केजरी में हवा मत भरिए, गुब्बारे को फूटने दें : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : केजरीवाल में ज्यादा हवा भरने की गुंजाइश नहीं बची है Madan Tiwary जी. नहीं मानिएगा और भरते रहिएगा तो अप्राकृतिक दुर्घटना हो जाएगी और वो फट जाएगा…जिससे अंग प्रत्यंग छितरा जाएगा… देखिएगा, कार्यकाल पूरा होते वह खुदे राजनीति छोड़ कर भाग जाएगा… कहेगा कि कहां फंस गया था, एनजीओ वाला कमवा ही ठीक था 🙂

यशवंत की कुछ एफबी पोस्ट्स : चींटी-केंचुआ युद्ध, दक्षिण का पंथ, मार्क्स का बर्थडे और उदय प्रकाश से पहली मुलाकात

Yashwant Singh : आज मैं और Pratyush Pushkar जी दिल्ली के हौज खास विलेज इलाके में स्थित डिअर पार्क में यूं ही दोपहर के वक्त टहल रहे थे. बाद में एक बेंच पर बैठकर सुस्ताते हुए आपस में प्रकृति अध्यात्म ब्रह्मांड आदि की बातें कर रहे थे. तभी नीचे अपने पैर के पास देखा तो एक बिल में से निकल रहे केंचुए को चींटियों ने दौड़ा दौड़ा कर काटना शुरू किया और केंचुआ दर्द के मारे बिलबिलाता हुआ लगा.

रवीश कुमार की भड़ास से क्यों फटती है?

रवीश कुमार की भड़ास से क्यों फटती है? इसलिए फटती है क्योंकि उसके मालिक प्रणय राय की काली करतूत को भड़ास गाहे बगाहे खोलता रहता है. उसके मालिक के प्रगतिशील खोल में छिपे भ्रष्टाचारी चेहरे को नंगा करता रहता है. जाहिर है, रवीश कुमार भी नौकर है. सो, वह खुद के मीडिया हाउस की पोल खोलने वाली वेबसाइट का जिक्र भला कैसे कर सकता है. दूसरे मीडिया हाउसों पर उंगली उठाने वाले और उन्हें पानी पी-पी कर गरियाने  वाले रवीश कुमार की हिप्पोक्रेसी की हकीकत यही है कि वह करप्शन में आकंठ डूबे अपने मीडिया समूह एनडीटीवी ग्रुप की काली कहानी पर कुछ नहीं बोल सकता.

Goibibo Car Service Fail : दो घंटे तक नहीं आई कार, अब दे रहे रिफंड का लॉलीपाप

Yashwant Singh : पिछले कुछ समय में तकनीक ने लोगों का जीवन काफी आसान किया है. ब्ला ब्ला के जरिए कार शेयरिंग, ओयो के जरिए होटल, ओला-उबेर के जरिए रेंट पर कार आदि के विकल्प शुरू हुए. इनके एप्प इंस्टाल करिए स्मार्टफोन में और हो जाइए शुरू. गोइबिबो नामक कंपनी ने जो होटल दिलाने के लिए काम करती है, पिछले दिनों रेंट पर कार की सर्विस शुरू की. मैंने पिछले दिनों कार बुक किया. तय समय से करीब दो घंटे तक कार नहीं आई.

माई लॉर्ड ने वरिष्ठ पत्रकार को अवमानना में तिहाड़ भेजा पर मीडिया मालिकों के लिए शुभ मुहुर्त का इंतजार!

…सहारा का होटल न खरीद पाने वाले चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का दोषी मान कर आनन-फानन में जेल भेज दिया… यह वरिष्ठ पत्रकार गिड़गिड़ाता रहा लेकिन जज नहीं पसीजे… पर मीडिया मालिक तो खुद एक बार सुप्रीम कोर्ट के सामने उपस्थित तक नहीं हुए और कोर्ट को चकरघिन्नी की तरह हिलाडुला कर, कोर्ट से समय पर समय लेकर अघोषित रूप से ललकारने में लगे हैं कि जेल भेज सको तो जरा भेज कर दिखाओ….

‘मीडिया के सरताज’ लिस्ट में भड़ास वाले यशवंत का भी नाम

फेम इंडिया और एशिया पोस्ट नाम पत्रिकाओं की तरफ से ‘मीडिया के सरताज वर्ष 2017’ के लिए किए गए सर्वे में भड़ास वाले यशवंत का भी नाम आया है. फेम-इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे में न्यू मीडिया कैटगरी में एक प्रमुख सरताज के तौर पर यशवंत सिंह को चिन्हित किया गया.

