सुषमा और नरेंद्र मोदी के मुंह से नौकरशाहों ने ऐसी बात कहलवा दी, जो कोई महामूर्ख ही कह सकता है

भोपाल में हुए 10 वें विश्व हिंदी सम्मेलन से बहुत आशाएं थीं. विदेशों में होनेवाले विश्व हिंदी सम्मेलनों से इतनी आशा कभी नहीं रहती थी, क्योंकि सबको पता रहता है कि वे तो सैर-सपाटा सम्मेलन ही होते हैं. हिंदीवालों को विदेशों में कौन पूछता है? वे हिंदी के नाम पर मुफ्त में सैर-सपाटा कर आते हैं. लेकिन इस बार लगभग तीस साल बाद यह सम्मेलन भारत में हुआ. भारत में होने के बावजूद इसे विदेश मंत्रालय ने क्यों आयोजित किया? विदेश मंत्रालय का हिंदी से क्या लेना-देना? विदेश मंत्रालय तो अंग्रेजी की गुलामी का सबसे बड़ा गढ़ है. हमारी विदेश नीति कई बार सिर्फ अंग्रेजी के कारण ही गच्चा खा जाती है.

जानिए, स्वच्छता अभियान की मुखिया आईएएस विजयलक्ष्मी जोशी ने इस्तीफा क्यों दिया

केंद्र सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी विजयलक्ष्मी जोशी ने अपनी नौकरी से हाथ धो लिये हैं। वे मूलतः गुजरात केडर की हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए कारण यह बताया है कि उनके माता-पिता की तबियत बहुत खराब रहती है। उन्हें उनकी सेवा करनी है। यह तो बहाना है। असली कारण यह है कि प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो पा रहा है। उसके कारण सरकार की काफी बदनामी हो रही है। मजाक उड़ा रहे हैं लोग। जाहिर है कि ऐसी बातों से सरकार नाराज़ होगी।