आज का दिन यशवंत के लिए क्यों रहा बेहद उदास करने वाला, पढ़ें

Yashwant Singh भड़ास पर किसी किसी दिन खबरें लगाते, संपादित करते, रीराइट करते, हेडिंग सोचते, कंटेंट में डूबते हुए अक्सर कुछ क्षण के लिए लगता है जैसे मेरा अस्तित्व खत्म हो गया है. खुद को खुद के होने का एहसास ही नहीं रहता. आज का दिन ऐसा ही रहा. दिल दुखी कर देने वाली खबरों …

आगरा पहुंचे यशवंत ने गाया- ना सोना साथ जाएगा ना चांदी जाएगी… (देखें-सुनें वीडियो)

Yashwant Singh : आगरा गया था. जमाने बाद. ताज लिट्रेचर क्लब की संस्थापिका Bhawna के न्योते पर. भावना जी आई-नेक्स्ट, कानपुर की लांचिंग के जमाने में ब्रांड और सरकुलेशन के हेड रहे मित्र Vardan की पत्नी हैं. वो घरेलू महिला होते हुए भी घरेलू महिलाओं से अलग हैं. बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं. साहित्य से लेकर अध्यात्म तक और संपादकीय से लेकर टूरिज्म तक पर गहरा पकड़ रखती हैं. उनके पतिदेव और अपने मित्र वरदान जी इन दिनों वेडिंग प्लानिंग का काम देख रहे हैं. उनकी तीन कंपनियां हैं. जाहिर है, भावना इन सबमें उनका हाथ बंटाती हैं. इससे इतर ताज लिट्रेचर क्लब भावना के अपने दिमाग की उपज है.