भड़ासानंद कहिन (2)- योगीजी खाने का मेनू एबीपी न्यूज देखकर तय करते हैं! (देखें वीडियो)

एबीपी न्यूज देख कर अपने खाने का मेनू तय करते हैं योगी जी… आजतक वाले योगी जी के बेडरूम में भी घुस जाते हैं ब्रेकिंग न्यूज के चक्कर में… मीडिया के संपादक लोग आखिर क्यों सीएम से मिलने जाते हैं लाइन लगा कर..  सुनिए भड़ासानंद कहिन… यशवंत की जुबानी… मीडिया की अल्टीमेट कहानी..

अविनाश दास की ‘अनारकली’ यशवंत को नहीं आई पसंद, इंटरवल से पहले ही बाहर निकल आए

Yashwant Singh : अनारकली आफ आरा कल देख आया. नोएडा सिटी सेंटर के पास वाले मॉल के सिनेमा हॉल में. इंटरवल से पहले ही फिल्म छोड़कर निकल गया. मेरे साथ एक संपादक मित्र थे. फिल्म बहुत सतही थी. जैसे मीडिया वाले टीआरपी के लिए कुछ भी दिखा देते हैं, पढ़ा देते हैं, वैसे ही सिनेमा वाले बाक्स आफिस के चक्कर में कुछ भी बना देते हैं. याद करिए वो दौर, जब सेमी पोर्न सिनेमा रिक्शे वालों के लिए बना करती थी और वो अच्छी कमाई भी करती थी. इन सिनेमा के बीच बीच में रियल पोर्न क्लिप भी चला दिया जाता था ताकि काम कुंठित दर्शक पूरा पैसा वसूल वाला फील लेकर जाए.

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने से होने वाले एक बड़े फायदे के बारे में बता रहे यशवंत

Yashwant Singh : योगी आदित्यनाथ के सीएम बन जाने से एक बड़ा फायदा ये है कि यूपी के सीएम को अब अपने परिवार के लोगों के लिए सांसदी, मंत्रालय, ठेका, उगाही आदि के लिए प्रयास नहीं करना होगा. मुलायम और अखिलेश के सीएम वाले कार्यकाल में इनके कुनबे के जितने लोग सांसद विधायक बने, जितने लोग मंत्री बने, जितने लोग ठेका पट्टी से जमकर लूटे, जितने लोग ट्रांसफर पोस्टिंग से ठूंस कर कमाए यानि इन लोगों ने अपने कार्यकाल में अपने और अपने कुनबे के जरिए जितना माल दूहा, इकट्ठा किया-कराया है, अगर वो सब जब्त कर मेरे पूर्वी उत्तर प्रदेश इलाके के हर घर के प्रत्येक सदस्य के बीच वितरित कर दिया जाए तो हर एक को कम से कम एक-एक लाख रुपया मिल जाएगा…

रोमियो स्क्वाड वाले इशू पर अतिरेक में आकर न लिखें, यह भी सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी टाइप मुद्दा है : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : रोमियो स्क्वाड वाले इशू पर अतिरेक में आकर मत लिखिए. यह भी सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी टाइप का ही मुद्दा है. जमीन पर लोग इसे बहुत जरूरी बता रहे हैं. कई लोगों की बात सुन कर और कई लोगों से बात करने के बाद लिख रहा हूं. आप आजादी, स्वतंत्रता, प्रेम आदि का राग अलापते रहिए लेकिन जमीन पर लोग शोहदों के आतंक से त्रस्त थे. मैं भी आप की ही तरह सोच रहा था कि रोमियो स्क्वाड के जरिए यूपी पुलिस बच्चों को परेशान कर रही है.

यशवंत का विकास, ब्रह्मांड और अध्यात्म चिंतन

Yashwant Singh : ब्रह्मांड में ढेर सारी दुनियाएं पृथ्वी से बहुत बहुत बहुत पहले से है.. हम अभी एक तरह से नए हैं.. हम अभी इतने नए हैं कि हमने उड़ना सीखा है.. स्पीड तक नहीं पकड़ पाए हैं.. किसी दूसरे तारे पर पहुंचने में हमें बहुत वक्त लगेगा.. पर दूसरी दुनियाएं जो हमसे बहुत पहले से है, वहां संभव है ऐसे अति आधुनिक लोग हों कि अब वे टेक्नालजी व बाडी को एकाकार कर पूरे ब्रह्मांड में भ्रमण कर रहे हों, कास्मिक ट्रैवल पर हों…उनके लिए हमारे रेडियो संदेश इतने पिछड़े हों कि वे उसे इगनोर कर दें या पढ़ कर जवाब दें तो उस जवाब को समझने में हमें सैकड़ों साल लग जाएं….

