवारी जैसा शख्स इस प्रोजेक्ट से न जुड़ा होता और फ्लैट बुक करने की अपील न करता तो वो इस प्रोजेक्ट में निवेश नहीं करते.

पीड़ित मुन्ना चौधरी के मुताबिक मनोज तिवारी का चेहरा सामने होने के कारण वह वास्तु विहार कंपनी पर भरोसा कर बैठे और यह मान लिया कि यह कंपनी धोखाधड़ी इसलिए नहीं करेगी क्योंकि इसमें मनोज तिवारी की इज्जत भी दांव पर है. पर ऐसा हुआ नहीं. कंपनी ने न सिर्फ धोखा दिया बल्कि मनोज तिवारी भी चुप्पी साध गए हैं और इस प्रोजेक्ट से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सभी को पता है कि कई राज्यों में वास्तु विहार घोटाले को फलने-फूलने का पूरा काम मनोज तिवारी के चेहरे को आगे रखकर किया गया है.

मुन्ना चौधरी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में वास्तु विहार कंपनी से फ्लैट बुक कराया. कंपनी ने एक साल में फ्लैट देने का वादा किया था. इसके बदले उसने आठ लाख रुपये लिए. अभी तक न तो कंपनी ने पैसा लौटाया और न ही फ्लैट बनाकर दिया. अब जब वो कंपनी से अपना मूल धन वापस मांग रहे हैं तो कंपनी के लोग नए नए बहाने कर रहे हैं.

ज्ञात हो कि वास्तु विहार घोटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में भी खूब फला फूला है. यहां भी सैकड़ों लोग करोड़ों रुपये गंवा कर बैठे हैं और कंपनी से अपना मूल धन वापस पाने के लिए लड़ रहे हैं लेकिन उन्हें न तो मीडिया का समर्थन मिल रहा है और न ही पुलिस प्रशासन कोई सहयोग दे रहा क्योंकि हर जगह भाजपा का राज है और मनोज तिवारी इन दिनों भाजपा के चर्चित चेहरों में से एक हैं.

बनारस से सुजीत सिंह प्रिंस की रिपोर्ट. संपर्क : 9451677071

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Vastu Vihar Scam (2) : ठगी का यह कारोबार भाजपा सांसद मनोज तिवारी के संरक्षण में फला-फूला!

वाराणसी : भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के नाम पर वास्तु विहार कंस्ट्रक्शन कंपनी लगातार ठगी का खेल जनता के साथ खेल रही है… लोग मनोज तिवारी का चेहरा देखकर फंस रहे हैं और ठग कंपनी मालामाल होती जा रही है.. आपको बता दें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में इस ठग कंपनी ने अपना जाल बिछा रखा है और लगातार भोले भाले लोगों को शिकार बनाया जा रहा है.

मिली जानकारी के मुताबिक विनय तिवारी के स्वामित्व वाली इस ठग कंपनी ‘वास्तु विहार कंस्ट्रक्शन’ ने 10 अलग-अलग जगहों पर अपना दफ्तर खोलकर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाला है. कंपनी कम कीमत पर फ्लैट देने का झांसा देकर उगाही का खेल खेलती है लेकिन तय वक्त गुजर जाने के बाद भी किसी को आशियाना नसीब नहीं हुआ.. पीड़ित जनता जब फ्लैट मांगने या फिर अपनी जमा रकम पाने के लिए कंपनी के दफ्तर पर पहुंचती भी है तो उन्हें झूठे आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता है..

इस फ्रॉड कंपनी के झांसे में आने वाले कहते हैं कि वो तो कंपनी के ब्रांड एंबेस्डर मनोज तिवारी के लगे पोस्टर और उनके नाम-शोहरत को देखकर एक अदद आशियाने की आस में धोखे का शिकार हो गए.. असल में शिकार हुए लोग मनोज तिवारी को ही वास्तुविहार का मालिक समझ बैठे और विनय तिवारी की इस ठग कंपनी का छलावा देखिए कि ये महज एक रुपये में ही बुकिंग का दावा करती है.. लोग कहते हैं कि भले ही विनय तिवारी कंपनी चला रहे हों लेकिन कंपनी में जरूर अघोषित हिस्सा मनोज तिवारी का है. तभी तो वह तन मन से कंपनी के हर काम में शामिल रहते हैं और इसके दस्तावेजी प्रमाण भी हैं.. उदाहरण के तौर पर मनोज तिवारी के द्वारा बकायदा भूमि पूजन भी कराया जाता है.. भूमिपूजन उस तस्वीर को कंपनी अपने पोर्टल पर शेयर करती है…

मनोज तिवारी ने खुद को आगे करके वास्तु विहार कंस्ट्रक्शन को अरबों-खरबों दिलाए लेकिन जो निवेशक फ्लैट मांगने जाता है या पैसा वापस चाहता है तो उसे टका सा जवाब मिलता है और इंतजार करने को कहा जाता है. ऐसे में वह ठगा सा निवेश सोचता है कि उसे मनोज तिवारी और उनके गुर्गों ने लूट लिया… इस कंपनी में कोई निवेशक जब फंस जाता है तो वह कंपनी का शिकार हो चुका होता है… जब शिकार फंस जाता है तो उसके पास तिल-तिल घुटने के सिवाय कोई और चारा नहीं बचता है..

