विभूति रस्तोगी बने राष्ट्रीय उजाला के दिल्ली ब्यूरो चीफ

दिल्ली से हाल ही में लांच हिन्दी अखबार राष्ट्रीय उजाला में वरिष्ठ पत्रकार विभूति कुमार रस्तोगी ने दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी नई पारी की शुरूआत की है। वह लगातार 11 सालों तक दैनिक जागरण दिल्ली में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।

दिल्ली के पत्रकार विभूति रस्तोगी के बुजुर्ग पिता से बिहार में 20 लाख की रंगदारी मांगी, मीडिया से मदद की गुहार

जब से बिहार में लालू प्रसाद यादव के मिलकर नीतीश कुमार का राज आया है तब से लूटपाट, फिरौती और दिनदहाड़े रंगदारी की मांग में दिनोंदिन बढोतरी होती जा रही है। या यूं कहें कि सुशासन राज की जगह अब बिहार में एक बार फिर से जंगलराज फैलता जा रहा है। वैसे तो रोज इस तरह के मामले बिहार में आ रहे हैं जिसमें धमकी देकर रंगदारी वसूलना और अपहरण-फिरौती मांगी जा रही है लेकिन ताजा मामला एक पत्रकार के परिवार से जुड़ा है और पूरा परिवार बेहद सदमे में है।

राजनीति को मनुष्य के पक्ष में काम करने की जरुरत है- डॉ. विभूति नारायण राय

लखीसराय (बिहार) : बिहार प्रगतिशील लेखक संघ के दो दिवसीय राज्य सम्मलेन विभूति नारायण राय ने कहा कि हम साहित्य को समाज से जोड़कर देखते हैं. पिछ्ला सौ वर्ष असाधारण समय रहा. दुनिया में नास्तिकता चौथे सबसे बड़े धर्म के रूप में उभरी है. पहले ईश्वर निर्विरोध होते थे. पिछले सौ वर्षों में ईश्वर के साथ-साथ परिवार को भी चुनौती मिली है. आज दुनिया के बहुत से देशों में समलैंगिकता को मान्यता मिल रही है. कुछ वर्ष पहले जिसे स्वीकारा नहीं जाता था, उसे स्वीकारा जा रहा  है.  संस्थाएं बनाना कठिन होता है, उसे तोड़ना आसान। बड़े सपने देखना राज्यविरोधी हो रहा है। राजनीति को मनुष्य के पक्ष में काम करने की जरूरत है.