एक औघड़ की आह से तबाह होना ही था अखिलेश राज को!

यूपी में रक्तहीन क्रांति पर भड़ास एडिटर यशवंत की त्वरित प्रतिक्रिया- ‘मीडियाकर्मियों का अंतहीन उत्पीड़न करने वाले अखिलेश राज का खात्मा स्वागत योग्य’

Yashwant Singh : यूपी में हुए बदलाव का स्वागत कीजिए. सपा और बसपा नामक दो लुटेरे गिरोहों से त्रस्त जनता ने तीसरे पर दाव लगाया है. यूपी में न आम आदमी पार्टी है और न कम्युनिस्ट हैं. सपा और बसपा ने बारी बारी शासन किया, लगातार. इनके शासन में एक बात कामन रही. जमकर लूट, जमकर झूठ, जमकर जंगलराज और जमकर मुस्लिम तुष्टीकरण. इससे नाराज जनता ने तीसरी और एकमात्र बची पार्टी बीजेपी को जमकर वोट दिया ताकि सपा-बसपा को सबक सिखाया जा सके.

यशवंत का भड़ासी चिंतन- पार्ट एक और दो : मनुष्यता से इस्तीफा देने का वक्त आ गया है…

Yashwant Singh : भड़ासी चिंतन पार्ट वन… उम्र और अनुभव के इस नाजुक व कमसिन पड़ाव पर पहुंच कर, फेसबुक को साक्षी मानते हुए, आप सभी के कपार पर अपना हाथ रखकर कसम खाते हुए… होश में रहकर पूरे जोश के साथ ऐलान करना चाहूंगा कि…..

किसी को वोट दे लेना, पर सपा को नहीं… वजह बता रहे भड़ास एडिटर यशवंत

Yashwant Singh : हे मीडिया के साथियों, यूपी चुनाव में सपा को जरूर हराना. वोट चाहे बसपा को देना या भाजपा को या रालोद को या किसी को न देना, लेकिन सपा को कतई मत देना. वजह? सिर्फ पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड. अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में उनके मंत्री राममूर्ति वर्मा के कहने पर कोतवाल और सिपाहियों ने पत्रकार जगेंद्र को शाहजहांपुर में जिंदा जला दिया था. जगेंद्र ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में मंत्री राममूर्ति वर्मा का नाम लिया था. जगेंद्र ने राममूर्ति के खिलाफ कई खबरें लिखी थीं. मंत्री राममूर्ति तरह तरह से जगेंद्र को धमकाता रहता था. जगेंद्र लिख चुके थे कि मंत्री राममूर्ति उसे मार डालना चाहता है क्योंकि वह उसकी पोल खोलता रहता है.

भ्रष्ट पत्रकारिता पर यशवंत का लेक्चर (देखें वीडियो)

लखनऊ की चर्चित खोजी मैग्जीन ‘दृष्टांत’ के 15 बरस पूरे होने पर 14 जनवरी 2017 को आयोजित जलसे में आजकल की पत्रकारिता पर भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने एक लंबा लेक्चर दिया. यह वीडियो वहां उपस्थित एक पत्रकार ने अपने मोबाइल से बनाया.

दृष्टांत मैग्जीन के जलसे में लखनऊ पहुंचे यशवंत सेहत बनाने में जुटे (देखें वीडियो)

लखनऊ से प्रकाशित होने वाली खोजी पत्रिका ‘दृष्टांत’ के 15 बरस पूरे होने के जलसे में अनूप गुप्ता भाई ने मुझे लखनऊ बुलाकर होटल कंफर्ट इन के जिस 101 नंबर के कमरे में ठहराया, उसके ठीक बगल में जिम था. जीवन में कभी जिम नहीं गया. ज्यादा या कम कभी जरूरत महसूस हुई तो घर बाहर पार्क दुआर खेत में ही कहीं बंदर की तरह कूदफांद भाग कर, रामदेव स्टाइल में फूं फां कर एक्सरसाइज कर लिया. जेल प्रवास के दौरान कई किस्म के एक्सरसाइज एक बंदी योग गुरु ने सिखाए थे, जिसे बाहर के जीवन में अक्सर आजमा लिया करता हूं. इस तरह जिम जाने की नौबत नहीं आई.

