विष्णु त्रिपाठी का खेल, दैनिक जागरण की बन गई रेल

दैनिक जागरण में संपादक पद की शोभा बढ़ाने वाला स्वनामधन्य विष्णु त्रिपाठी किस प्रकार गेम करके अखबार को क्षति पहुंचा रहा है उसकी एक बानगी हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। मजीठिया मामले में मालिकों से बुरी तरह लताड़े जाने के बाद अब मालिकों के बीच अपनी छवि चमकाने के लिए विष्णु त्रिपाठी रोज नई नई चालें चल रहे हैं।पिछले दिनों रेल बजट और आम बजट के दौरान सेंट्रल डेस्‍क को नीचा दिखाने और अपनी वाहवाही करवाने की अपने गुर्गों के सहारे चली चालें उल्‍टी पड़ गई लगती हैं। प्‍लान ये था कि बजट और रेल बजट से सेंट्रल डेस्‍क को अलग कर यह दिखाया जाए कि इन महत्‍वपूर्ण अवसरों पर सेंट्रल डेस्‍क की भूमिका न के बराबर है। और इस तरह सेंट्रल डेस्‍क पर अपने चपाटियों के हवाले करने की साजिश कुछ इस तरह रची गई।

दैनिक जागरण, हिसार के वरिष्ठ समाचार संपादक विनोद शील ने पीसी ज्वैलर्स के लकी ड्रॉ में कार जीती!

: पत्रकार को इनाम देकर कहीं उसका ईमान तो नहीं खरीदा जा रहा! : ये दीवाली का इनाम है या हरियाणा विधानसभा चुनाव का? यह सवाल है। इस सवाल का उठना भी लाजिमी है क्योंकि यह इनाम किसी आम आदमी को नहीं, किसी खास को मिला है। खास इसलिए कि पुरस्कार पाने वाले दैनिक जागरण, हिसार में बतौर वरिष्ठ समाचार संपादक कार्यरत हैं। नाम है विनोद शील। नोएडा से लेकर कानपुर तक में दैनिक जागरण की सेवा करते-करते हिसार आ गए हैं। इन्हीं के बारे में अभी-अभी खबर मिली है कि विनोद शील यानि दैनिक जागरण, हिसार के वरिष्ठ समाचार संपादक ने पीसी ज्वैलर्स के लकी ड्रॉ में कार जीती है।