उन्मादी भीड़तंत्र और बेबस काशीनाथ सिंह

विष्णु राजगढ़िया

सोशल मीडिया ने एक नए किस्म का उन्माद पैदा किया है। फोटोशॉप, फर्जी ऑडियो-वीडियो और फेक न्यूज़ के सामने सत्य और विवेक की जगह नहीं रही। इसका ताजा शिकार बने हैं चर्चित वयोवृद्ध हिंदी लेखक काशीनाथ सिंह। उनके नाम से जारी एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया में घूम रहा है। प्रधानमंत्री के नाम इस कथित पत्र में पनामा दस्तावेज संबंधी मामला उठाया गया है। काशीनाथ जी ने जब स्पष्ट किया कि यह उनका लिखा पत्र नहीं है, तब उन पर संघर्ष से भागने का आरोप लगाकर अपमानित किया जा रहा है। उन्माद का यह दौर हतप्रभ करने वाला है।

मूर्खों का लोकतंत्र मुबारक!

बिहार में सता और सियासत के उठापटक पर एफबी पर लिखे-बांचे गए सैकड़ों स्टेटस-कमेंट्स में से मुझे झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार विष्णु राजगढ़िया भाई की ये वाली टिप्पणी सबसे शानदार लगी. उनकी बिना अनुमति लिए अपने वॉल / पोर्टल पर अपलोड कर रहा हूं. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया


Vishnu Rajgadia : मूर्खों का लोकतंत्र मुबारक! बिहार की दुर्दशा के असल कारण खोजिये. पहले बीजेपी धारा अलग थी, समाजवादी धारा अलग. कांग्रेस के खिलाफ 1977 में दोनों एक हो गए. फिर अलग हो गए. समाजवादी खुद भी बिखर गए. लालू अलग, नीतिश अलग. भाजपा के खिलाफ लालू-कांग्रेस एक हो गए। उधर लालू के खिलाफ बीजेपी-नीतीश मिल गए. फिर बीजेपी-नीतीश भी अलग हो गये.

संपादक पर ठगी के विज्ञापन का दायित्व क्यों न हो?

Vishnu Rajgadia : संपादक पर ठगी के विज्ञापन का दायित्व क्यों न हो? किसी राज्य में भूख से किसी एक इंसान की मौत होने पर राज्य के मुख्य सचिव को जवाबदेह माना गया है। जबकि मुख्य सचिव का इसमें कोई प्रत्यक्ष दोष नहीं। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने सीधे मुख्य सचिव पर दायित्व सौंपा है ताकि राज्य की मशीनरी दुरुस्त रहे।

यह ठगी है तो इस देश में कोई है जो इसे रोक सके!

Vishnu Rajgadia : यह ठगी है तो इस देश में कोई है जो इसे रोके? भारत सरकार द्वारा निर्मल भारत अभियान और स्वास्थ्य अभियान चलाये जाते हैं। अमर उजाला में चार जनवरी को एक विज्ञापन आया है। कोई ”अभियान फाउंडेशन” है जो यूपी में इन योजनाओं के लिए दसवीं बारहवीं पास बेरोजगारों को 11000 तक की नौकरी देगा। कुल 33072 पद हैं। अगर वाकई नियुक्ति हुई तो हर महीने सिर्फ वेतन में 30 करोड़ खर्च होगा। साल में लगभग 350 करोड़। केंद्र या राज्य सरकार के पास ऐसी कौन सी योजना है? या कि इस ”अभियान फाउंडेशन” को सीधे कुबेर का खजाना हाथ लग गया? मजे की बात यह है कि नौकरी लगेगी यूपी में, और आवेदन जमा होगा रांची जीपीओ के पोस्ट बाॅक्स नंबर 97 में।