इस संदर्भ में जब भी पीड़ित कंपनी के सीएमडी विनय तिवारी को पीड़ित फोन करते हैं तो वे फोन तक नहीं उठाते हैं.. मान लीजिए अगर कभी गल्ती से फोन उठा भी लें तो झूठा भरोसा देकर फोन काट देते हैं.. वैसे वास्तुविहार की धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने मनोज तिवारी से भी कई बार संपर्क किया तो वो अब ये कह कर पल्ला झाड़ गए कि कंपनी उनकी नहीं है, वो तो सिर्फ ब्रांड एंबेस्डर हैं.. लेकिन सवाल उठता है कि अगर कोई कंपनी उनके नाम का इस्तेमाल कर मजबूरों को ठग रही है, वे खुद कंपनी के भूमिपूजन में शामिल हो रहे हैं और उसकी तस्वीर कंपनी अपने पोर्टल से लेकर होर्डिंग तक में प्रकाशित कर रही है तो वो कैसे किनारा कर सकते हैं.. कैसे वो अपने नाम का इस्तेमाल करने दे रहे हैं…

क्या भ्रष्टाचार मुक्त देश का दावा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी के वादे का वो माखौल नहीं उड़ा रहे हैं… या वो खुद को सबसे उपर समझ रहे हैं… सवाल उठता है कि यदि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है तो वो खुद को बेदाग कैसे कह सकते हैं… आखिर तिवारी अपनी नैतिक जिम्मेदारी से क्यों भाग रहे हैं… उन्होंने कंपनी से अपना नाता क्यों नहीं तोड़ा और छले गए निवेशकों को फ्लैट या पैसे क्यों नहीं दिला रहे हैं… अभी हाल में ही मोदी सरकार ने संसद में कानून पारित किया है जिसमें विज्ञापन करने वालों को भी ठगी के दायरे में मानने की बात कही गई है… तो क्या मनोज तिवारी एक तरह से ठगों के संरक्षक के रूप में नजर नहीं आ रहे हैं…

बनारस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे बीएचयू के पढ़े हैं और मनोज तिवारी का पोस्टर देखकर मान लिया कि यह प्रोजेक्ट ठीकठाक रहेगा, इसलिए निवेश कर दिया. उनका काफी पैसा फंस गया है… वे जब कंपनी से फ्लैट देने या पैसे लौटाने की बात करते हैं तो वे लोग टालते रहते हैं… उन्होंने भड़ास4मीडिया टीम से अपील की कि पूरे प्रकरण को मनोज तिवारी के समक्ष ले जाया जाए ताकि वे पीड़ित निवेशकों को न्याय दिला सकें.

देखिए कुछ तस्वीरें…

बनारस से सुजीत सिंह प्रिंस की रिपोर्ट. संपर्क : 9451677071


अगर आप भी वास्तु विहार कंस्ट्रक्शन कंपनी और इसके प्रवर्तकों / संरक्षकों द्वारा ठगे गए हैं तो पूरी जानकारी bhadas4media@gmail.com पर मेल कर दें. आपके अनुरोध करने पर आपका नाम पहचान पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा. -संपादक, भड़ास4मीडिया

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Vastu Vihar Scam (1) : भाजपा सांसद मनोज तिवारी के ‘संरक्षण’ में एक ठग कंपनी ने जनता से की अरबों की लूट

Yashwant Singh : बीजेपी दिल्ली के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने किस तरह अपने खास लोगों को वास्तुविहार कंस्ट्रक्शन कंपनी के जरिए जनता को लूटने की छूट दी, किस तरह वे लूट के इस खेल में अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहे, इसका खुलासा जल्द भड़ास पर होगा. मनोज तिवारी द्वारा ‘संरक्षित’ वास्तुविहार कंस्ट्रक्शन कंपनी के जाल में लोग मनोज तिवारी का चेहरा देखकर फंस रहे हैं और ठग कंपनी मालामाल होती जा रही है.

इस ठग कंपनी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में जाल बिछा रखा है और लगातार भोले भाले लोगों को शिकार बनाया जा रहा है. अगर आपके संपर्क में भी किसी व्यक्ति का धन इस कंपनी में डूबा हो तो कृपया सामने आएं. डिटेल लिख कर bhadas4media@gmail.com पर भेज दें, उसे भी भड़ास पर आने वाली खबर में शामिल किया जाएगा.

याद रखिए, इस खुलासे को कोई चैनल या अखबार नहीं दिखाएगा… वजह आप खुद जानते होंगे… लगभग सारे चैनल और लगभग सारे अखबार जब धंधा बिजनेस लाभ स्वार्थ के लिए भगवा रंग में हर हर हो चुके हों तो सच्चाई सामने लाने का काम सोशल मीडिया और वेब माध्यमों को ही करना पड़ेगा… खोजी पत्रकारों के लिए बनारस की वास्तु विहार कांस्ट्रक्शन कंपनी और वास्तु विहार प्रोजेक्ट शोध का विषय है.. लग जाएं…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

पूरे प्रकरण का खुलासा पढ़ने के लिए नीचे दिए शीर्षकों पर क्लिक करें :

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