I got my pending salary according to Majithia wage board : Vinay Bihari Singh

मित्रों, मुझे इंडियन एक्सप्रेस लिमिटेड ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार मेरा बकाया वेतन की पहली किस्त पिछले सोमवार यानी 25 मई 2015 को दे दिया। मैं इंडियन एक्सप्रेस समूह के ‘जनसत्ता’ के कोलकाता संस्करण में 21 साल काम करने के बाद 31 दिसंबर 2012 को रिटायर हुआ।  पहली किस्त Rs. 86,746/ की मिली है। मेरी भूतपूर्व कंपनी का कहना है कि बाकी दो किस्तें (इतनी ही रकम) सन 2016 औऱ सन 2017 में मिलेंगी। उनका कहना है कि वे किसी मुकद्दमें की वजह से इसे नहीं दे रहे हैं, बल्कि मजीठिया वेज बोर्ड का बकाया देना तो उनके उचित व्यवहार में शामिल है।

संस्कृत भाषा जीवित है, उसे कोई मार नहीं सकता

भाई, संस्कृत भाषा मर नहीं सकती। अब यह मत सोचिए कि मैं ब्राह्मण हूं क्या? नहीं भाई मैं ब्राह्मण नहीं हूं। लेकिन ब्राह्मण होता तो भी यही लिखता जो अभी लिख रहा हूं। और भाई ब्राह्मणों ने किसी भाषा की हत्या नहीं की। किसी भी जाति विशेष पर हमें कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। अब आइए संस्कृत के अस्तित्व की बात पर। करोड़ो लोग प्रतिदिन  भगवत् गीता का पाठ करते हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। महामृत्युंजय जाप करते हैं। रोज, बिना किसी नागा के। अन्य पुस्तकों का सस्वर पाठ करते हैं पूजा के वक्त। और वे जो पाठ करते हैं, उसका अर्थ भी जानते हैं। भगवान शिव की दिव्य स्तुति-

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेहं।।