शराब बंद किया तो शरीर भोजन के नशे की गिरफ्त में आ गया!

Yashwant Singh :  भोजन भी एक तरह का नशा होता है. शरीर मांगता रहता है. रोता रहता है खाने के लिए. खाने के तरह तरह के खुशबू खींचते रहते हैं, दिमाग में धमाचौकड़ी मचाए रहते हैं. शराब बंद हुआ तो महसूस किया कि खाने की लत लग गई है, भोजन के नशे की गिरफ्त में हूं. सुबह दोपहर शाम रात. और इसके बीच में भी चटर पटर मटर चालू. लगा कि ये तो मुझे संचालित कर रहा है. इससे भी मुक्ति जरूरी है. पूरा शरीर खाने और पचाने में फुल स्पीड से जुटा पड़ा है.

यूपी का महाभ्रष्ट मंत्री गायत्री प्रजापति आजकल मुलायम और अखिलेश दोनों की आंखों का तारा-दुलारा हो गया है!

Yashwant Singh : दिन रात नरेंद्र मोदी के खिलाफ लिख-लिख के इस शख्स को पीएम बनवा चुके सेकुलर / कामरेड / दलित / पिछड़े / मुस्लिम किस्म के भाइयों-बहनों से अनुरोध करूंगा कि कभी-कभी अपने ‘घर-परिवार’ यानि सपा-बसपा की कारस्तानी पर भी कलम चला लिया करें. उत्तर प्रदेश का महाभ्रष्ट मंत्री गायत्री प्रजापति आजकल मुलायम और अखिलेश की आंखों का तारा दुलारा हो गया है. बरेली में मंच पर भाषण दे रहे नेताजी मुलायम सिंह यादव अपनी बात सीएम अखिलेश यादव तक पहुंचाने के लिए बार बार गायत्री प्रजापति को निरखते-संबोधित करते रहे.

…तो अब गिरने के बाद दारु छोड़ देंगे भड़ास वाले यशवंत!

पत्रकारिता की दुनिया में भड़ास4मीडिया के जरिये भूचाल ला देने वाले देश के चर्चित पत्रकार यशवंत सिंह बीती रात्रि बाथरूम में गिरकर घायल हो गए! ईश्वर की कृपा यह रही कि उन्हें ज्यादा गंभीर चोट नहीं आयी लेकिन इस घटना से पत्रकारिता की दुनिया में नई क्रान्ति आने की संभावनाएं जग गयी है। मैं दरअसल ऐसा इसलिए लिख रहा हूँ कि इस घटना से यशवंत सिंह से दारु पीने की बुरी लत छूट सकती है। यदि ऐसा होता है तो यशवंत सिंह की सबसे बड़ी बुराई दूर हो जाएगी और वह पहले से ज्यादा अपनी कलम को धार दे सकेंगे!

दुर्घटना में भड़ास संपादक यशवंत बुरी तरह घायल

(आपरेशन थिएटर से बाहर लाए जाते यशवंत)

नई दिल्ली : भड़ास4मीडिया डाट काम के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह बीती रात बुरी तरह जख्मी हो गए. उनके माथे में गहरी चोटें आई हैं. वे बाथरूम में गिर पड़े थे जिसके कारण नल की टोंटी उनके माथे में घुस गई. उन्हें दर्जनों टांके लगे हैं. चोट की स्थिति देखकर डाक्टर्स ने किसी प्लास्टिक सर्जन डाक्टर से आपरेशन कराने की सलाह दी. इसे ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक सर्जरी के विशेषज्ञ डाक्टर से संपर्क साधा गया.

यह उत्सवी देश परम पीड़ा से गुजर रहा है : यशवंत सिंह

मैंने कई कारपोरेट घरानों के बड़े लोगों से निजी तौर पर बात की. सबको छह माह पहले से पता था कि हजार और पांच सौ के नोट खत्म किए जाने हैं. मुझसे किसी एक ने संपर्क नहीं किया कि उसके यहां करोड़ दो करोड़ काला धन सड़ रहा है, उसे ह्वाइट कर दे. मैंने तमाम संभावित काले धनियों को फोन किया कि अगर कुछ हो तो बताओ, अपन लोगों के पास बहुते एकाउंट है खपाने के लिए, सबने कहा- सब सेटल हो गया.

