वीमन जर्नलिस्ट डे पर स्त्री-विमर्श और पांच महिला पत्रकारों का सम्मान पांच अप्रैल को

जयपुर : महिलाओं के जीवन में होने वाले संघर्षों को रेखांकित करती व्याख्यानमाला में स्त्री संघर्ष पर विमर्श और चिंतन करने के लिए महिला मुद्दों की प्रखर लेखिका मैत्रेयी पुष्पा गुलाबी नगर आ रही हैं। नेक्सजेन की ओर से मनाए जाने वाले इंटरनेशनल वीमन जर्नलिस्ट डे के अवसर पर 5 अप्रेल 2015 को कानोडिया गर्ल्स कॉलेज में आयोजित व्याख्यानमाला में मैत्रेयी पुष्पा के अलावा ब्रॉडकास्ट एडीटर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री एवं वरिष्ठ पत्रकार एन.के. सिंह ‘‘पत्रकारिता में महिलाओं की भूमिका, चुनौतियां एवं नये आयाम’’ विषय पर अपने विचार प्रकट करेंगे। 

बुधवार को इंटरनेशनल वीमन जर्नलिस्ट डे का लोगो जारी किया गया। 

विमर्श इस पर भी हो कि हम और आप, किस भारत से विमर्श करें?

मैं अपने पुराने कुलीग से मिला..जो इंडियन एक्सप्रेस में साथ थे..और फिर हिंदुस्तान टाइम्म में भी एडीटर्स रैंक में रहे। दसेक महीने पहले उन्होंने बेवसाइट पर अपनी कंपनी शुरू की थी. जो नए वेंचर्स के लिए एकमुश्त जानकारी देती है. साथ ही भारत के बारे में डेटा उपलब्ध कराती है।

‘मीडिया विमर्श’ के गुजराती पत्रकारिता विशेषांक का विमोचन

रायपुर : भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने निवास पर जनसंचार के सरोकारों पर केन्द्रित पत्रिका “मीडिया विमर्श” के गुजराती पत्रकारिता विशेषांक का विमोचन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर, पत्रिका के प्रबंध सम्पादक प्रभात मिश्र, संपादक मंडल की सदस्य डॉ सुभद्रा राठौर, वरिष्ठ पत्रकार अनिल द्विवेदी सहित युवा पत्रकार हेमंत पाणिग्राही, बिकास कुमार शर्मा, मनीष शर्मा एवं रोहित साहू उपस्थित थे।

भविष्य के मीडिया की चुनौतियों पर आलोक तोमर स्मृति-विमर्श 20 मार्च को

दिल्ली : हिंदी पत्रकारिता के आधुनिक स्तंभ माने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार स्व. आलोक तोमर के चतुर्थ स्मृति दिवस पर शुक्रवार, 20 मार्च, 2015 को ‘भविष्य के मीडिया की चुनौतियां’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। रफी मार्ग, नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में कार्यक्रम का समय अपराह्न 4:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक है। 

A lecture on ‘Role of Media in Intellectual Growth of the Nation’ was organised by Journalism University

Bhopal, January 30: Every nation has its own nature and behaviour. And development could b achieved only when the policies are made according to the nature otherwise there will be deformation. The first intellectual development of the human beings occur at the home and then in the society. Today, media has to play a great role in the intellectual growth of the human beings. Therefore, media should first understand the cultural India then transfer the knowledge to the people.

संस्थाओं का सृजन हो तो उसका विसर्जन भी हो : अनुपम मिश्र

नई दिल्ली । पर्यावरणविद् और ‘गांधी मार्ग’ के संपादक अनुपम मिश्र ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर सामाजिक या गैर सरकारी संस्थाओं का सृजन जरूर करना चाहिए लेकिन एक समय आने पर हमें इसके विसर्जन के बारे में भी सोचना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे टांग टूटने पर  पलास्टर लगाया जाता है, लेकिन उसके ठीक होने के बाद हम पलास्टर हटा देते हैं। मिश्र सेंटर फॉर डेवलपिंग सोसायटी की साऊथ एशियन डायलॉग आॅन इकोलाजिकल डेमोक्रेसी योजना के तहत इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित दो दिन की राष्ट्रीय कार्यशाला के आखिरी दिन एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस विशेष सत्र के व्याख्यान का विषय ‘संस्था, समाज और कार्यकर्ता का स्वधर्म’ था। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देशों में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भाग ले रहे थे।

CM Okram Ibobi hums Majithia Wage Board tune

IMPHAL : The mandatory tripartite committee comprising of working journalists, publishers and Government representatives has already been formed and the State Government is fully committed to implement the Justice Majithia Wage Board in the State, said Chief Minister Okram Ibobi while speaking at the inaugural function of the three-day National executive meeting of the Indian Journalists Union (IJU) at the banquet hall of 1st Manipur Rifles today.

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर उपजा ने मनाया समारोह, पत्रकारिता की जीवंतता पर छिड़ी बहस

लखनऊ। राज्य विधानसभा के अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने मीडिया जगत, खासकर अखबारों में काम करने वाले पत्रकारों का आह्वान किया है कि वे अच्छी खबरें लिखकर समाज में सकारात्मक सोच पैदा करें। माता प्रसाद पाण्डेय ने मीडिया काउंसिल की पुरजोर वकालत की। पाण्डेय रविवार को राजधानी में राष्ट्रीय प्रेस दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) और इसकी स्थानीय इकाई ‘लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ ने संयुक्त रूप से किया था।