मोदी तो बेचारे ऐसे फंसे कि पलटी भी नहीं मार सकते… जनता जमकर गरिया रही है गुरु… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : केजरीवाल का आड इवन और मोदी का करेंसी रद्द फैसला इतिहास याद करेगा. दोनों में बड़े लोगों / बड़े चोरों को कोई नुकसान नहीं था. दोनों में आम जन को मुश्किलों का सामना करना पड़ा… केजरीवाल ने तो समय रहते जनता को मूड समझ लिया और आड इवन को रद्दी की टोकरी में डाल दिया.. लेकिन मोदी तो बेचारे ऐसे फंसे कि अब पलटी भी नहीं मार सकते…. जनता जमकर गरिया रही है गुरु… जरा फेसबुक ट्वीटर छोड़ो और बैंकों की तरफ निकलो… उनसे पूछो जिनके घरों में बेटियों की शादियां हैं अगले कुछ दिनों में… उनसे पूछो जो मजदूरी करते थे दुकानों, मकानों, कांस्ट्रक्शन कंपनियों में.. सब ठप पड़ा है… भूखों मरने की नौबत आने वाली है..

करेंसी यूं रद्द करने से देश कैसे आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकता है, समझा रहे हैं भड़ास एडिटर यशवंत सिंह

Yashwant Singh : एक बड़ी आर्थिक मंदी की चपेट में देश आ सकता है. नोट करेंसी रद्द / बंद करने का एक साइडइफेक्ट यह भी आशंकित है. क्या आप बताएंगे या मैं समझाऊं? ध्यान रखिए, मेरी आशंका अंध मोदी विरोध टाइप कतई नहीं है. विशुद्ध आर्थिक कारणों पर आधारित है. नोट बदलने, करेंसी रद्द करने से आर्थिक मंदी की चपेट में देश क्यों आ सकता है, इसके बारे में बताने से पहले कहना चाहूंगा कि आपको दिल दिमाग खोलकर पढ़ना समझना पड़ेगा. थोड़ी देर के लिए मोदी विरोध या समर्थन किनारे कर दीजिए. 

कालेधन पर मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक का सच सुनिए भड़ास के एडिटर यशवंत से

Yashwant Singh : नेताओं और अफसरों का जो विदेशों में काला धन जमा है, वह सबसे बड़ा, सबसे ज्यादा काला धन है, उसे सबसे पहले निकालना चाहिए, उसे रखने वालों का नाम खोलना चाहिए, यह मेरा मत है. उसके बाद सेकेंड फेज में ये करेंसी बदलने वाला काम करना चाहिए.

अभिषेक मानव जैसे मीडिया के प्रोफेशनल बेगर्स से आपका भी पाला पड़ा है क्या!

Yashwant Singh : एक रोज एक फोन आता है. खुद को अभिषेक मानव नामक पत्रकार बता रहा एक शख्स पहले तो मेरी और फिर भड़ास4मीडिया डॉट कॉम की तारीफों के पुल बांधता है. मैं सर सर कहते हुए उन्हें सुनता रहा और थैंक्यू थैंक्यू बोल उनकी हौसलाअफजाई करता रहा. तारीफ सुनना भला किसे अच्छा नहीं लगता. आखिर में वे बोले कि बड़ा मुश्किल में हूं. अभी के अभी चार हजार रुपये चाहिए, आपको अगले बीस दिन बाद जरूर से जरूर लौटा दूंगा. मैंने पूछा इतनी अर्जेंसी क्यों है और आपकी लोकेशन क्या है. वे बोले- दूध वाला खड़ा है, कई महीने से उधार है, बिना लिए जाने को तैयार नहीं है. कोई रास्ता नजर नहीं आया तो आपको फोन किया. उन्होंने अपनी लोकेशन के लिए लक्ष्मीनगर दिल्ली का नाम लिया.

यादव कुल में लातम-जूतम : कहीं आईपीएस अमिताभ ठाकुर और पत्रकार यशवंत सिंह के श्रापों-आहों का असर तो नहीं!

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में भयंकर ड्रामा चरम पर है. सारे चेहरे बेनकाम हो रहे हैं, मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक और शिवपाल यादव से लेकर अखिलेश यादव तक. हर कोई स्वार्थ, लिप्सा और सत्ता की चाहत में किसी भी लेवल पर गिरने को तैयार है. जनता हक्की बक्की देख रही है. उधर, कुछ लोगों का कहना है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर व भड़ास फेम पत्रकार यशवंत सिंह जैसे बहादुर, ईमानदार और सरोकारी लोगों के साथ सपा की इस सरकार के राज में जो जो बुरा बर्ताव किया गया, उसकी आहों व बददुवाओं का असर है कि अखिलेश यादव राज बवंडर में है और यादव कुल के किसी भी व्यक्ति का जीवन शांत नहीं रह गया है.

जानिए, भड़ास के एडिटर यशवंत क्यों करते हैं रावण को नमन!

Yashwant Singh : रावण की आज पुण्यतिथि है. इस मौके पर मैं रावण को सादर नमन करता हूं. रावण को मैं असली योद्धा मानता हूं. आपने झुकने या टूटने की जगह अंतिम दम तक लड़ाई लड़ना पसंद किया और लड़ते हुए प्राण त्यागने को अपना गौरव समझा. कायरों की इस दुनिया में जिनकी थोड़ी-थोड़ी, छोटी-छोटी बातों से फट जाती है, उन्हें रावण से सबक लेना चाहिए कि हर हालत में, चाहें भले ही हार सुनिश्चित हो, मौत तय हो, आपको अपने साहस के साथ डटे रहना चाहिए…

आइए, थोड़ा शरणार्थी हो लें… आइए, थोड़ा शरणार्थीपना जी लें..

Yashwant Singh : शरणार्थी ही तो हैं हम सब. पर मालिक मानकर बैठे हैं. मालिक मानकर अपना सब कुछ पक्का करने में जुटे हैं. पक्की दीवार. पक्का बैंकबैलेंस. पक्का बेटा. पक्की पत्नी. पक्के रिश्ते. सब कुछ पक्का कर रहे हैं. मिट्टी को पका रहे हैं और पक्का कर रहे हैं भविष्य. सब कुछ पक्का करके हम खुद को भी पक्का मान रहे हैं. पर हुआ कहां पक्का. सब कच्चा है. रेत है. भरभरा कर गिर जाता है एक दिन. सब कुछ मिल जाता है, समा जाता है एक दिन. जिसका अंश था, उसी में. फूलों में, पत्तियों में, हवाओं में, पानी में, आसमान में, धरती में… पंच रचित यह अधम शरीरा.

रवीश के इस प्राइम टाइम को देखने के बाद यशवंत ने क्या लिखा FB पर, आप भी पढ़ें

यशवंत

Yashwant Singh : न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया आपको मानसिक रोगी बना सकते हैं। कल बहुत दिन बाद न्यूज़ चैनल खोला तो अपनी पसंद के अनुरूप ndtv प्राइम टाइम रविश कुमार को देखा। मनोरोग सप्ताह मनाए जाने के दौरान ndtv ने प्राइम टाइम में इसी सब्जेक्ट को चुना। इसी कार्यक्रम में रविश ने बताया कि ताजा शोध के मुताबिक दुनिया भर में न्यूज़ चैनल्स लोगों को मनोरोगी बना रहे हैं।

यूपी का शिशु सीएम हर एग्जाम में फेल… जानिए, जनता क्यों नहीं करेगी इन्हें रिपीट…

Yashwant Singh : अखिलेश यादव जैसा बेचारा और धूर्त मुख्यमंत्री खोजे नहीं मिलेगा… बेचारा इसलिए कि खुद कोई फैसला नहीं ले सकते… धूर्त इसलिए कि चोरों और भ्रष्टाचारियों का नेता बन शासन चला रहे लेकिन खुद के बोल ऐसे होते हैं जैसे उनके जैसा इन्नोसेंट कोई दूसरा नेता नहीं. यह धूर्तता ही तो है कि जो आप हो, उसे छुपा कर एक नई लेकिन झूठी छवि निर्मित करने की कोशिश कर रहे हो जिससे जनता भ्रमित होकर बहकावे में आकर वोट दे जाए… सबको पता है कि अगली बार भी सीएम बने तो यही सब चोर उचक्के लुटेरे मंत्री बनेंगे और यही सब काकस घेरे रहेगा… ऐसे में सिवाय एप्प लांच करने और खुद की मार्केटिंग-ब्रांडिंग करने के, दूसरा कोई काम नहीं होगा… हां, जंगलराज इससे भी भयानक रूप में बदस्तूर जारी रहेगा… सारी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए एंड्रायड स्मार्ट फोन देने का जो नारा अखिलेश ने दिया है, वह एक तरह से वोट पाने के लिए रिश्वत देने जैसा है जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल किया जाना चाहिए. आप पांच साल के जंगलराज को एक स्मार्टफोन देकर नहीं ढंक सकते.